हिन्दी निबंध : मकर संक्रांति

मकर संक्रांति पर हिन्दी निबंध – Makar Sankranti Essay Festival Nibandh in Hindi – मकर संक्राति का पर्व – कुदरत का खुशनुमा त्योहार है मकर संक्राति। प्रकृति को शुक्रिया कहने का त्योहार है  मकर संक्राति जोश का  त्योहार है जब आकाश में सुन्दर – सुन्दर रंग-बिरंगी पतंगे उड़ती है तो आकाश भी रंग -बिरंगा हो जाता है और आकाश जोश भरी आवाजों ‘वो काटा’ से गूँज उठता है  घरों में लजीज पकवानो की महक आती है और छतो पर गानो के साथ सभी थरकते हुए पतंगबाजी का मजा लेते है घर की महिलाएँ सुबह स्नान आदि करके दान -पुण्य में लग जाती है ये सब क्या  होता है क्यों इस दिन को मकर संक्राति कहते है क्यों इस दिन दान का दिन होता है नहीं जानते तो आइये आज हम आपको बता ते है मकर संक्राति के बारे में –

मकर संक्राति के दिन सूर्य दक्षिणायन से उतरायन हो धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है पौष के महीने में सूर्य धनु राशि में प्रवेश करता है तो मल मास एक आगमन होता है जो १४ जनवरी तक रहता है इस मास में कोई भी मांगलिक कार्य नहीं होते है ये मास दान -पुण्य का रहता है एक मास बाद १४ जनवरी को सूर्य धनु राशि को छोड़ मकर राशि में प्रवेश करता है इस कारण इस दिन मकर संक्राति का दिन कहलाता है इस दिन सूर्य भगवान की पूजा अर्चना की जाती है और तीर्थ स्थ्लों पर स्नान -दान का अधिक महत्व होता है

मकर संक्रांति पर हिन्दी निबंध – Makar Sankranti Essay Festival Nibandh in Hindi

मकर संक्राति के एक दिन पहले लोहड़ी बनायीं जाती है जो पंजाब का मुख्य पर्व है इस दिन नई फसल के आगमन पर किसान हर्ष उल्लास से मनाते है इस दिन हाड़ कपाती हवाए भी अलविदा कहने लगती है इस दिन से नए मौसम के शुरवात होने लग जाती है
इस प्रकार ये पर्व प्रकृति की देन है इस दिन प्रकृति को धन्यवाद करने और शुक्रिया कहने दिन है

जहाँ ये पर्व हमारी परम्परा है वही वैज्ञानिक मानते है की जब हम पतंगबाजी करते है छत पर या खुले आकाश के नीचे तो हम पर  किरणे सीधी पड़ती है क्योकि इस दिन   सूर्य एक गोलार्द्ध से  दूसरे गोलार्द्ध की यात्रा  करने के कारण सूर्य की किरणों में सकारात्मक औषधिय  गुण होते है जिससे हमारी सेहत पर पड़ता है इससे हमारे रोगो का निवारण होता है

इस दिन सूर्य के उतरायण होने के कारण दिन लम्बे होने लगते है इस दिन महिलाएँ सूर्य भगवान की पूजा अर्चना कर पति की लंबी उम्र की कामना करती है साथ ही अपने से बड़ो को उपहार देती है और आशीवार्द लेती है जिस प्रकार दिन लम्बे हो रहे है उसी प्रकार हमारे पति की उम्र भी लंबी हो जाये।

इस दिन दान -पुण्य का रिवाज है इस दिन आप आपकी आर्थिक शमता के अनुसार  अवश्य दान करे इस दिन गुड़ -तिल से बनी चीजों का दान करना चाहिए आप चावल -दाल , कपडे , चिवड़ा ,काले तिल आदि गाय को हरा चारा आदि दान देना चाहिए इस हो सके  तो किसी भी तीर्थ स्थल पर स्नान करना चाहिए

इस  दिन खूब मिठाईया बनती है -तिल-गुड़ से बनी गजक ,रेवड़ी ,तिल पपड़ी, तिल के लड्डू माना जाता है की तिल -गुड़ खाने से शरीर के लिए लाभ दायक होते है और ये हमारे शरीर की ऊर्जा को बढ़ाते है इस दिन घेवर ,फीणी भी खाए जाते है साथ ही बहन -बेटियों के यहां भी भेजे जाते है

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