गणेश्वर धाम : सीकर – जानिए चमत्कारी झील का राज

Ganeshwar Civilization History in Hindi राजस्थान का एक ऐसा मंदिर है जो जितना प्राचीन है उतना ही रहस्मयी है  और उसे भी ज्यादा पुराना है यहां ऐसे झरने है जो अद्धभुत है नीम का थाना से लगभग 10 किलो मीटर दूर एक गणेश्वर मंदिर है नीम का थाना राजस्थान के सीकर जिले में आता है यह गणेश्वर एक प्राचीन धाम है इस धाम की खुदाई 1977 ईस्वी में हुई थी यह धाम  काटली नदी के उद्गम पर िस्थत है ये मदिर ताम्रयुग से सबन्ध रखता है यहाँ ताम्रयुग संस्कृति के कई अवशेष मिले है यह मदिर २८०० वर्ष पुराना माना जाता है ( Ganeshwar Dham History and singnificance in Hindi )

इस मंदिर का नाम  शिव के नाम के साथ शिव के गणो को जोड़ कर गणेश्वर बना है माना जाता है की गणेश्वर मंदिर बहुत प्राचीन मंदिर है यहां पर और भी चौबीस मंदिर और भी है साथ ही थानेश्वर महाराज और संत रावलसल जी का स्थान भी है

गणेश्वर धाम : सीकर – जानिए चमत्कारी झील का राज – Ganeshwar Dham History and singnificance in Hindi

इस मदिर में शिवलिंग पर पाइप द्वारा प्राकृतिक झरने से शिवलिंग पर गिरता है यह झरना सदा ही बहता रहता है ऐसा माना जाता है की यहाँ एक सांप भगवान पर जल चढ़ाने आया करता था। उसके कुछ चिन्ह भी मिले है

यहां एक झरना है जिसमे गरम पानी हर समय आता रहता है ये झरना प्रकृति के देन है यह झरना एक गोमुख से निकल कर एक कुंड में इकठा होता रहता है इस कुंड को गालवगंगा कहते है माना जाता है की इस पानी में नहाने से शरीर के रोगो से मुक्ति मिलती है यहां दो कुंड बने हुए है एक औरतो के लिए दूसरा पुरष के लिए यहां स्नान करने से मन में शांति मिलती है ये झरना कहा से बहता है इसके बारे में किसी  को भी नहीं पता है और इस झरने से हमेशा गर्म पानी आता है

कहा जाता है की प्राचीन समय में यहाँ गालव ऋषि तपस्या किया करते थे इस लिए इस झरने को गालव गंगा है  कहा जाता है की गणेश्वर की बस्ती रावलसल जी के दवारा ५०० वर्ष पूर्व बसाई गयी थी उन्होंने ही यहाँ गोमुख लगवाया था इस झरने के निचे  और झरना है जिससे ठंडा पानी बेहता है

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