बेटी का रिश्ता करने से पूर्व इन बातों का ध्यान अवश्य रखें – Beti Ka Rishta Karne Se Pehle

बेटी का रिश्ता करने से पूर्व इन बातों का ध्यान अवश्य रखें – Beti Ka Rishta Karne Se Pehle in Bato Ka Dhyan Rkhe

बेटी के विवाह योग्य होते ही माता – पिता अपनी बेटी के लिए योग्य वर तलाशने में लग जाते है। अनेक बार ऐसा होता है की सगे संबन्धीयो के दबाब या जल्दीबाजी के कारण बेटी को आपकी अदूरदर्शिता का खामियाजा भुगतना पड़ता है।
आज में आपको इस पोस्ट के माध्यम से यह बताउगा की आपकी लाड़ली का रिश्ता तय करने से पूर्व आपको किन – किन बातों का विशेष ख्याल रखना है।

सबसे पहले तो आप अपनी लाड़ली की पसंद नापसंद की जानकारी ले एवं उसी के अनुरूप वर देखें।

अपनी बेटी के लिए उसके जैसा ही वर तलाशें जिसका रंग रूप, कद एवं स्वास्थ्य उसी अनुरूप हों। नहीं तो बेमेल रिश्ते से आपकी बेटी कुंठित रहेंगी।

ऐसे लड़के को कभी अपनी बेटी के वर के रूप में ना चुनें जिसमें कोई भी गुण न हो। अवगुणी लड़के कभी सफल नहीं हो सकते चाहे वो कितने भी सुंदर या पैसे वाले हो या उनका कितना भी रुतबा क्यों ना हो अगर लड़के में गुण नहीं तो वो कभी भी यह सब गवा सकता है। और अगर लड़के में कोई भी गुण है तो फिर चाहे वह कितना भी गरीब हो एक दिन सफल हो ही जाता है और अपना रुतबा बना ही लेता है।

अपनी लाड़ली का रिश्ता करते वक्त इस बात का भी ध्यान रखें की लड़के की शैक्षिक योग्यता क्या है। वह पढ़ा लिखा कितना है अगर लड़का आपकी बेटी से अधिक नहीं तो बराबर पढ़ा – लिखा तो अवश्य होना चाहिए। पति – पत्नी का बौद्घिक, शैक्षणिक स्तर की समानता वैचारिक मतभेद नहीं उभरने देगी। इस लिए आप इस बात का भी अवश्य ध्यान रखें।

आपकी लाड़ली जिस घर जाएगी क्या वह परिवार या वह लड़का समाज में अपनी बौद्धिक औपचारिकता रखता है या नहीं। रिश्ता करने से पहले परिवार के स्तर की भी छानबीन अवश्य कर लेनी चाहिए। एवं परिवार से ज्यादा आपको लड़के के बारे में जानना आवश्यक है। लड़के के व्यवहार के बारे उसके कार्य के बारे में आदि।

रिश्ता भारतीय मूल के विदेशी से करने जा रहे हैं, तो उपरोक्त बातों के अलावा उस देश में भारतीय एम्बेसी से उसके बारे में जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।

आपकी लाड़ली आपके द्वारा चुने गए लड़के के साथ पूरी जिंदगी गुजरती है। उसके विश्वास को ठेस न पहुंचे इसकी भौतिक और नैतिक ज़िम्मेदारी आप पर है। वैसे कोई माता – पिता अपने बच्चों के लिए बुरा नहीं चाहता पर कभी – कभी माता – पिता की जिद के कारण बेटी को पूरी उम्र कठिनाइयो में निकालनी पढ़ती है। इस लिए आप निर्णय लेने से पहले एक बार अपनी लाड़ली से अवश्य पूछ ले एवं उसकी भी बात माने। एवं अपनी बेटी की शादी को बोझ न समझे। ” वह ख़ुशनसीब है जिनके घर बेटियाँ पैदा होती है ” !!

अपने माँ – बाप की कमाई के सहारे जीवन यापन करने वाले व बेरोजगार युवक से अपनी पुत्री का रिश्ता नहीं जोड़ना चाहिए। बेरोजगार पति पारिवारिक आवश्यकता की पूर्ति नहीं कर पाता जिससे गृह क्लेश की संभावनाएँ बलवती होती हैं।

बेटी का रिश्ता अपने स्तर के परिवार में ही करें। दोनों परिवारों के स्तर में उन्नीस – बीस का अंतर तो चल सकता है, अधिक नहीं। बहुत ऊँचे या बहुत नीचे स्तर के साथ रिश्ता जोड़ने से दोनों परिवार दुःखी रहते हैं। आप अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभाएँ…

मधुशाला की यह पोस्ट पढ़ने के लिए धन्यवाद। अगर आप चाहते हो की सभी बेटियों को उनका परिवार अच्छा मिले तो इस पोस्ट को कृपया शेयर जरूर करें। ज्यादा नहीं आपका एक शेयर काफी है। आपके द्वारा शेयर करने पर सभी माता – पिता तक यह जानकारी पहुंचेगी की वह अपनी लाड़ली का रिश्ता सिर्फ रुपये पैसे या मान समान देख कर ना करें बल्कि लड़के की काबिलियत एवं लड़के के गुण देख कर रिश्ता तय करें।

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