होली क्यों बनाई जाती है ?

Holi Kyo Manai Jati Hai – होली  का त्योहार एक खूबसूरत त्योहार है । होली भारत का मुख्य त्योहारों में से एक है। इसे रंगो का त्यौहार भी कहा जाता है ये फाल्गुन माह की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला पर्व है।  इस दिन से नववर्ष की शरुवात होती है।  साथ ही चैत्र माह की शरुवात होती है।  चैत्र माह की प्रथम तिथि को  रंगो से खेला जाता है। होली  एक महीने पहले यानि बसंत ऋतू से शुरू हो जाती है। होली एक महीने तक खेले जाना वाला त्यौहार है।

इसमें सबसे पहले झंडा रोपा जाता है जहा होली जलायी जाती है लोग चंग बजाकर होली के गीत गाते है। नाचते है। ख़ुशी मनाते है

होली के दस दिन पहले गोबर से बने बड़कुले या भरभोलिये जिनके बीच में छेद होता है उन्हें तैयार  किया जाता है।  बड़कुलो को होली के दिन जलाया जाता है। जिस दिन से झंडा रोपा जाता है उसी दिन से होली शरू हो जाती है भारत में अलग अलग राज्यो में अलग अलग प्रकार से बनायीं जाती है जैसे राजस्थान में चंग होली और बरसाने की लठ मर होली भारत में  बहुत प्रसिद्ध है मथुरा ,बरसाने में होली 15 दिनों तक खेली जाती है।
होली क्यों बनायीं जाती है।

होली के संदर्भ में बहुत सी पौराणिक मान्यताए है बहुत सी कहानिया है  सबसे पहले तो हम आपको बताये की पुराने यानि प्राचीन काल में महिलाए घर की सुख समृद्धि के लिए ये त्योहार के रूप में मनाती थी।  साथ ही इस दिन नवात्रैष्टि यज्ञ किया जाता है जिसमे धान का भोग लगाया जाता था इसमें प्रथम अधपका  गेहूं और छोले को भोग लगाया जाता था।  प्राचीन काल में धान को होला कहते थे। इस लिए इस पर्व को होलिकाउत्स्व कहा जाता था

दूसरा प्रहलाद की कहानी से जुड़ा है कहा जाता है की प्रहलाद को जलने बचने और होलिका के जलने के कारण खुशियों के रूप में होली का त्यौहार बनाया जाता है।  पहले दिन होली जलाई जाती है।  दूसरे दिन को घुलण्डी बनायीं जाती है इस दिन रंगो से खेला जाता है

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