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सावधान !! आपका डेबिट कार्ड खतरे में है | Savdhan Aap Ka ATM Card Khatre Me Hai


क्या एटीएम के नए मायने गढ़ने होंगे? क्या इसे एनी टाइम मुसीबत कहा जाएगा? क्या आपका एटीएम कार्ड सेफ है? हम ये सवाल इसलिए पूछ रहे हैं क्योंकि देश में सबसे बड़े बैंकिंग डाटा चोरी का मामला सामने आया है। जी हां आशंका है कि 32 लाख लोगों के एटीएम कार्ड के पिन चोरी हो गए हैं। निशाने पर कोई एक नहीं, कई बैंक हैं.. एसबीआई, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, यस और एक्सिस बैंक सबके खाताधारकों को डर लग रहा है।

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 सावधान !! आपका डेबिट कार्ड खतरे में है । 32 Lakh Debit Cards Compromised
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डर इतना पुख्ता है कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने 6.25 लाख डेबिट कार्ड ब्लॉक कर दिए हैं। अब सवाल ये है कि डाटा चोरी हुआ कैसे? अब बैंक क्या करेंगे? और सबसे बड़ी बात कैसे आप ऐसे हमलों से सुरक्षित रह सकते हैं। हम आपको यही समझाने की कोशिश कर रहे हैं।

भारत में फाइनेंशियल डाटा चोरी का सबसे बड़ा मामला सामने आया है। चीन में गैरअधिकृत ट्रांजैक्शन की कई शिकायतें मिली हैं। बताया जा रहा है कि 32 लाख डेबिट कार्ड का पासवर्ड बदला जा सकता है। बैंक कंज्यूमर को नए डेबिट कार्ड भी दे सकते हैं। इन डेबिट कार्ड में से करीब 26 लाख वीजा और मास्टर कार्ड के हैं, जबकि 6 लाख कार्ड रुपे के हैं। हिताती के पेमेंट सिस्टम में खामी से गड़बड़ी की आशंका है।
वहीं इस पर वित्त राज्यमंत्री संतोष गंगवार का कहना है कि बैंकों से सारी जानकारी ली जा रही है। उसके बाद ही वो कोई टिप्पणी कर सकते हैं। साथ ही डेटा चोरी होने की खबर के बाद बैंकों की प्रतिक्रियाएं भी आने लगी हैं। यस बैंक ने सफाई जारी करते हुए कहा है कि बैंक के एटीएम में कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई है। इधर एचडीएफसी बैंक ने कहा है कि उन्होंने ग्राहकों से कहा है कि वो एचडीएफसी बैंक के अलावा दूसरे एटीएम के इस्तेमाल से बचें। बैंक ने अपने ग्राहकों से समय-समय पर पिन नंबर बदलने की अपील की है।
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 यस बैंक के एमडी और सीईओ, राणा कपूर ने कहा है कि उनके बैंक के सिस्टम में कोई खामी नहीं है लेकिन वो सारे एहतियात उठा रहे हैं। वीजा ने कहा है कि कंपनी के पास फिलहाल घरेलू डेबिट एटीएम ट्रांजैक्शन नहीं है। वीजा और उसके पार्टनर्स जांच में सहयोग कर रहे हैं। मास्टरकार्ड ने कहा कि हमारा सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित है, लेकिन सबके साथ मिलकर सतर्कता और जांच जरूरी है।
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हम आपको बता रहे हैं कि इस तरह के फ्रॉड से कैसे बचना चाहिए। बैंकों के ज्यादातर ट्रांजैक्शन ऑनलाइन होते हैं, ऐसे में हैकर्स के लिए बैंकिंग सिस्टम आसान टार्गेट होता है। डेबिट कार्ड का पिन नंबर मिलने के बाद इसे तुरंत बदलें और समय-समय पर पिन बदलते रहें। किसी के साथ पिन नबंर शेयर न करें और किसी भी तरह के संदेहास्पद स्थिति में शक होने पर बैंक या पुलिस से संपर्क करें। एटीएम छोड़ते वक्त कैंसिल बटन जरूर दबाएं। अपने मोबाइल फोन में पिन सेव करके न रखें। एक से ज्यादा अकाउंट्स के लिए एक ही पिन न रखें।

बैंक खाते के ट्रांजैक्शन को चेक करते रहें। ट्रांजैक्शन के मैसेज चेक करें और ई-मेल भी देखें। हो सकता है कि आपके कार्ड की क्लोनिंग भी हो सकती है। अगर आपको लगता है कि आप फंस गए हैं, तो तुरंत बैंक से संपर्क करें और अपना डेबिट कार्ड बदलें। नए डेबिट कार्ड का पिन तुरंत बदलें। बैंकिंग लोकपाल और पुलिस को शिकायत दें।
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स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने अपने 6.25 लाख ग्राहकों के एटीएम कार्ड ब्लॉक कर दिए हैं। बैंक का कहना है कि थर्ड पार्टी एटीएम पर हुए संदेहास्पद ट्रांजैक्शन के चलते  ग्राहकों की सुरक्षा के लिए ये कदम उठाया गया है। एसबीआई के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक सूचना मिली थी कि कुछ ग्राहक वायरस प्रभावित एटीएम का उपयोग कर रहे हैं। ग्राहकों को बिना कोई पूर्व सूचना दिए बैंक ने ये कदम उठाया लेकिन कार्ड ब्लॉक होने के बाद ग्राहकों को ई-मेल भेजकर नए कार्ड के लिए अप्लाई करने को कहा गया। ब्लॉक किए गए कार्ड्स में स्टेट बैंक ऑफ मैसूर, स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर, स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर और स्टेट बैंक ऑफ पटियाला के एटीएम कार्ड भी शामिल हैं।
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