अंजनी माता का मंदिर

Anjani Mata Ka Mandir Salaser – Anjani Mata Temple – जय श्री सालासर बालाजी – Shri Salasar Balaji Temple –  जय माँ अंजनी माताजी – अंजनी माता का मंदिर सालासर में स्थित अंजनी माता का प्रसिद्ध मंदिर केवल राजस्थान ही नहीं पूरे भारत के श्रद्धालुओं का प्रमुख तीर्थस्थल है। श्री अञनी माता का मन्दिर सालासर धाम से लक्षमनगढ जाने वाली रोड पर लगभग दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस मंदिर में माँ की जो मूर्ति स्थापित है उसमें हनुमानजी अपने बालरूप में माता की गोद में बैठे हैं। अपने चतुर्भुजी आदमकद रूप में अंजनी माता शंख और सुहाग-कलश धारण किए हैं यहां एक साथ ही बालाजी हनुमान और उनकी माँ अंजनी की पूजा- अर्चना की जा सकती है।

अंजनी माता का मंदिर – Anjani Mata Ka Mandir Salaser

कहते है कि जो सालासर आकर इन दोनों की सच्चे मन से पूजा- अर्चना करता है। उसकी प्रत्येक मनोकामना पूरी होती है। मन्दिर के संस्थापक श्री पन्नारामजी पारीक थे। इनकी पत्नि का युवावस्था में निधन हो गया। फ़िर वह प्रयाग चले गये और वहाँ गंगा तट पर ध्यान व पूजन अर्चन करने लगे। एक दिन हनुमानजी ने उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर, स्वप्न में दर्शन दे कर आदेश दिया कि तुम मेरे धाम सालासर आ जाओ।

सालासर धाम में वह परोपकारी भावना से प्रेरित होकर पथिकों को शीतल जल पिलाकर उनकी थकान को मिटाने लगे। साथ ही वे अंजनीनन्दन व अंजनीमाता की सेवा भक्तिभाव से करते हुये उनके ही ध्यान में निमग्न रहने लगे। सन्१९६३ में सीकर नरेश ने पन्डित जी के कहे अनुसार मन्दिर का जीर्णोद्धार कराया। अंजनी माता मंदिर की विशेष प्रसिद्धि सुहागन स्त्रियों और नवविवाहितों की मनोकामना सिद्धि लिए है। सुहागन स्त्रियां यहां आकर अपने वैवाहिक और पारिवारिक जीवन की सफलता के लिए नारियल और सुहाग चिन्ह चढ़ाती हैं।

दूर-दूर से लोग विवाह का पहला निमंत्रण पत्र मंदिर में जमा करते हैं। ताकि अंजनी माता की कृपा से न केवल विवाह सफल हो बल्कि नवविवाहित को सभी प्रकार का सुख मिले।जय माता अंन्जनी जय श्री सालासर बालाजी श्री सिद्धपीठ सालासर धाम में श्री बालाजी महाराज की माँ अंन्जनी माता जी मंदिर के दर्शन

श्री अंजनी माता की आरती – ॐ जय अंजनी माता, मैया जय अंजनी माता। कपि केशरी महारानी, हनुमत की माता।। टेरा।। चार भुजा अति सुन्दर, शीश मुकुट सोहे, मैया शीश… गल मोतियन की माला, दर्शन मन मोहे।। ¬ जय…. आदि कुमारी माता, शक्ति जगदम्बा, मैया शक्ति… उमा रमा ब्रह्माणी, त्रिभुवन जन अम्बा।।¬ जय…. पन्नाराम सुखदाता, जिन पर कृपा करी। मैया जिन…रचना रचिर रचाई, सालासर नगरी।।¬ जय…. सिद्ध पीठ यह मातु, हरि की नामकरण कीन्हा, मैया नामकरण….. भजनी दास तिहारो, तिन को वर दीन्हा।। ¬ जय…. यह आरती माता जी की जो कोई जन गावे, मैया जो कोई… कपि ही कृपा से जग में, सुख समृद्धि पावे।। ¬ जय…. बोलो अंजनी माता जी की जय बाला साहब की जय सालासर के धणी की जय सच्चे दरबार की जय रोट्या क देवाळ की जय

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