अन्धविश्वास – लड़की की कुत्ते से शादी | Superstition Girl Marriage With Dog In Hindi

Girl – Dog Marriage Hindi Story : भारत में लड़कियों
की  कुंडली में उपस्तिथ प्रेत बाधा, दोष आदि को दूर करने के लिए उसके
वास्तविक विवाह से पूर्व उसका विवाह एक जानवर खासकर कुत्ते से करवाने की
परम्परा अति प्राचीन काल से चली आ रही है। इसका उल्लेख हमें महाभारत में भी
मिलता है जब गांधारी के कुंडली का दोष दूर करने के लिए, ध्रतराष्ट्र से
शादी करने से पूर्व उसकी शादी एक बकरे से करवाते है।  ऐसा इस मान्यता के
साथ किया जाता है की ऐसा करने से लड़की की आगे की ज़िन्दगी खुशहाल रहेगी।
 लेकिन गांधारी के साथ हुआ उल्टा था।  जब शादी के बाद ध्रतराष्ट्र को यह
पता चला तो उसने गांधारी के समस्त परिवार को बंदी बना लिया था। जहाँ शकुनि
को छोड़कर समस्त लोगों की एक एक करके मृत्यु हो गई थी। और अपने परिजनों के
इस अपमान और मृत्यु का बदला लेने के लिए शकुनि ने महाभारत का युद्ध करवाया
था।

 Girl - Dog Marriage Hindi Story   

                         अन्धविश्वास – प्रेत बाधा हटाने के नाम पर करवाते है लड़की की कुत्ते से शादी

Girl – Dog Marriage Hindi Story

यहाँ होती है कंस की पूजा
लेकिन यह परम्परा या यूँ कहे की अंधविश्वास आज भी भारत में जारी है
खासकर बिहार, झारखण्ड और छत्तीसगढ़ जिलों में। ऐसा ही एक मामला झारखंड के एक
दूरवर्ती गांव में देखने मिला, जहां 18 साल की लड़की की शादी सिर्फ इसलिए
एक कुत्ते से करा दी गई क्योंकि गांव के बाबा ने लड़की के परिजनों से कहा
था कि लड़की के अंदर प्रेत-बाधा है और कुत्ते से शादी नहीं कराई गई, तो
परिवार तबाह हो जाएगा।

ऐसा भी नहीं कि यह विचित्र शादी के लिए लड़की से जोर-जबरदस्ती की गई,
बल्कि इसके ठीक उलट लड़की खुद शादी के लिए राजी थी और उसे पता था कि ऐसा
उसके साथ क्यों किया जा रहा है। इस विचित्र शादी की एक और विचित्र बात खास
थी। इस शादी में पूरा गांव इकट्ठा हुआ था। सभी ने नाच-गाना किया, रस्में
निभाई गईं और उसके बाद कुत्ते को बाकायदा विदा कराकर घर लाया गया। इतना ही
नहीं, शादी से पहले दूल्हा बना कुत्ता ‘शेरू’ भी आम दूल्हे की तरह कार में
सवार होकर आया और लड़की के घर वालों सहित पूरे गांव ने उसका स्वागत भी
किया।

 Andhvishwas Girl - Dog Marriage

 दूल्हा बना कुत्ता ताकि लड़की का प्रेत उसमें चला जाए :-
मामला झारखंड के एक गांव का हैं जहां 18 साल की मांगली मुंडा की शादी एक
कुत्ते शेरू से कराई गई। गांव के एक बाबा ने मांगली के परिवार को कहा था कि
बेटी की शादी किसी भी इंसान से कराने से पहले कुत्ते से करानी होगी। तभी
बेटी के शरीर में बैठा प्रेत बाहर जाएगा वरना बेटी के भविष्य के साथ पूरा
घर तबाह हो जाएगा और समाज पर भी इसका असर पड़ेगा। परिवार ने भी बाबा की
बातों में आकर बेटी की शादी शेरू नाम के कुत्ते से करा दी। इस शादी से जहां
गांव वालों और मांगली के घर वाले खुश हैं, वहीं मांगली भी काफी खुश है।
कभी स्कूल की दहलीज पर कदम नहीं रखने वाली मांगली कहती है कि ‘वो कुत्ते से
शादी कर खुश नहीं है, लेकिन अपने और परिवार के भविष्य को देखते हुए उसने
ऐसा करना जरूरी समझा।’ वह कहती है ‘मैंने यह शादी इसलिए की, क्योंकि गांव
के बुजुर्गों का मानना है कि ऐसा करने से प्रेत बाधा कुत्ते में चली जाएगी।
ऐसा करने के बाद मैं किसी भी इंसान से शादी कर सुखी वैवाहिक जीवन बिता
सकती हूं।’
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 बुजुर्गों का भरोसा था, इसलिए कराई शादी :-
मांगली के पिता अमन मुंडा भी इस शादी से खुश हैं। जब बाबा ने उन्हें बेटी
की कुत्ते से शादी उपाय के तौर पर बताई थी, तो वे भी मान गए। इसके लिए
उन्होंने बाकायदा सड़क के कुत्ते ‘शेरू’ को चुना और अपनी बेटी मांगली से
उसकी शादी करा दी। वे कहते हैं ‘ऐसा करने के पीछे गांव के बुजुर्गों का
भरोसा था इसलिए हमने जल्द से जल्द शादी कराने की व्यवस्था की। हम सभी को
भरोसा है कि ऐसा करने से प्रेत हमारा पीछा छोड़ देगा।’ वे कहते हैं ‘बेटी
की कुत्ते से शादी सिर्फ बुरे समय को दूर करने के लिए कराई गई है।’

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पहली बार नहीं हुआ : –
जी हां, इस गांव में ऐसी विचित्र शादी पहली बार नहीं हुई। कई बार पहले भी
ऐसी शादियों में गांववालों ने शिरकत की है। इतना नहीं, गांववालों का कहना
है कि ऐसी शादियां पहले जब भी हुईं, गांव में खुशहाली आई है। खुद मांगली
कहती है-‘मैंने खुद 4-5 ऐसी शादियां देखी हैं, जिसमें लड़कियों के आने वाले
कल की बेहतरी के लिए उनकी कुत्ते से शादी कराई गई।’ वहीं गांववालों का
कहना है कि कुत्ते से शादी करने से मांगली के भविष्य पर कोई असर नहीं
पड़ेगा और अब वह किसी से भी शादी कर सकती है वो भी कुत्ते को बिना तलाक
दिए। मांगली कहती हैं ‘मैं अब अपने पसंद के आदमी से शादी करने के लिए
स्वतंत्र हूं।’
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शादी में शरीक हुआ पूरा गांव :-
इस विचित्र शादी समारोह में आसपास के गांव वालों सहित करीबन 70 मेहमान शरीक
हुए। इनमें मांगली के रिश्तेदार और परिचित भी शामिल थे। इस आयोजन में शादी
की सभी रस्मों को निभाया गया। परंपरागत संगीत और ढोल भी बजाया गया, जिस पर
लोगों ने जमकर डांस भी किया। दूल्हे बने कुत्ते शेरू को भी पूरा सम्मान
दिया गया। हालांकि ये और बात है कि शेरू पूरे समय शांत बैठ सब कुछ देखता
रहा।
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