2020 दुनियाँ के अंत की शुरुआत, सच हो रही है भविष्यवाणियाँ



दुनिया का अंत कब और कैसे होगा - 2020 दुनियाँ के अंत की शुरुआत, सच हो रही है भविष्यवाणियाँ - जो जन्मा है उसकी मृत्यु भी तय है फिर चाहे वो कोई इंसान, जानवर, वस्तु, या हमारी ये पृथ्वी ही क्यों न हो। Duniya Kab Khatam Hogi 2020 हम सब की एक निश्चित आयु सीमा है। कोई ज्यादा साल जीता है तो कोई कम साल तक ही जीवित रहता है। पर मृत्यु एक ऐसा सच है जो कभी भी मानने से इंकार नहीं किया जा सकता। हर इंसान को इस सच को कभी न कभी अपने जीवन में स्वीकार करना ही होगा।

क्या अब खत्म होगी हमारी धरती 
भले ही इंसान 21 वी सदी में जी रहा है लेकिन मृत्यु तो इसे भी आती है। इसे कोई हरा नहीं पाया है। आज तक बहुत से पुराणों, शास्त्रों और धर्म ग्रंथो में हमारे पृथ्वी के विनाश के बारे में बहुत सी साफ शब्दो में भविष्यवाणियाँ की हुई मिलती है। जिसमें बताया गया है की किस तरह से धरती का विनाश होगा और सभी लोग इस विनाश के चंगुल में आ जाएंगे।
दुनिया का अंत कब और कैसे होगा - Duniya Kab Khatam Hogi 2020

हिंदू पुराणों में लिखी है भविष्यवाणियाँ 

हिंदू पुराणों की माने तो कलयुग की आयु 4 लाख 32 हजार वर्ष है। पर आज तक इस आकड़ो को मनुष्य सही ढंग से समझ नहीं पाया है। ये कलयुग की आयु उस समय के हिसाब से देख कर आकड़ो द्वारा हमें बता दिया गया और हमने वो ही सच मान लिया। अगर उस समय इतने कारखाने, हवाई जहाज, और मोटर वाहन होते तो वो कभी भी इतना बड़ा आकड़ा नहीं बोलते। उन्होंने उस जलवायु के हिसाब से यह तय किया की अगर मानव ऐसे ही चलता रहा तो 4 लाख 32 हजार वर्ष तक धरती को कोई नुक्सान नहीं। लेकिन इंसान ऐसे नहीं चला उसने जलवायु को पूरी तरह निचोड़ के रख दिया जैसे उसे इसकी परवा ही न हो।

इंसान तो चाँद पर और मंगल पर रहने की सोच रहा है। जैसे धरती अब उसके किसी काम की नहीं रही। ऐसे में आज जो पुरे विश्व के हालत है वो किसी जानवर, प्रकृति, भगवान ने नहीं बल्कि इसका पूरा - पूरा जिमेवार इंसान ही है।

यहाँ न तो इंसानो को सही शिक्षा दी जा रही न ही उनमे अब किसी के प्रति हमदर्दी बस अपने - अपने में सिमटा इंसान सिमट कर ही रह गया है। बहुत भाग रहा था इंसान, सुबह से लेकर रात तक सिर्फ भागना ही भागना न तो अपने आस - पास के लोगो से मतलब न जिव - जंतुओं से और न ही प्रकृति से मतलब लेकिन अब इस महामारी ने 24 घंटे भागने वाले इंसान को शांति से घरों में बिठा दिया है।

हम चाहे तो हमारे जीवन के आकड़ो को आगे बढ़ा सकते है। और हम चाहे तो 4 लाख 32 हजार को कम भी कर सकते है ये हमारे हाथ में है की विनाश चहिए या जीवन।

पृथ्वी पर अभी तक लाखों महामारियाँ आई है। बुद्ध के समय भी महामारी आई थी। लेकिन ऐसी महामारी कभी नहीं आई जिससे पूरा विश्व परेशान है। लाखों लोगो ने अपनी जान गवा दी है।

2029 में आ रहा है प्रलयकारी पत्थर (Asteroid Apophis)
दुनियाँ भर के वैज्ञानिको को इस पर अभी से काम करना चाहिए नहीं तो हम सब बहुत बड़ी मुसीबत में फस सकते है। जी हाँ दोस्तों बात 29 अप्रेल 2020 की भी हो रही थी लेकिन ये पत्थर तो पास से निकलेगा असली टकराने वाला पत्थर तो 2029 को आ रहा है। अभी वह हमारी धरती से काफी दूर है उसको वही खत्म किया जा सकता है। धरती के नजदीक आने पर हम कुछ नहीं कर पाएंगे। Asteroid Apophis इसका नाम है। अगर ये 2029 में धरती के पास से निकलता है तो अगली बार यानी 2036 में ये 100% धरती के सीध में होगा और टकराएगा। ऐसे में वैज्ञानिको को अभी से इस और ध्यान देना चाहिए।

बाइबल में भी लिखा है प्रलय के बारे में 
बाइबल में प्रलय के बारे में सकेत मिलता है की महामारी, भूकंप, सुनामी आदि से सब मानव परेशान होगा। चारों तरफ लोग परेशान और बीमार होंगे उस समय जीजस धरती पर मौजूद होंगे। ऐसा उनके आने के समय भी होगा और इस से भयंकर उनके जाने के 1000 साल बाद होगा।

भगवान कृष्ण ने भी बताया है कलयुग और प्रलय के बारे में
जी हाँ दोस्तों अर्जुन के बहुत ज्यादा पूछने पर भगवान ने कलयुग के लोगो के बारे में और कैसे इस धरती का विनाश होगा इसके बारे में और अपने अगले अवतार के बारे में साफ शब्दो में अर्जुन को बताया है। श्री कृष्ण ने कलयुग का विनाश धरती का तापमान बढ़ जाने और जलवायु परिवर्तन के कारण बताया है।

भविष्यवक्ता नास्त्रेदमस ने भी अपनी भविष्यवाणियों में लिखा है 
नास्त्रेदमस ने लिखा है की उस समय बहुत बड़ा संकट विश्व पर रहेगा। चारो तरफ गृह युद्ध के हालत रहेंगे। एक तारा आसमान में बहुत तेज चमकेगा। सफेद और काले के बीच युद्ध। विश्व का मुक्ति दाता भी उस समय जन्म लेगा। एशिया का एक देश सब पर राज करेगा।

आज कोरोना महामारी के कारण चीन ऐसा  देश बनने जा रहा है। जो अमेरिका को भी पीछे छोड़ देगा। ऐसे में नास्त्रेदमस की भविष्यवाणियाँ सच सबित होती नजर आ रही है।

भविष्यवक्ता बाबा वेगा
बाबा वेगा की भविष्यवाणी भी सच साबित हुई है। उन्होंने भी धरती के अंत की भविष्यवाणी की है उन्होंने लिखा है की लोगो के मन में दूसरो के प्रति दया भाव नहीं रहेगा। स्त्रियाँ सिर्फ पैसे वाले घर देख कर ही विवाह करेगी। इंसान के गुणों को नहीं बल्कि उसके पैसों को देखा जाएगा। ऐसे समय में एक महामारी दुनियाँ की आधी आबादी खत्म कर देगी। सभी उसका दंड भुगतेंगे बचे लोग बाद में पीड़ा सहेंगे। जो अपनी गलती स्वीकार करेगा वे परमात्मा की शरण में रहेगा। इस वक्त वह सामने आएगा और चारों तरफ आध्यात्मिक माहौल बनेगा।  

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