श्रीरामचरित मानस की संकटमोचन चौपाइयां | Shri Ramcharitmanas Ki Sankatmochan Chaupaiyan

श्रीरामचरित मानस की संकटमोचन चौपाइयां – Shri Ramcharitmanas Ki Sankatmochan Chaupaiyan | काफी लोग ऐसे हैं जो पूरी ईमानदारी से काम करते हैं, लेकिन सफलता नहीं मिल पाती है। ऐसे में व्यक्ति निराश हो जाता है। इसके बाद निराश मन से किए गए काम और ज्यादा परेशानियां बढ़ा देते हैं। निराशा दूर करने और सफलता प्राप्त करने के लिए शास्त्रों में कई उपाय बताए गए हैं। इन्हीं उपायों में से सबसे ज्यादा कारगर उपाय है अपने इष्टदेव के मंत्रों का या उनके नामों का जाप करें। भगवान की कृपा से कुंडली के ग्रह दोष भी दूर हो जाते हैं और पुराने समय में किए गए जाने-अनजाने पापों का असर भी खत्म हो सकता है। जिन लोगों पर देवी-देवता कृपा कर देते हैं, उनके जीवन में सुख और सौभाग्य बढ़ने लगता है।

कलियुग में सबसे जल्दी प्रसन्न होने वाले देवता है हनुमानजी। हनुमानजी को प्रसन्न करने के लिए श्रीराम नाम का जाप करना चाहिए या श्रीरामचरित मानस की चौपाइयों का जाप करना चाहिए। श्रीरामचरित मानस का पाठ नियमित रूप से किया जाए तो श्रीराम की कृपा से जीवन की सभी परेशानियां दूर हो सकती हैं। इस ग्रंथ में दी गई चौपाइयों का जाप अलग-अलग भी किया जा सकता है। अलग-अलग मनोकामनाओं के लिए अलग-अलग चौपाइयां बताई गई हैं।

इन चौपाइयों का जाप कम से कम 108 बार नियमित रूप से करते रहना चाहिए। श्रद्धा और भक्ति के साथ किए गए जप से श्रीराम प्रसन्न होते हैं और भक्त की मनोकामनाएं पूरी करते हैं। रोज सुबह स्नान के बाद घर के पूजन कक्ष में श्रीराम की पूजा करें। इसके बाद चौपाई का जाप 108 बार करें।

1. नौकरी पाने के लिए
बिस्व भरण पोषन कर जोई।
ताकर नाम भरत जस होइ ।।

2. धन-सम्पति पाने के लिए
जे सकाम नर सुनहि जे गावहि।
सुख संपति नाना विधि पावहि ।।

3. पढाई में सफलता के लिए
जेहि पर कृपा करहिं जन जानि।
कवि उर अजिर नचावहिं वानी॥
मोरि सुधारहिं सो सब भांति।
जासु कृपा नहिं कृपा अघाति॥

4. विवाह में बाधा आ रही हो तो
तब जनक पाइ वशिष्ठ आयसु ब्याह साजि संवारि कै।
मांडवी श्रुतकीरति उर्मिला, कुँअरि लई हँकारि कै॥

5. नज़र उतारने के लिए
स्याम गौर सुंदर दोउ जोरी।
निरखहिं छबि जननीं तृन तोरी।।

6. हनुमानजी की कृपा पाने के लिए
सुमिरि पवनसुत पावन नामू।
अपनें बस करि राखे रामू।।

7. यात्रा में सफलता के लिए
प्रबिसि नगर कीजै सब काजा।
ह्रदयँ राखि कोसलपुर राजा॥

8. शत्रु भय दूर करने के लिए
बयरु न कर काहू सन कोई।
राम प्रताप विषमता खोई॥

9. समस्त संकटों अथवा भूत-प्रेत की बाधा दूर करने के लिए
प्रनवउँ पवन कुमार,खल बन पावक ग्यान घन।
जासु ह्रदयँ आगार, बसहिं राम सर चाप धर॥

10. रोग अथवा अशान्ति को दूर करने के लिए
दैहिक दैविक भौतिक तापा।
राम राज काहूहिं नहि ब्यापा॥

11. अकाल मृत्य,भय व संकटों से मुक्ति के लिए
नाम पाहरु दिवस निसि ध्यान तुम्हार कपाट।
लोचन निज पद जंत्रित जाहिं प्रान केहि बाट।।

12. जहर उतारने के लिए
नाम प्रभाउ जान सिव नीको।
कालकूट फलु दीन्ह अमी को।।

13. पुत्र रत्न के लिए
प्रेम मगन कौसल्या निसिदिन जात न जान।
सुत सनेह बस माता बालचरित कर गान।।

14. दिमागी परेशानी अथवा सिरदर्द दूर करने के लिए
हनुमान अंगद रन गाजे।
हाँक सुनत रजनीचर भाजे।।

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