काला हिरण या कृष्णमृग (भारतीय हिरण) - एक नजर तथ्यों पर | Blackbuck in Hindi | Kala Hiran | Krishna Mrig



काला हिरण या कृष्णमृग (भारतीय हिरण) - एक नजर तथ्यों पर | Blackbuck in Hindi | kala hiran | Krishna Mrig

Blackbuck in Hindi | Kala Hiran | Krishna Mrig

1. काला हिरण यह भारतीय उपमहाद्वीप में पाए जाने वाला एक मृग है। इसे (एंटीलोप सर्विकप्रा) के नाम से भी जाना जाता है। 

2. काला हिरण भारत, नेपाल और पाकिस्तान में पाए जाने वाला हिरण की एक प्रजाति है। 

3. इसके बारे में सबसे पहले 1758 में स्वीडिश जीव वैज्ञानिक कार्ल लिनिअस ने बताया था। 

4. यह हिरण जीनस एनिलिओप का एकमात्र मौजूदा सदस्य है। 

5. यह हिरण शाहकारी होते है और घास - पत्तिया खाकर अपना जीवन यापन करते है। 

6. मादा कृष्ण मृग मात्र 8 महीनों में ही वयस्क हो जाती है। और नर हिरण 1 साल में वयस्क होता है। 

7. इनके गर्भ काल का समय लगभग आम तौर पर 6 महीने का होता है। जिसके बाद एक शावक का जन्म होता है। 

8. यह हिरण घास के मैदानों में और जंगली इलाकों में पाए जाते है। 

9. काले हिरण ऐसी जगह रहना पसंद करते है जहाँ पानी की भरपूर सुविधा हो। ये तलाब या झील के किनारे रहना पसंद करते है। 

10. यह प्रजाति अब भारत में ही पाई जाती है जबकि बंगलादेश में यह हिरण लुप्त हो गए है। 

11. 20 वीं शताब्दी के दौरान, अत्यधिक शिकार, वनों की कटाई और निवास स्थान में गिरावट के चलते काले हिरन की संख्या में तेजी से गिरावट आई है।

12. आम तौर पर इन हिरणों की उम्र 10 से 15 साल ही होती है। 

13. IUCN ने भारत के काले हिरण को अब लुप्तप्राय वाली श्रेणी में रखा है। 

14. 1972 वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत भारत में काले हिरण (कृष्ण मृग) के शिकार पर प्रतिबंध है। शिकार करने वाले पर क़ानूनी करवाई और सजा एवं जुर्माना भी लगाया जाएगा। 

15. कृष्ण मृग के प्रमुख शिकारियों में जंगली कुत्ते, भेड़िये और चीते शामिल है। 

16. काले हिरण को गर्म जलवायु पसंद है। यह गर्मी के तापमान में भी रह सकते है। 

17. राजस्थान का ताल छापर अभ्यारण कृष्ण मृग के कारण ही प्रसिद्ध है। 

18. यह हिरण राजस्थान, गुजरात, बुंदेलखंड, तमिलनाडु, बिहार, कर्नाटक, महाराष्ट्र  में पाए जाते है। 

19. भारत में अब इन हिरणों की संख्या धीरे - धीरे कम हो रही है। ऐसे में सरकार भी इस और जरूरी कदम उठा रही है। अभी भारत में इनकी संख्या 50 हजार के करीब है। 

20. हिंदू धर्म में इनका विशेष महत्व है। इसलिए यह  भारत के बहुत से इलाकों में आराम से घूमते हुए नजर आएंगे।