गणेश भजन हिन्दी लिरिक्रस

श्री विघ्न निवारण मंगल करण गणनायक गणराज

शरण पड़ा हूं आपकी आय सुधारों का आज

जय श्री गणपति जी दातार रिद्धि सिद्धि दोनों नार ………

आओ आंगड़िया में आई जो प्यारा गणपत जी…..

मस्तक पर मुकुट विराजे गल पुष्पन की माला

एकदंत  विराजे ओ गिरिजा के लाला

थेतो रिमझिम करता आइजो प्यारा गणपति जी

ओ म्हारा गणपति जी गजानंद आनंद के दाता जय हो मंगलकारी

गुड मोदक थारे भोग लगाते है

मूसक से की सवारी

म्हारा गणपति है थे तो आकर भोग लगाए ओ प्यारा गणपत जी……

ओ म्हारा गणपत जी

गणेश भजन हिन्दी लिरिक्रस ( Ganesh Bhajan Hindi Lyrics )

विघ्न हरण निवारण मंगल करण बुद्धि भाग्य विधाता जो कोई गणपत ने सुमरे रिद्धि सिद्धि धन पाता

मारा आकर कष्ट मिटाए जो जी प्यारा गणपति जी ओ म्हारा गणपत जी नाम जपे अब गणपति जी का बेड़ा पार लगावे

में सिमरु गणपति गणपति, गजानंद का हरदम ध्यान लगावे

हमारा प्यारा गणपत जी म्हारे अंगना में आई जो प्यारा गणपत जी

जय श्री गणपति दाता रे थारी रिद्धि-सिद्धि दोनार…………………………………………………

गजानंद आनंद परसदा निराल भेस पहली सुन रे गोरी पुत्र गणेश

श्री गजानन महाराज लाज रख मेरी लाज रख मेरी प्रभु से …..

सारा पहली सुमरो कष्ट हर विधाता रे सदा भवानी दाहिनी सन्मुख रहे गणेश पांच देव रक्षा करो ब्रह्मा विष्णु महेश, श्री गणपति जी दातार मेरे घर आवो जी आवो ला थारी रिद्धि सिद्धि दोनार………………

आओ आंगड़िया में आई जो प्यारा गणपत जी…..

 

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