कहानी : एक बीमार कुत्ता और एक बच्चा - A Dog Short Story in Hindi



कहानी : एक बीमार कुत्ता और एक बच्चा - A Dog Short Story in Hindi - Motivational Hindi Story - एक बार एक गांव में पालतू जानवरों का मेला लगा था। वहाँ अलग - अलग कुत्ते एवं बहुत ही सुंदर - सुंदर बिल्लियाँ  थी। तमाम तरह के पालतू जानवर उस मेले में मौजूद थे।
कहानी : एक बीमार कुत्ता और एक बच्चा - A Dog Short Story in Hindi

अर्पित नाम का एक बालक भी उस मेले में एक सुंदर सा छोटा सा कुत्ते का बच्चा (प्पी) लेने वहाँ आया था। अर्पित मेले की एक दुकान पर जाता है और वहाँ एक छोटे से प्पी को पसंद करता है। उसे वह प्पी बहुत ही प्यारा लगता है। वह दुकानदार को कहता है मुझे ये प्पी बहुत ही पसंद है आप मुझे ये प्पी दे दो।

दुकानदार अर्पित से कहता है माफ़ करो बेटे यह प्पी में तुम्हें नहीं दे सकता। अर्पित उदास मन से उस दुकानदार से पूछता है पर क्यों नहीं दे सकते मुझे ये बच्चा। ऐसे में दुकानदार अर्पित को समझता है की बालक ये जो प्पी है वो बहुत की बीमार है और इस से सही से चला भी नहीं जाता ये एक टाँग से लगड़ा भी है।

ऐसे में तुम फिर कोई शिकायत लेकर आयो इस से अच्छा इसे मेरे पास ही रहने दो। तुम कोई और पसंद कर लो।

तभी अर्पित दुकानदार से बोलता है। आपने मुझे सही से देखा नहीं में भी तो लगड़ा हूँ तो क्या में कुछ काम का नहीं। दुकानदार का चेहरा शर्म से निचे झुक जाता है।

फिर अर्पित दोबरा उस दुकानदार को कहता है। भले ही ये लगड़ा हो सही से चलता भी न हो पर मुझे तो यही पसंद है। कोई हाथ - पाव से रह जाए तो क्या हम उसे पाल नहीं सकते क्या हम उनसे प्यार नहीं कर सकते।

ऐसे में दुकानदार उस बच्चे की मासूमियत के आगे झुक जाता है और अर्पित को बिना रुपए वो कुत्ते का बच्चा (प्पी ) दे देता है।

शिक्षा - बच्चों इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है की इंसान हो या बेजबान जानवर जो भी शरीर से कमजोर हो हमें उनकी साहयता करनी चाहिए। व्यक्ति या जानवर के शरीर को नहीं बल्कि उनके गुणों को देखा जाना चाहिए। 

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