भयानक बीमारियों का काल है ये दिव्य फल, देवता भी करते हैं इसका सेवन



दोस्तों आज के लेख में हम आपको एक ऐसे फल के बारे में बताने जा रहे है जो हमारे शरीर की कई बीमारियों को पलभर में जड़ से नष्ट कर देता है। ये फल सैकड़ों औषधीय गुणों से भरपूर है। इस फल का नाम गूलर। ऐसा कहा जाता है कि गूलर के पेड़ पर देवताओं का वास होता हैं। जिस कारण ही अधिकतर ​मंदिरों में आपको गूलर के पेड़ नजर आ जाऐगे।

बता दे कि गूलर कच्चे फल हरे रंग के और पके फल लाल रंग के होते है। गूलर के वृक्ष के सभी अंगो में दूध भरा होने के कारण किसी भी धारदार चीज से कटे स्थान पर दूध निकलने लगता है। गूलर का पेड़ सारे संसार मे बहुत प्रसिद्ध है। पके हुए गूलर की सब्जी बनायी जाती है। आज हम आपको गूलर के आयुर्वेदिक फायदों के बारे में और इस्तेमाल करने की विधि के बारे में बताने जा रहे है।

जो लोग मधुमेह यानि की डायबिटीज से ग्रसित हैं वह पानी के साथ गुलर के फल को पीस लें और इसका सेवन नियमित करें। कुछ ही दिनों में आप इस बीमारी से मुक्त हो जाएगें।

दंत रोग में हमें गूलर के 2-3 फल पानी में उबालकर काढ़ा बनाकर इसके काढ़े से कुल्ला करना चाहिए। इससे हमारे दांत व मसूढ़े स्वस्थ तथा मजबूत रहते है।

गूलर के नियमित सेवन से शरीर में पित्त एवं कफ का संतुलन बना रहता है। पित्त रोगों में इसके पत्तों के चूर्ण का शहद के साथ सेवन भी फायदेमंद होता है।
दोस्तों कमेंट करके बताएं कि आपको हमारी पोस्ट कैसी लगी साथ ही बताएं कि इस चीज को आपके शहर में किस नाम से जाना जाता है।

No comments:

Powered by Blogger.