मोहनजोदड़ो से जुड़े रोचक तथ्य

मोहनजोदड़ो से जुड़े रोचक तथ्य – Mohenjo daro Fact Story History in Hindi – Harappa History in Hindi – Sindhu Ghati Sabhyata in Hindi

– मोहनजोदड़ो (Mohenjo Daro) पुरे विश्व भर की चार बहुत पुरानी नदी घाटी सभ्यताओं में से सबसे बड़ी सभ्यता थी जो की लगभग 12 लाख वर्ग किमी क्षेत्र में अभी के पाकिस्तान, अफगानिस्तान और भारत तक फैला हुआ था।

मोहनजोदड़ो से जुड़े रोचक तथ्य – Mohenjo daro Fact Story History in Hindi 

– आज भी वैज्ञानिक इस शहर का असली नाम का पूरा पता नहीं लगा पाए है। कोई भी नहीं जानता मोहनजोदड़ो (Mohenjo Daro) शहर का Real नाम क्या था।

– मोहनजोदड़ो (Mohenjo Daro) एक सिधि शब्द है इसका वास्तविक अर्थ होता है “मुर्दो का शहर” जो नाम इतिहासकारो ने इसे खोजने के बाद रखा था।

– सबसे पहले इस जगह का दौरा भारतीय पुरातत्व विभाग के आर.डी.बनर्जी ने किया था।

– इस शहर में ऐसी लिपि लिखी हुई है की पूरी दुनिया के कोई भी पुरातत्व विभागी अभी तक इसे समझ नहीं पाए है। और आज भी यह सभी के लिए बहुत बड़ा रहस्य बना हुआ है।

– मोहनजोदड़ो शहर में कौनसी भाषा बोली जाती थी आज तक किसी को नहीं पता यह भी वैज्ञानिकों के लिए एक बड़ी चुनौती है।

– वहाँ की सभ्यता ने आज से इतने वर्ष पहले ही उन सब वस्तुओं का निर्माण कर लिया था जो आज हम उपयोग में ले रहे है। इस लिए इसे तब का सुनियोजित शहर माना जाता है।

– उस वक्त की सभ्यता ने कीमती पत्थरों से आभूषण बनाने की कला को सीख लिया था। इसके चलते आज भी मोहनजोदड़ो की खुदाई में कई आभूषन जो की कीमती पत्थरों से निर्मित है वह निकलते रहते है।

– पुराने जमांने में नहाने को बहुत महत्व दिया जाता था और बहुत जरुरी समझा जाता था। इसका साफ – साफ उदाहरण मोहनजोदड़ो के सभ्यता के स्नानघर देख कर ही पता चल जाता है। इस वक्त के स्नानघर काफी विशाल हुआ करते थे ये करीब 8 फीट गहरे, 23 फीट चौड़े और 39 फीट लम्बे होते थे।

– इस 6000 साल पुरानी सभ्यता की आबादी शायद 60,000 से भी ज्याद की थी।

– इस सभ्यता के लोग अन्न को सहज कर रखते थे। इसी कारण मोहनजोदड़ो की खुदाई में बड़े – बड़े अन्न भंडार मिले है।

– इस सभ्यता के दौर से पता चला है की सिन्धु घाटी सभ्यता (Sindhu Ghati Sabhyata) में करीब 1500 से ज्यादा ऐसी जगह मिली है जहा इंसान रहते थे। और यह सभ्यता कभी भी एक दूसरे से युद्ध नहीं करती थी।

– सिन्धु घाटी सभ्यता (Sindhu Ghati Sabhyata) के अवशेषो से पता चला है की यहाँ की सभ्यता सतरंज भी खेलती थी।

– आज तक यह एक रहस्य बना है की आखिर क्या हुआ जो यह सभ्यता एक साथ नष्ट हो गयी। कोई भी नहीं सुलझा पाया है की आखिर कैसे हुआ इस सभ्यता का पतन। कई इतिहासकार रेडियोएक्टिव विकिरणों को उनकी मौत का कारण बताते है। पर आज भी यह एक बहुत बड़ा राज है।

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Vipin Pareek

Entrepreneur, Blogger, YouTuber, Social Worker, Founder and CEO Noobal.com & Madhushala.info - News Media Information Technology Company

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