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Red Alert : जलवायु परिवर्तन एक वैश्विक चुनौती | Climate Change in Hindi | Global Warming in Hindi

Red Alert : जलवायु परिवर्तन एक वैश्विक चुनौती | Climate Change in Hindi | Global Warming in Hindi

धरती पर चारों तरफ बस तबाही का मंजर बना हुआ है . कही बाढ़ कही चक्रवात तो कही अब तेज भूकम्प का खतरा बनता हुआ नजर आ रहा है . पिछले कुछ दशकों में बाढ़, सूखा और बारिश आदि की अनियमितता काफी बढ़ गई है। यह सभी जलवायु परिवर्तन के परिणामस्वरूप ही हो रहा है। कुछ स्थानों पर बहुत अधिक वर्षा हो रही है, जबकि कुछ स्थानों पर पानी की कमी से सूखे की संभावना बन गई है।
Climate Change in Hindi  Global Warming in Hindi

पिछले कुछ दिनों से धरती पर छोटे बड़े उल्कापिंड भी काफी गिरे थे . राजस्थान में भी कुछ दिन पहले एक उल्कापिंड गिरा था . अच्छा हुआ की यह आकार में बहुत छोटा था लेकिन अभी और भी आने बाकि है . नासा की रिपोट के अनुसार 2036 में आने वाला उल्कापिंड धरती से जरुर टकराएगा साथ ही साथ यह आकार में भी बहुत बड़ा है . वैज्ञानिक इसको अन्तरिक्ष में ही नष्ट करने की योजना बना रहे है .

कल मेक्सिको में 7.5 की तीर्वता से आया था भूकम्प जिसके कारण वहा भयंकर तबाही मची थी . मात्र 24 घंटो में 3 भूकम्प केवल मेक्सिको सीटी में आए है और पुरे विश्व की बात करे तो 24 घंटो में 136 भूकम्प आए है . इधर अब मेक्सिको में वैज्ञानिको ने भयंकर सुनामी की चेतावनी जारी कर दी है . 

आपकी जानकारी के लिए बता दे की मेक्सिको एक अन्तरिक्ष से गिरे उल्कापिंड पर बसा शहर है . बात करे भारत की तो भारत में दिल्ली में पिछले 60 दिन में 25 छोटे - बड़े भूकम्प के झटके महसूस किए गए है .

मिजोरम में 5.3 तीव्रता का भूकंप, मकान हुए क्षतिग्रस्त, सड़कों में आई दरार और साथ ही साथ कश्मीर एवम गुजरात के कुछ इलाको में भी भूकम्प आए है .

नए शोध में खुलासा हुआ है की हिन्‍द महासागर में मौजूद विशाल टेक्टोनिक प्लेट दो हिस्सों में अलग हो रही है . इधर दुनिया भर में ग्लेसिअर तेजी से पिघल रहे है जिनके कारण सुनामी,  बाढ़ जेसे हालत भी बन रहे है . जलवायु परिवर्तन के कारण समुंद्र का जल स्तर 8 इंच बढ़ गया है . पृथ्वी का अध्ययन करने वाले वैज्ञानिक बताते हैं कि पृथ्वी का तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। पृथ्वी का तापमान बीते 100 वर्षों में 1 डिग्री फारेनहाइट तक बढ़ गया है।

बहुत से जंगलो में अभी भी आग लगी हुई है जिन्हें पिछले कुछ महीनों से भुझाने की कोशिश हो रही है .आपको याद होगा अभी जनवरी में ऑस्ट्रेलिया के जंगलो में भयंकर आग लगी थी जिसके कारण वहा के करीब 50 करोड़ जिव - जन्तु उस आग में झुलस गए थे . 

इधर सभी देशो पर विश्व युद्ध का खतरा बनता हुआ नजर आ रहा है कोई भी देश कभी भी जंग की शुरुआत कर सकता है . चारों तरफ महामारी फेली हुई है . लाखों लोगो ने इसमें अपनी जान भी गवा दी है .

भूगोल शास्त्री और वैज्ञानिको का दावा है की यह सभी घटनाए एक साथ जुडी हुई है . पहले कभी इतनी बड़ी आफत एक साथ नही आई थी . 

जानकारों ने अनुमान लगाया है कि भविष्य में जलवायु परिवर्तन के परिणामस्वरूप मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियाँ और अधिक बढ़ेंगी तथा इन्हें नियंत्रित करना मुश्किल होगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आँकड़ों के अनुसार, पिछले दशक से अब तक हीट वेव्स (Heat waves) के कारण लगभग 150,000 से अधिक लोगों की मृत्यु हो चुकी है।

जलवायु परिवर्तन हमारे लिए एक बहुत बड़ी चुनोती है . सभी देशो को मिलकर इस पर चर्चा करके जल्द से जल्द गम्भीर कदम उठाने की बहुत आवश्कता है .