जानिए डॉल्फिन से शार्क क्यों डरती है ? || Dolphins Vs Sharks Facts || Why are Sharks Afraid of Dolphins in Hindi



Dolphins Vs Sharks Facts in Hindi - दोस्तों शार्क को समुंद्र का सबसे घातक शिकारी जीव माना जाता है। इस खूंखार मछली ने अभी तक लाखों लोगो की जान भी ले ली है इसी कारण इसे बहुत सी फिल्मों में भयंकर और खतरनाक समुंद्री जीव के रूप में दर्शाया गया है। 

बड़े से बड़ा समुंद्री जीव भी शार्क के आगे नहीं टिक सकता है। लेकिन क्या आपको पता है की यह खूंखार शार्क स्वीट सी दिखने वाली डॉल्फिन से बहुत ज्यादा डरती है। डॉल्फिन को समुंद्र का सबसे बुदिमान जीव माना गया है। वह अपने आस - पास के दायरे में सभी जीवो के बारे में दूर से ही पता लगा लेती है और रफ्तार के मामले में भी डॉल्फिन काफी तेज है।  
Dolphins Vs Sharks Facts in Hindi

जिस प्रकार एक छोटा बच्चा सोने से पहले अपने बेड के नीचे झांक कर देखता है की कही कोई मॉन्स्टर तो नहीं है। ठीक इसी प्रकार समुंद्र में सार्क भी हरदम अपने आस - पास यह चेक करती रहती है की उसकी तरफ कोई डॉल्फिन तो नहीं आ गई है। खूंखार शार्क द्वारा मासूम डॉल्फिन से डरने की वजह क्या है 


डॉल्फिन बाकी सभी मछलियों से काफी अलग है। दोस्तों डॉल्फिन के हडियों का ढांचा और मासपेशियां बहुत ज्यादा लचीली होती है। इसी वजह से डॉल्फिन शार्क से तेज तैर सकती है और बार - बार पानी की सतह से कई ऊपर छलांग लगा सकती है। 

शार्क की पूंछ वर्टिकल सेप में होती है जिसकी वजह से शार्क अपने दाय या बाए तो तेजी से मूड़ जाती है लेकिन समुंद्र में शार्क डॉल्फिन की तरह नीचे से ऊपर या ऊपर से नीचे तेजी से मूव नहीं कर सकती। एक डॉल्फिन पानी में बहुत तेजी से अपनी दिशा बदल सकती है। इंसानों के बाद अगर किसी की याददाश्त लंबी है, तो वो डॉल्फिन मछली है। 


जब इन दोनों मछलियों का आमना - सामना होता है तो डॉल्फिन तेज गति से शार्क के नीचे से निकल जाती है लेकिन शार्क जब तक नीचे की और मुड़ने लगती है तब तक डॉल्फिन बहुत तेजी से ऊपर की और मूड़ जाती है और शार्क के पेट पर जोरदार वार करती है। यह टकर इतनी तेज होती है की शार्क अपना सूद बुद खो बैठती है उसे पता ही नहीं चलता आखिर हुआ क्या और ऐसा फिर डॉल्फिन बार - बार करती है। ऐसे में शार्क वहा से जान बचाकर भागना ही उचित समझती है। 

आपकी जानकारी के लिए बता दे की डॉल्फिन समुंद्र से 20 फिट ऊपर तक आसानी से छलांग लगा सकती है। डॉल्फिन का मुँह आगे से बहुत तीखा और लम्बा होता है और यह बहुत मजबूत हडियो से भी बना हुआ होता है। यही वजह है की डॉल्फिन का हमला शार्क सह नहीं पाती है। इस हमले से शार्क के पेट में गंभीर चोट आती है और अगली बार वह ध्यान रखती है की कहि आस - पास कोई डॉल्फिन न हो। 


दोस्तों डॉल्फिन अपने पुरे परिवार के साथ रहती है। जबकि शार्क अकेले जीवन जीना पसंद करती है। यानि कोई शार्क अगर किसी डॉल्फिन पर हमला करती भी है तो उस समूह की दूसरी डॉल्फिन अपने साथी की मदद करने के लिए उस शार्क पर टूट पड़ती है। एक साथ इतनी डॉल्फिनों के हमलो से कई बार शार्क की मौत भी हो जाती है तो कुछ को गंभीर चोट आती है। 

समुंद्र में किलर व्हेल भी डॉल्फिन के आस पास ही रहती है। क्योकि यह भी डॉल्फिन प्रजाति का ही एक जीव है। यह व्हेल काफी बड़ी और भारी होती है। यह भी डॉल्फिन और शार्क की लड़ाई में डॉल्फिन की मदद के लिए बीच में आ जाती है। ऐसे में ग्रेट फाइट सार्क के समुंद्र में भी पसीने छूट जाते है। ऐसे में सिवाय भागने के शार्क के पास कोई चारा नहीं रहता है। 

असल में शार्क डॉल्फिन के छोटे बच्चों को खा जाती है इसी वजह से डॉल्फिन शार्क पर हमला करती है। जहाँ भी शार्क दिखाई देती है डॉल्फिन तुरंत उस पर हमला बोल देती है। 

डॉल्फिन ने कई बार बहुत से इंसानो को भी शार्क के हमले से बचाया है। इसलिए डॉल्फिन मछली सभी को पसंद है। माना जाता है की डॉल्फिन आपस में एक दूसरी मछली से बात भी करती है। ऐसे में वह बहुत दूर से भी अपने समूह को अपने पास तुरंत बुला लेती है।   

तो दोस्तों यह थी शार्क और डॉल्फिन के बारे में जानकारी मिलते है एक नई जानकारी के साथ तब तक के लिए नमस्कार ।  


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