रूस अब देगा पाकिस्तान का साथ, क्योंकि भारत 5वें जनरेशन प्रोजेक्ट से हुआ अलग

दोस्तों आज हम आपको बताएंगे, कि भारत और रूस के बीच प्राचीन समय से ही सकारात्मक संबंध चलते आ रहे हैं, लेकिन अब भारत के द्वारा रूस के हितों पर ध्यान देने वाली मीटिंग की सजा भारत को भुगतनी पड़ सकती है, क्योंकि दोस्ती कभी भी दुश्मनी नहीं बदल सकती है।



यह कहा जा सकता है, कि भारत एक ऐसा देश है, जो रूस से सबसे ज्यादा हथियार खरीदता है, लेकिन स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट के अनुसार 2000 से 2014 मैं भारत ही एक ऐसा देश था, जो सबसे ज्यादा संख्या में हथियारों का आयात करता था। यह मुख्यतः रूस से ही खरीददार था। उस समय भारत के लगभग 75% हथियार रूस के द्वारा बनाए गए थे। 2017 तक के आंकड़ों के अनुसार भारतीय आदर्शों का कुल पोर्टफोलियो 4 बिलियन डॉलर से भी अधिक हो चुका है।


भारत एक ऐसा देश है, जो इजराइल यूरोप के देशों तथा संयुक्त राष्ट्र अमेरिका से भी हथियार खरीदना चाहता है और अमेरिका के द्वारा मास्को और दिल्ली के बीच बने हुए रक्षा सहयोग को खत्म करने का काम किया जा रहा है। भारत के पास रूस के द्वारा बनाए गए हथियार मौजूद है। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के अनुसार भारत और रूस के द्वारा पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान का निर्माण किए जाने का कार्य प्रगति पर है।



भारतीय वायु सेना के द्वारा यह कहा गया है, कि अमेरिका के विमान f-22 और f-35 की बराबरी करने वाला विमान एफजीएफए द्वारा नहीं बनाया जा सकता। यह फैसला भारतीय वायु सेना के द्वारा विभिन्न पहलुओं पर गहन अध्ययन के बाद लिया है।

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