जरूर पढ़े – अंहकार और स्वार्थ में क्या अंतर है – Vipin Pareek Motivational Articles in Hindi

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जरूर पढ़े – अंहकार और स्वार्थ में क्या अंतर है – Vipin Pareek Motivational Articles in Hindi

दोस्तों आज की इस पोस्ट में हम आपके लिए एक बहुत ही गंभीर विषय लेकर आए है। जिसे जानने के बाद ना केवल आपकी life चेंज हो जाएगी बल्कि लोगो को देखने का आपका नजरिया भी बदल जाएगा।

दोस्तों सबसे पहले तो में विपिन पारीक आप सभी का आपकी अपनी प्यारी मधुशाला में स्वागत करता हूँ। और मुझे यह बताने में बहुत ख़ुशी है की आप सभी के प्यार और स्नहे के कारण हम प्रतिदिन नए – नए विषयो पर नई – नई पोस्ट ला रहे है। आप सभी का प्यार ऐसे ही बनाए रखें।

अब बात करते है अहंकार ( घमंड ) और स्वार्थ के बारे में, दरसल हम इस भेद को समझ नहीं पाते क्योकि दोनों की प्रतिक्रिया समान सी होती है और हम बेवजह बोल देते है की उस व्यक्ति में अंहकार बहुत है। पर क्या आप जानते है इन दोनों में उतना ही अंतर है जितना पृथ्वी और आकाश में जी हाँ दोस्तों यह बात बिल्कुल सत्य है। आईये जानते है कैसे ?

एक व्यक्ति को अकेले रहकर अपना काम करना पसंद है। या पढ़ना पसंद है। अगर बहुत से व्यक्ति या उसके दोस्त उसके पास हर समय रहे तो उस से वह कार्य नहीं होगा इस लिए क्या तो वो उनको अपने से दूर कर देगा या स्वम उनसे दूर चला जाएगा। अब जिनसे वह दूर हुआ है वह व्यक्ति बोलेंगे की उसमे घमंड बहुत है। अब आप ही सोचो क्या यह कहना उचित है ?

नहीं समझे तो दूसरी परिभाषा भी है हमारे पास आइए विस्तार से जाने – मान लो एक व्यक्ति अपने लिए कुछ करना चाहता है अपने परिवार के लिए अपने दोस्तों के लिए अपने काम के लिए और साथ में वह किसी के साथ प्रतियोगिता भी नहीं कर रहा की मुझे इस से आगे निकलना है या इस को पीछे छोड़ना है इन सभी बातो पर उसका कोई ध्यान नहीं है हाँ बस उसके मन में एक आग है की अपने लिए कुछ करना है और वो किसी से कुछ बोले बिना दिन रात अपने काम पर ध्यान देता है की कभी तो सफल हो ही जाउगा आज नहीं तो कल तो मेरे लिए अच्छे दिन आएंगे ही।

अब इसी को ही उसके परिवार वाले या मित्र सभी यह समझ लेते है की वो जल्दी से हम से बात नहीं करेगा उसमे बहुत घमंड है क्या यह कहना उस व्यक्ति के लिए उचित है, जी नहीं इसमें उसका अहंकार बिल्कुल भी नहीं है पर फिर भी आप उसे नहीं समझे तो उसमे अहंकार जन्म ले सकता है क्योकि वो आज इतनी मेहनत कर रहा है कभी ना कभी तो सफल होगा ही और जिस दिन होगा उस दिन उसके अंदर आपके प्रति अंहकार जरूर होगा आजमाकर देख लेना यह बिल्कुल सत्य है।

अब बात यह है की हम अंहकार को कैसे जाने तो दोस्तों बता दू की जिसके पास कुछ भी हासिल नहीं है जिस पर वो अंहकार करें तो समझ लेना यह उसका अंहकार नहीं स्वार्थ है , वो मेहनत कर रहा है करने दो, उस से लड़ाई कर नई दुश्मनी मोल मत लो। बल्कि जितनी हो सके उसकी साहयता करों। उसे प्रेम दो

अहंकार तो जन्म जात भी हो सकता है दोस्तों अगर कोई पैसो का धनी है तो उसे अपने रुपयों का अहंकार है। कोई ज्ञान का महारथी है तो उसे अपने ज्ञान पर घमंड है। तो कोई सुंदरता पर घमंड करता है पर यह बात अवश्य ध्यान रखना, जिसके पास कुछ भी पाने को शेष नहीं, जो लुटाना जानता हो, वह अपने आपके लिए, अपने परिवार के लिए, अपने देश के लिए, स्वार्थी हो सकता है पर उसे घमंडी मत समझ लेना, जरा विचार करना इस बात पर देखने में दोनों एक जैसे लगते है पर दोनों में दिन रात का अंतर है।

एक अंहकारी व्यक्ति हमेशा दूसरे को निचा दिखाने की कोशिश करता है वह सोचता है बस में ही सबसे बड़ा हूँ मुझ जैसा कोई नहीं पर इससे विपरीत है एक स्वार्थी व्यक्ति, वह सोचता है की मुझे यह मिले वो मिले उसके भरोसे दुनियाँ चाहे कुछ भी करें, कोई उस से आगे जाए या पीछे रहे, उसे किसी से कोई मतलब नहीं बस उसको अपना लक्ष्य दिखता है, वो कभी – कभी तो लक्ष्य के चक्र में इतना खो जाता है की वो स्वम को भी भूल जाता है यह है असली स्वार्थी, जी हाँ यह सत्य है दोस्तों, एक स्वार्थी व्यक्ति कभी – कभी इतना स्वार्थी हो जाता है की वो स्वम को भी भूल जाता है और लोग समझते है उसको घमंड है।

असल में उस बेचारे को भी नहीं ज्ञात होता की वह सोचता है मेरे पास तो अभी कुछ नहीं और लोग मुझे इस नजर से क्यों देखते है मानो मेने क्या ही कर दिया। दरसल बात यह है की हम उस पर अपना अहंकार थोपते है और उसे जैसा हम उसके बारे में सोचते है वैसा उसे बनाने को मजबूर कर देते है। तो दोस्तों इस पर जरूर विचार करे और सोचे की आपमें क्या छुपा है अंहकार या स्वार्थ क्योकि अगर इनकी सही जानकारी आपको नहीं है तो दोनों ही आपके लिए बहुत खतरनाक है।

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One thought on “जरूर पढ़े – अंहकार और स्वार्थ में क्या अंतर है – Vipin Pareek Motivational Articles in Hindi

  • February 23, 2018 at 7:22 PM
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