पानी बचाने के उपाय एवं तरीके | Pani Bachane Ke Upay Evam Tarike In Hindi

Jal Hi Jeevan Hai Hindi Nibandh : जल ही जीवन है , ये हमेशा हम सुनते है, लेकिन मानते कितना है? क्या हम जल की रक्षा जीवन की तरह करते है? क्या हम उसे भी उतनी तब्बजो देते है, जितना किसी इन्सान की जिंदगी को? इन सवाल के जबाब सबके पास ना में ही होंगे| हम सब जानते है कि पानी के बिना हम अपने जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते| लेकिन फिर भी हम इसे फिजूल में खर्च कर देते है| हमारी प्रथ्वी के 70% भाग जल से डूबा हुआ है लेकिन 1-2 % ही इसमें से उपयोग करने लायक है| हमें जल को बहुत सहेज के रखने की जरुरत है, नहीं तो वह दिन दूर नहीं जब हम एक एक बूँद को तरसेंगे| पानी एक ऐसा धन है जिसे हम सहेज कर रखेंगे तभी हमारी आने वाली पीढ़ी उसे उपयोग कर पायेगी| जल है तो कल है|

Pani Bachao Save Water in hindi Upay Essay Kavita & Nibandh : –
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कवि एवं सन्त रहीम दास जी ने सदियों पहले पानी का महत्व बता दिया था किन्तु हम आज भी जल संरक्षण के प्रति गम्भीर नहीं हैं।

 रहिमन पानी राखिये, बिन पानी सब सून |
 पानी गये ना ऊबरे, मोती मानुष चून ||

 
पानी बचाएँ पर हिंदी निबंध (How To Save Water in Hindi)

जैसे जैसे गर्मी बढ़ रही है देश के कई हिस्सों में पानी की समस्या विकराल रूप धारण कर रही है। प्रतिवर्ष यह समस्या पहले के मुकाबले और बढ़ती जाती है। लातूर जैसी कई जगह तो पानी की कमी की वजह से हालात अत्यन्त भयावह हो रहे हैं। लेकिन हम हमेशा यही सोचते हैं बस जैसे तैसे गर्मी का सीजन निकाल जाये बारिश आते ही पानी की समस्या दूर हो जायेगी और यह सोचकर जल सरंक्षण के प्रति बेरुखी अपनाये रहते हैं।
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किन्तु आज मानव जाति के लिये जल सरंक्षण अत्यन्त महत्वपूर्ण हो गया है। यदि अब भी हम लोग जल सरंक्षण के प्रति गम्भीर नहीं हुए तो यह बात बिलकुल सही साबित होगी कि-

    तीसरा विश्व युद्ध पानी के लिये होगा।

जल संसाधन / Water Resources in Hindi :

जल संसाधन पानी के वह स्रोत हैं जो मानव जाति के लिये उपयोगी हैं या जिनके उपयोग में आने की सम्भावना है। पूरे विश्व में धरती का लगभग तीन चौथाई भाग जल से घिरा हुआ है किन्तु इसमें से 97% पानी खारा है जो पीने योग्य नहीं है, पीने योग्य पानी की मात्रा सिर्फ 3% है। इसमें भी 2% पानी ग्लेशियर एवं बर्फ के रूप में है। इस प्रकार सही मायने में मात्र 1% पानी ही मानव के उपयोग हेतु उपलब्ध है।

जल के स्रोतों को हम तीन भागों में विभाजित कर सकते हैं –

1. धरातल के ऊपर से प्राप्त जल – यह बारिश का जल है जो शुद्ध होता है किन्तु सतर्कता ना रखने पर जमीन पर आते आते इसमें कई प्रकार की अशुद्धियाँ घुलने का डर रहता है।

2. धरातलीय जल – नदी, तालाब, झील, झरने आदि धरातलीय जल के प्रकार हैं।

3. अन्त: धरातलीय जल – कच्चे तथा पके  कुएं , बावड़ी, बोरिंग आदि।

जल सरंक्षण की आवश्यकता क्यों है ?  Why water conservation is needed in Hindi ?

जनसंख्या वृद्धि, शहरीकरण तथा औधोगिकीकरण के कारण प्रति व्यक्ति के लिये उपलब्ध पेयजल की मात्रा लगातार कम हो रही है जिससे उपलब्ध जल संसाधनों पर दबाव बढ़ता जा रहा है। जहाँ एक ओर पानी की मांग लगातार बढ़ रही है वहीँ दूसरी ओर प्रदूषण और मिलावट के कारण उपयोग किये जाने वाले जल संसाधनों की गुणवत्ता तेजी से घट रही है।

साथ ही भूमिगत जल का स्तर तेजी से गिरता जा रहा है ऐसी स्तिथि में पानी की कमी की पूर्ति करने के लिये आज जल संरक्षण की नितान्त आवश्यकता है।

सम्पूर्ण विश्व में 22 मार्च को विश्व जल दिवस ( World Water Day ) मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। अटल जी कहा करते थे-
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यदि हम लोग जल संरक्षण के प्रति गम्भीर नहीं हुए तो तीसरा विश्व युद्ध पानी के लिये होगा।

और अब यह बात अब बिलकुल सही लगने लगी है।

जल संरक्षण के उपाय / How To Conserve and Save Water in Hindi

जल संरक्षण आज विश्व की सर्वोपरि प्राथमिकताओं में से होनी चाहिये। जल संरक्षण हमे घर में, घर के बाहर, बाग़ बगीचों, खेत खलिहान हर जगह करना चाहिये।
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जल सरक्षण के 15 मुख्य बिंदु इन्हें ध्यान में रख कर हम काफी मात्रा में पानी की बचत कर सकते है।

  1. वर्षा जल संचयन- जितना हो सके उतना हमे बरसात के पानी को एकत्रित करना चाहिए।
  2.   नल को खुला ना छोड़े
    आप जब भी ब्रश करें, दाढ़ी बनायें, सिंक में बर्तन धोएं, तो जरूरत ना होने
    पर नल बंद रखे, बेकार का पानी ना बहायें| ऐसा करने से हम 6 लीटर हर एक min
    में पानी बचा सकते है| नहाते समय भी बाल्टी से पानी को व्यर्थ ना बहायें|
  3. नहाने के लिए शावर की जगह बाल्टी का
    उपयोग करें| अगर शावर उपयोग भी करें तो छोटे वाले लगायें, जिससे पानी की कम
    खपत हो| शावर का उपयोग ना करके हम 40-45 लीटर पानी हर 1 min में बचा सकते
    है|
  4. जहाँ कहीं भी नल लीक करे, उसे तुरंत ठीक करवाएं| नहीं तो उसके नीचे बाल्टी या कटोरा रखें और फिर उस पानी का प्रयोग करें|
  5. लो पॉवर वाली वाशिंग मशीन उपयोग करें,
    इससे पानी की बचत होती है एवं बिजली भी कम लगती है| वाशिंग मशीन में रोज
    थोड़े थोड़े कपड़े धोने की जगह इक्कठे करके धोएं|
  6. पोधों में पानी पाइप की जगह वाटर कैन
    से डालें, इससे बहुत कम पानी उपयोग होता है| पाइप से 1 घंटे में 1000 लीटर
    पानी तक पानी उपयोग हो जाता है, जो पूरी तरह से पानी का नुकसान है| हो सके
    तो कपड़े धोने वाले पानी को पोधों पर डालें|
  7. घर में पानी का मीटर लगवाएं| आप जितना
    पानी उपयोग करेंगे, उसके हिसाब से उसका बिल आएगा| बिल देते समय आपको समझ
    आएगा कि आपने कितना बर्बाद किया है और फिर आगे से ध्यान रखेंगे|
  8. गीजर से गर्म पानी निकालते समय उसमें
    पहले ठंडा पानी आता है जिसे हम फेंक देते है| ऐसा नहीं करें, ठन्डे पानी को
    अलग बाल्टी में भरें, फिर गर्म पानी को दूसरी में| इस पानी को आप दूसरी
    जगह उपयोग कर सकते है|
  9. फ्लश में भी बहुत अधिक पानी उपयोग होता है, इसलिए ऐसा फ्लश लगवाएं जिसमें पानी का फ़ोर्स कम हो|
  10. नालियां हमेशा साफ रखें, क्यूंकि जब ये
    चोक हो जाती है तो साफ करने के लिए बहुत पानी को बहाया जाता है| इसलिए
    पहले से ही साफ सफाई रखें|
  11. पेड़ पोधे लगायें जिससे अच्छी बारिश हो और नदी नाले भर जाएँ|
  12.   जो भी पानी बर्वाद करता है उसे रोकें
  13.  प्लम्बर का हल्का-फुल्का काम खुद सीखें 
  14. सब्जियां-फल किसी बर्तन में धोएं
  15. RO Machine या AC से निकलने वाले  waste water को उपयोग करें
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पानी पर कविता : Poem On Water – Pani Par Kavita In Hindi

प्रभु ने जल बनाकर
दिया जीवन का संदेश
पैदा किए समस्त जीव जन्तु
खुद भी लिया मानव का भेष
सागर और नदी बनाए
जल सजाने को
घोर पाप बतलाया
व्यर्थ जल बहाने को
कहती यही गीता और कुरान है
जल है तो जहान है
जल संरक्षण महान है।
“जल ही जीवन है जल है तो कल है ”  कृप्या जल सरक्षण में अपना योगदान दे। 

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