सरकारी इंजिनियर की नौकरी छोड़ शुरू की एलोवेरा की खेती, आज करोडपति है ये शक्स!

आज के समय में बेरोजगारी को देखते हुए हर एक इंसा नौकरी की तलाश में है और अगर सरकारी नौकरी मिल जाये तो क्या कहने वो अभी अपने फील्ड में। लेकिन ऐसे बहुत सारे लोग है जिहोने सरकारी और प्राइवेट नौकरियां छोड़कर खुद की एक अलग पहचान बनाई और उन्ही में से एक है हरीश धनदेव – Harish Dhandev जैसलमेर के रहने वाले। हरीश ने सरकारी नौकरी छोड़ी और खुद के जीवन को एक चुनौती दी और उसे पूरा भी किया।

ऐसे आया विचार- हरीश का जन्म जैसलमेर में हुआ और साल 2012 में हरीश ने जयपुर के एक कालेज से बी.टेक की डिग्री ली और इसके बाद एमबीए करने दिल्ली चले गए लेकिन बीच में ही उन्हें जैसलमेर नगरपलिका में जूनियर इंजिनियर की नौकरी मिल गई और एमबीए छोड़कर नौकरी करने लगे।

सरकारी इंजिनियर की नौकरी छोड़ शुरू की एलोवेरा की खेती, आज करोडपति है ये शक्स! – Aloe Vera Farming Businessman Harish Dhandev

महज कुछ ही महीनो बाद उनका मन नौकरी से ऊब गया और वो कुछ अलग करने का विचार बनाने लगे। इसके बाद वो कई सारी चीजो को लेकर विचार करते रहे की आखिर करे क्या लेकिन आईडिया नहीं आ रहा था।
एक बार वो एक एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में गए जहाँ उन्हें एलोवेरा की खेती करने का विचार आया और वो इस काम को करने की सोचने लगे। अब उन्हें लगा की वो एलोवेरा की खेती करेगे और इसका निश्चय भी कर लिया।
शुरू की खेती- इसके बाद हरीश बीकानेर गए और वहां से एलोवेरा के लगभग 25 हजार प्लांट लेकर आये और जैसलमेर से लगभग 45 किलोमीटर दूर धाइसर में इन्हें लगाया और कम्पनी को नाम दिया “नेचुरेलो एग्रो”।
कई सारे लोगो ने कहा की वो ये खेती ना करे क्योकि ये पहले इस क्षेत्र में सफल नहीं हुई तो अब कैसे होगी लेकिन हरीश ने अब करने का विचार बना लिया था। हरीश ने खेती तो कर ली लेकिन कोई ढंग के खरीददार नहीं आ रहे थे जिससे खर्चा भी नहीं निकल रहा था। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और करते रहे।
खुद की मार्केटिंग- हरीश ने खुद की इसकी मार्केटिंग करने का विचार बनाया और कई सारे लोगो से कांटेक्ट करने लगे। खुद मैदान में उतरे, लोगो से जाकर मिलते और अलग अलग दामो में उन्हें एलोवेरा बेचते लेकिन वो कुछ बड़ा करने के विचार में थे।
टर्निंग पॉइंट- हर इन्सान के जीवन में कुछ ना कुछ ऐसा होता है जो की उसे आसमान में पंहुचा देता है या फिर जमीन में लाकर खड़ा कर देता है। हरीश के साथ ऐसा ही हुआ।
वो एक दिन देख रहे थे की कौन कौन से फर्म ऐसे है जो बड़ी मात्रा में एलोवेरा का पल्प खरीदते है और उनके ध्यान में आया पतंजलि। उन्होंने पतंजलि को मेल भेजा और वहां से जवाब आया और उनके प्रतिनिधि मिलने आये और बात बन गई।
आज पतंजलि भारत का सबसे बड़ा एलोवेरा खरीदने वाला ब्रांड है और उसे सबसे अधिक एलोवेरा बेचने वाले हरीश ही है। काम बढ़ता गया और हरीश ने इसे प्रोफेशनल तरीके से करने का मन बनाया और स्टाफ गायर किया। इसके बाद वो लगातार आगे बढ़ते रहे।
आज उनकी कंपनी का सालाना टार्नओवर लगभग दो करोड़ रुपये है और देश विदेश में एलोवेरा सप्लाई करते है। हरीश ने दस बीघा जमीन से खेती शुरू की थी जो की आज 120 एकड़ हो गई है।
आज हरीश की कहानी दुनिया भर के लोगो के जबान में है और लोग उनसे मिलने जाते है और उनके बारे में जानने की कोशिश करते है।

No comments:

Powered by Blogger.