सोमवती अमावस्या व्रत महत्व व पूजा विधि

सोमवती अमावस्या व्रत महत्व – Somvati Amavasya Vrat Katha Mahatv in Hindi – सोमवती अमावस्या इस दिन को पुराणों में अधिक महत्वता दी गई है ऐसे तो सोमवती अमावस्या आती ही है पर कल कुछ खास हो रहा है तो आईये जाने कल ऐसा क्या होने वाला है.

सोमवती अमावस्या इस दिन स्वार्थ सिद्धि योग का सयोंग भी बन रहा है इस योग में सोमकुंड और शिप्रा में स्नान करने और दान -पुण्य का खास महत्व माना जाता है इस दिन स्नान और पूजा का विशेष महत्व होता है प्राचीन महत्व के अनुसार सोमवती अमावस्या पर स्नान  किया जाता है कहा जाता है की अगर सोमवती अमावस्या सोमवार को  हो तो ये और भी फलदायक होती  है इस बार सोम वती अमवस्या सोमवार को ही पड़ रही है साथ ही इस दिन स्वार्थ सिद्धि योग भी रहेगा।  अमवस्या काल में घाटों पर श्रद्धालुओ द्वारा पितरो की पूजा की जाती है

सोमवती अमावस्या व्रत महत्व व पूजा विधि – Somvati Amavasya Vrat Katha Mahatv in Hindi

सोमवती अमवस्या के दिन व्रत करने की परंपरा भी है इस व्रत को शादीशुदा महिलाएं किया करती है इस व्रत को सुहागिनें अपने पति की लम्बी उम्र की कामनाएं करती है पितृ दोष व काल सर्प योग वालो के लिए इस पूजा का खास महत्व होता है कहा जाता है की पीपल के पेड़ के परिक्रमा करने से जीवन में सुख व शांति आती है पति की लंबी आयु प्राप्त होते है इस दिन मौन व्रत भी किया जाता है इस दिन पूजा पाठ करने से पितृ दोष दूर होता है और और पूर्वजो को मोक्ष की प्राप्ति होती है

इस दिन पूजा के दौरान विशेष मंत्र का उच्चारण करें इस दिन दान – पुण्य करने से पुण्य की प्राप्ति होती है इस दिन तीर्थ स्थलों पर स्नान करने से पापो से छुटकारा मिलता है अगर आप तीर्थ स्थल नहीं जा सकते तो घर पर गंगा जल से स्नान कर हर हर गंगे कहते हुए स्नान करना चाहिए और स्नान आदि से निर्वत हो कर पूजा – पाठ कर  मंदिरो में दान देना चाहिए। इससे आपके पितृ और आपके पूर्वज भी प्रसन्न होते है उनके लिए एक दिया अवश्य जलाये।

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