नवरात्रि आरंभ : जानें घटस्थापना के शुभ मुहूर्त | Navratri Durga Puja Vidhi or Muhurat In Hindi

2016 Ghatasthapana Date and Time during Shardiya Navratri : दोस्तों जैसा की हमने पिछली पोस्ट में आप को बताया था की आप Madhushala.info अपडेट करते रहे हम नवरात्रि की बहुत सी जानकारी आप को देते रहेंगे। माना जा रहा है की इस वर्ष की नवरात्रा बहुत खास है यह योग 500 साल बाद अब दोबारा बना है।  इस लिए यह नवरात्रा बहुत महत्वपूर्ण है और इसी लिए हम आप तक इस नवरात्रि की सारी जानकारी पहुँचना चाहते है। 

नवरात्रि का अर्थ होता है , नो राते। नवरात्र भी साल में दो बार आते है एक शरद माह में और एक बसंत माह में।  यह जो नवरात्रा है शरद नवरात्रा है। बसंत नवरात्रा को गुप्त नवरात्रा भी कहते है।
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दुर्गा पूजा कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त | Ghatasthapana Muhurta Time during Shardiya Navratri 2016

नवरात्रा में देवी के इन नो रूपो का पूजन होता है :-

  1. श्री शैलपुत्री
  2. श्री ब्रह्मचारणी
  3. श्री चन्द्रघँटा
  4. श्री कुष्मांडा
  5. श्री स्कंधमाता
  6. श्री कात्यायनी
  7. श्री कालरात्रि
  8. श्री महागौरी
  9. श्री सिद्धिदात्री

इन देवियों का पूजन नवरात्रि में होता है। इन्हें नवदुर्गा कहते है।
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यह है कलश स्थापना के लिए सामान
शारदीय नवरात्रि के लिए मिट्टी का पात्र और जौ, शुद्ध, साफ मिट्टी, शुद्ध जल से भरा हुआ सोना, चांदी, तांबा, पीतल या मिट्टी का कलश, मोली (कलवा), साबुत सुपारी, कलश में रखने के लिए सिक्के, फूल और माला, अशोक या आम के 5 पत्ते, कलश को ढकने के लिए मिट्टी का ढक्कन, साबुत चावल, एक पानी वाला नारियल, लाल कपड़ा या चुनरी की आवस्यकता होती है।तिरुपति बालाजी मंदिर के आश्चर्यजनक तथ्य

ऐसे करें कलश स्थापना
नवरात्रि में कलश स्थापना करने के दौरान सबसे पहले पूजा स्थल को शुद्ध कर लें। लकड़ी की चौकी रखकर उसपर लाल रंग का कपड़ा बिछाएं। कपड़े पर थोड़े-थोड़े चावल रखें। चावल रखते हुए सबसे पहले गणेश जी का स्मरण करें एक मिट्टी के पात्र में जौ बोयें। इस पात्र पर जल से भरा हुआ कलश स्थापित करें। कलश पर रोली से स्वस्तिक या ‘ऊँ’ बनायें। कलश के मुख पर कलवा बांधकर इसमें सुपारी, सिक्का डालकर आम या अशोक के पत्ते रखें। कलश के मुख को चावल से भरी कटोरी से ढक दें. एक नारियल पर चुनरी लपेटकर इसे कलवे से बांधें और चावल की कटोरी पर रख दें। सभी देवताओं का आवाहन करें और धूप दीप जलाकर कलश की पूजा करें। भोग लगाकर मां की आरती और चालीसा का पाठ करें।नवरात्रि स्पेशल : श्री दुर्गा आरती । जय अम्बे गौरी


यह है घट स्थापना का समय ( Durga Puja Timings)
1 अक्टूबर से शारदीय नवरात्र आरंभ : जानें घटस्थापना के शुभ मुहूर्त

शारदीय नवरात्र का शुभारंभ शनिवार, 1 अक्टूबर 2016 से घटस्थापना से होगा। घटस्थापना हेतु शुभ मुहूर्त-
चौघड़िया अनुसार

सुबह 9.52 से 11.13 :  लाभ दोपहर : 11.13 से 12.34  : अमृत   दोपहर :12.22 से 12.46 :  विजय मुहूर्त दोपहर : 12.22 से 12.34 : यह समय घटस्थापना के लिए अतिशुभ है दोपहर :13.55 से 15.16 : यह भी स्थापना का उत्तम समय है  शाम : 17.58 से 19.37 : स्थापना का सामान्य श्रेष्ठ मुहूर्त है भक्तगण अपनी सुविधानुसार उपरोक्त समय में घटस्थापना कर सकते हैं।
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