आसींद व मांडल सीट अटकी, पहली लिस्ट में पांच विधानसभा सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशी घोषित, भीलवाड़ा में डांगी नया चेहरा

congress rajasthan candidate list 2018 - जयपुर। लंबे इंतजार के बाद कांग्रेस की पहली सूची गुरुवार देर रात जारी हो गई। सूची के साथ ही अब राजस्थान के रण की पूरी तस्वीर लगभग स्पष्ट हो गई है। दोनों तरफ के योद्धा रण में पूरी तरह से तैयार हैं। जयपुर में कांग्रेस ने अभी कुल पांच सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं। भाजपा ने जयपुर की लगभग सभी सीटों पर पुराने चेहरों को मौका दिया है। वहीं कांग्रेस की ओर से इस बार तीन नए उम्मीदवारों को मौका दिया गया है। कांग्रेस ने झोटवाड़ा से लालचन्द कटारिया, आमेर से प्रशांत शर्मा, विद्याधर नगर से सीताराम अग्रवाल को मौका दिया है। वही सिविल लाइंस से प्रताप सिंह खाचरियावास और किशनपोल से अमीन कागजी को वापस से पुरानी सीटों पर अवसर मिला है।

Congress Rajasthan Candidate List 2018

किशनपोल मुस्लिम और हिंदू मतदाताओं की अधिक मौजूदगी वाले यह क्षेत्र हमेशा कांटे की टक्कर के लिए जाना जाता है। कांग्रेस ने किशनपोल विधानसभा क्षेत्र से एक बार मुस्लिम चेहरे को वरीयता दी है। अमीन कागजी को एक बार फिर से यहां से प्रत्याशी बनाया है। इस सीट पर मुस्लिम मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं। वहीं भाजपा ने यहां मौजूदा विधायक मोहनलाल गुप्ता को प्रत्याशी बनाया है। यहां गुप्ता ने पिछली बार कांग्रेस के अमीन कागजी को पराजित किया था। कागजी के टिकट मिलने से एक बार फिर इस सीट पर दोनों लड़ाके एक बार फिर से आमने सामने होंगे।

विद्याधर नगर\r\nविद्याधर नगर विधानसभा सीट से कांग्रेस से सीताराम अग्रवाल पर विश्वास दिखाया है। पिछली बार यहां से पार्टी ने विक्रम सिंह शेखावत को उमीदवार बनाया था। इस बार पार्टी ने अग्रवाल समाज से और कांग्रेस से जुड़े व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष सीताराम अग्रवाल को टिकट देकर भरोसा जताया है। वहीं भाजपा ने लगातार दो बार विधायक चुने गए नरपत सिंह राजवी को भाजपा ने तीसरी बार मौका दिया है। स्थानीय जनता और कार्यकर्ता इनसे काफी नाराज है। ऐसे में कांग्रेस के सीताराम अग्रवाल काफी मजबूत स्थिति में नजर आ रहे हैं।

सिविल लाइंस शहर की पॉश सीटों में शुमार सिविल लाइन्स पर कांग्रेस ने प्रताप सिंह खाचरियावास पर विश्वास जताया है। पिछली बार उनकी इस सीट से हार हुई थी और भाजपा ने यहां जीत हासिल की थी। उनके सामने कोई मजबूत दावेदार न होने की वजह से उनकी टिकट पक्की मानी जा रही थी। क्षेत्र में प्रताप सिंह का यहां काफी दबदबा है। वहीं भाजपा के अरुण चतुर्वेदी ने पिछली बार पहली बार यहां से चुनाव लड़ा और जीते। भाजपा ने एक बार फिर चतुर्वेदी पर दांव लगाया है।

झोटवाड़ा कांग्रेस ने वर्ष 2013 में झोटवाड़ा से लालचंद कटारिया की उनके छोटे भाई की पत्नी रेखा कटारिया को चुनाव मैदान में उतारा था। जिसे राजपाल सिंह ने शिकस्त दी। ऐसे में गुरुवार देर रात झोटवाड़ा से लालचंद का नाम घोषित किया। वहीं भाजपा ने वापस राजपाल सिंह शेखावत को ही मैदान में उतारा है। पहली सूची में अप्रत्याशित तौर पर नाम नहीं था। माना जा रहा था कि इस बार राजपाल का क्षेत्र बदला जा सकता है लेकिन यह सब कुछ कयास ही रहा और शेखावत को पुन: मौका मिला।

आमेर : कांग्रेस ने आमेर से तीन बार विधायक रह चुके स्व. सहदेव शर्मा के बेटे प्रशांत शर्मा पर अपना दाव खेला है। वहीं भाजपा ने इस सीट पर सतीश पूनियां को मौका दिया है।

सांगानेर : यहां होगा तिकोणीय संघर्षसांगानेर सीट पर विधायक घनश्याम तिवाड़ी अपनी नई पार्टी भारत वाहिनी से चुनाव लड़ रहे हैं। इसके चलते यहां दोनों पार्टियों को कड़ी टक्कर मिलने की उम्मीद हैं। कांग्रेस और भाजपा ने अभी तक सांगानेर में अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है।

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