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हमेशा खुश रहने के तरीके | Hamesha Khush Rehne Ke Tarike In Hindi

 Friends, खुश  रहना  मनुष्य  का जन्मजात  स्वाभाव  होता  है . आखिर  एक  छोटा  बच्चा  अक्सर  खुश  क्यों  रहता  है ? क्यों  हम  कहते  हैं  कि  childhood days life के  best days होते  हैं ? क्योंकि  हम  पैदाईशी  HAPPY होते  हैं ;  पर  जैसे -जैसे  हम  बड़े  होते  हैं  हमारा  environment,  हमारा समाज  हमारे  अन्दर  impurity घोलना  शुरू  कर  देता  है ….और  धीरे -धीरे  impurity का  level इतना  बढ़  जाता  है  कि  happiness का  natural state sadness के  natural state में  बदलने  लगता  है .
  
हमेशा खुश रहने के उपाय (Khush Rehne Ke Tarike In Hindi)
पर  ऐसा  सबके  साथ  नहीं  होता  है  दुनिया  में  ऐसे बहुत से  लोग  हैं  जो  अपनी  Happy रहने  की  natural state को  बचाए  रख  पाते  हैं  और  Life-time खुशहाल  रहते  हैं .

 तो  क्या  ऐसे  व्यक्ति  हमेशा  खुश  रहते  हैं ?  नहीं , औरों  की  तरह  उनके  जीवन  में  भी  दुःख-सुख  का  आना  जाना  लगा  रहता  है ,  पर  आम तौर  पर  ऐसे  व्यक्ति  व्यर्थ की   चिंता  में  नहीं  पड़ते और  अक्सर  हँसते -मुस्कुराते  और  खुश  रहते  हैं .

तो  सवाल  ये  उठता  है  कि  जब  ये  लोग  खुश  रह  सकते  हैं  तो बाकी  सब  क्यों  नहीं ?आखिर उनकी ऐसी कौन सी आदतें हैं जो  उन्हें दुनिया भर की टेंशन के बीच भी खुशहाल बनाये रखती हैं ? आज  इस  लेख  के  जरिये  मैं  आपके  साथ  खुशहाल लोगों की 4  आदतें share करने जा रहा हूँ  जो  शायद  आपको  भी  खुश  रहने  में  मदद  करें .तो  आइये  जानते  हैं उन चार आदतों को : 

1.) सूर्योदय से पहले उठने के कई फायदे है Advantage of Waking Up Early :-
मैडिटेशन, योग और व्यायाम के लिए अच्छा समय मिल जाता है|
रचनात्मकता (Creativity) बढती है|
एक सकारात्मक (positive) एंव अच्छी शुरुआत होती है
दिन के लिए लक्ष्य बनाना|
आयुर्वेद (ayurveda) के अनुसार सूर्योदय से पहले बहने वाली वायु अमृत के समान होती है जिससे हमारे शरीर में एक नई उर्जा का संचार होता है|
प्रकृति के अद्भुत नज़ारे का अनुभव
पूरे दिन के कार्यों के लिए मानसिक रूप तैयार होना|
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2.) ध्यान, योग एंव व्यायाम (Meditation, Yoga and Exercise):- मैडिटेशन एंव योग से हम मानसिक एंव शारीरिक रूप से स्वस्थ रहते है| मैडिटेशन एंव योग से शारीरिक रोगों (physical infections) के साथ साथ हमारे मानसिक विकार भी दूर होते है और हम मानसिक रूप से सक्षम बनते है| यह प्रमाणित तथ्य है कि मैडिटेशन एंव योग से सारे तनाव दूर किये जा सकते है| जो व्यक्ति नियमित रूप से योग (Yoga) करता है, उसकी आतंरिक शक्तियां जागृत हो जाती है जिससे वह हर प्रकार की परिस्थिति का सामना कर सकता है|
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3.) वर्तमान में जिएँ (Live in Present):- वैज्ञानिकों (scientists) के अनुसार ज्यादातर लोगों का 70% से 90% तक समय भूतकाल, भविष्यकाल एंव व्यर्थ की बातें सोचने में चला जाता है|

अगर हम अपनी समस्याओं और तनाव (depression) के कारणों का विश्लेषण करेंगे तो पायेंगे कि हमारे 90% तनाव का कारण भूतकाल में या भविष्यकाल में है| इसका मतलब यह है कि वर्तमान में हमें कोई समस्या नहीं है और हमारे तनाव का कारण या तो भूतकाल की कोई घटना है या भविष्यकाल का डर|
अगर तनाव का कारण भूतकाल है तो अब उसका तो कुछ किया नहीं जा सकता इसलिए व्यर्थ में तनाव लेकर हम अपने ही दिमाग में वायरस (virus) छोड़ रहे है|
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और अगर तनाव का कारण भविष्यकाल का कोई डर है तो उसका भविष्य तो वर्तमान ही तय करेगा इसलिए अगर हम वर्तमान में जियेंगे तो भविष्य अच्छा ही होगा और अगर हम बार बार उस डर से डरते रहेंगे जो अभी तक पैदा ही नहीं हुआ तो फिर हम अपना वर्तमान ख़राब कर देंगे और हमारा यही वर्तमान हमारा भविष्य ख़राब कर देगा|

इसलिए हमें वर्तमान में ही रहना चाहिए और इसे best बनाना चाहिए क्योंकि न तो भूतकाल एंव न ही भविष्यकाल पर हमारा नियंत्रण है|

“अगर खुश रहना है एंव सफल होना है तो उस बारे में सोचना बंद (stop thinking) कर दें जिस पर हमारा नियंत्रण न हो”
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4.) वह करिए जो आपको पसंद हो :- दिन में कम से कम एक घंटा कुछ ऐसा करें जो आपको पसंद हो जैसे खेलना, संगीत सुनना (listening music) या लिखना| ऐसे कार्य आपको एक नयी उर्जा प्रदान करते है और आपको रिचार्ज कर देते है| अगर संभव हो तो हमें अपने करियर को इसी दिशा में मोड़ देना चाहिए|
हमें अपना करियर उसी क्षेत्र में बनाना चाहिए जिसमें हमारी रुचि हो| अगर हम ऐसे क्षेत्र में कार्य कर रहे है जिसमे हमारी रुचि नहीं है, तो हमारे पास दो विकल्प है:-

    या तो अपने कार्यक्षेत्र को बदल दो और करियर उस क्षेत्र में बनाओ जिसमें हमारी रुचि हो
    और अगर ऐसा संभव न हो तो वर्तमान कार्य को अपनी रुचि बना लो

अगर हम दोनों में से एक भी विकल्प नहीं अपनाते और ऐसे कार्य करते रहते है जिसमें हमारा मन नहीं लगता तो हम कभी भी अपना 100% नहीं दे पाते और ज्यादातर समय बर्बाद कर रहे होते है|
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