2000 रुपए के नोट पर लगी होगी नैनो जीपीएस चिप – 2000 Rupee Ke Note Par Lagi Hogi Nano GPS Chips

500 और 1000 के नोटों को अमान्‍य घोषित करने के बाद हर तरफ अफरा-तफरी का
माहौल है। कई ऐसे सवाल है जिसका जवाब अभी तक लोगों को नहीं मिल सका है।
हालांकि घबराने की कोई बात नहीं है क्‍योंकि कल यानी कि 10 नवंबर को सरकार
500 और 2000 के नए नोट बैंक में उतार देगी और आप वहां से अपने पुराने नोटों
को बदल सकते हैं।

कई जगह तो लोगों में 2000 रुपए के नोट को लेकर भी उत्सुकता है। लोग जानना
चाह रहे हैं कि इस 2000 के नए नोट में क्‍या खास होगा। तो आईए आपको बताते
हैं कि 2000 के इस नोट में क्‍या होगा सबसे खास।

 2000 Rupee Ke Note Par Lagi Hogi Neno GPS Chips के लिए चित्र परिणाम
2000 Note Will Have Nano GPS Chip

गवर्नमेंट ने 1000 और 500 रुपए के पुराने नोट बंद कर दिए हैं। इसके
बदले 500 और 2000 रुपए के नए नोट निकाले हैं, जो 10 नवंबर से मार्केट में आ
जाएंगे। मार्केट में ऐसी खबरें हैं कि नए नोट में एक नैनो GPS चिप लगी है,
जिसकी मदद से इन्हें ट्रैक किया जा सकता है। हालांकि, इस बात में किसी तरह
की सच्चाई नहीं है। RBI ने भी ऐसी किसी बात का जिक्र नहीं किया है। कहां से फैली चिप की अफवाह…

RBI
द्वारा 1000 और 500 रुपए के नए नोट को लॉन्चिंग के बाद मार्केट में कई
उससे जुड़ी कई बातें सामने आने लगी। ट्विटर पर स्वामी ब्रह्मचित्त ने एक
ट्विट किया कि नए नोट में NGC (नैनो जीपीएस चिप) लगी होगी जिसे ट्रैक किया
जा सकता है। इसके बाद ट्विटर पर नोट में चिप लगी होने की अफवाह तेजी से
फैलने लगी।
 
ये था स्वामी का ट्वीट :
Swami Brahmachitt @Brahmachitt
Every Rs2000 currency note is embedded with a NGC(Nano GPS Chip) which
can b tracked. Plz do a Google search abt NGC. It’s #BlackMoney
 
काला धन से निपटने के लिए सरकार जो 2000 का नया नोट ला रही है उसपर नैनो
जीपीएस (GPS) चिप लगी होगी। इस चिप से नोट का लोकेशन पता लगाया जा सकेगा।
आपको बता दें कि नैनो जीपीएस चिप एक सिग्‍नल रिफलेक्‍टर की तरह काम करता
है। सैटेलाइट से सिग्‍नल छोड़ने पर एनजीसी से रिफलेक्‍ट होगा जिससे लोकेशन
का पता आसानी से चल जाएगा।
लड़कियां ले रही थी सेल्फी, दिखा भूत

जमीन के अंदर भी होगा नोट तो भी चल जाएगा पता
सैटेलाइट
सिग्‍नल से पता चलेगा कि किसी खास लोकेशन में कितने नोट हैं। आप जानकर दंग
रह जाएंगे कि अगर 2000 का नोट जमीन के भीतर 120 मीटर गहरे गड्ढे में भी
होगा तो भी यह सिग्‍नल पकड़ेगा। अगर आप चाहेंगे कि आप जीपीएस चिप को निकाल
दें तो भूल जाईए क्‍योंकि नोट को नुकसान किए बिना चिप को निकाल पाना संभव
नहीं होगा।
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क्या है GPS?
GPS
(ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) एक उपग्रह प्रणाली पर काम करता है। GPS
टेक्नोलॉजी उपग्रहों द्वारा भेजे गए मैसेज पर काम करती है। इस टेक्नोलॉजी
का ज्यादातर इस्तेमाल मोबाइल फोन में किया जाता है। इसकी मदद से यूजर कहीं
का भी मैप ओपन कर सकता है। ड्राइविंग के दौरान GPS से काफी मदद मिलती है।
इतना ही नहीं, GPS से किसी को ट्रैक भी किया जा सकता है।

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