कमल मंदिर (बहाई उपासना मंदिर) की सम्पूर्ण जानकारी एवं इतिहास || Kamal Mandir Delhi || Lotus Temple History in Hindi



कमल मंदिर (बहाई उपासना मंदिर) की सम्पूर्ण जानकारी एवं इतिहास || Kamal Mandir Delhi || Lotus Temple History in Hindi - Baha'i Lotus Temple in Hindi - Kamal Mandir Information in Hindi लोटस टेंपल या कमल मंदिर यह भारत की राजधानी दिल्ली में स्थति एक बहुत ही खूबसूरत मंदिर है। kamal mandir delhi में नेहरू प्लेस (कालकाजी मंदिर) के पास बना हुआ मंदिर है। 
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Kamal Mandir Hindi

नाम - बहाई उपासना स्थल, लोटस टेंपल, कमल मंदिर दिल्ली 

वास्तुकला शैली - अभिव्यंजनात्मक

स्थान - नई दिल्ली, भारत

संरचनात्मक - संगममर एवं कंक्रीट द्वारा 

मंदिर के वास्तुकार - फ़रीबर्ज़ सहबा

मंदिर की स्थापना - बहाई समुदाय द्वारा 13 नवंबर 1986

- लोटस टेंपल की नीव बहाई समुदाय ने 13 नवंबर 1986 में रखी थी। 

- आप जानकर हैरान रह जाओगे की यह भारत का एकमात्र ऐसा मंदिर है जहाँ कोई भी मूर्ति या प्रतिमा नहीं है और न ही यहाँ बाकि मंदिरों की भांति कोई पूजा - पाठ, कर्म - कांड होता है। यहाँ केवल भिन्न - भिन्न धर्मो के पवित्र लेख पढ़े जाते है। इस मंदिर की आकृति कमल के फूल के समान है इस लिए इसे कमल मंदिर कहा जाता है। 


- भारत में कमल को एक पवित्र पुष्प माना जाता है। हिन्दू, बौद्ध, जैन सभी धर्मो में कमल का बहुत अधिक महत्व भी है साथ ही साथ कमल ईंश्वर के अवतार का चिन्ह भी है। कमल कीचड़ में खिलने के बावजूद भी सुंदर और खीचड़ से काफी अलग होता है। यह हमे जीने की और कुछ अलग बनने की प्रेणना भी देता है। 

-कमल - शांति, पवित्रता, प्रेम और अमरत्त्व का प्रतीक है। यह मंदिर सफेद रंग का बना हुआ कमल के समान मंदिर है। 


- यह मंदिर परमात्मा की प्राथना और ध्यान के लिए बनाया गया है। भारत में लॉकडाउन के समय से पहले यहाँ एक दिन में करीब 10 हजार लोग घूमने आते थे।

- कमल मंदिर के आस - पास सुंदर बगीचे भी बने हुए है जहाँ दूर से आए मुसाफिर चेन की साँस लेते है और कुछ देर विश्राम करते है। मंदिर के पास सुंदर तलाब भी है जो मन को मोह लेता है। 

- इस मंदिर को खिलते कमल के भांति डिजाइन किया गया है जिसमें कुल 27 पंखुडिया संगममर और कंक्रीट से बनाई गई है।

- यह मंदिर सभी धर्मो के लोगो के लिए बनाया गया है। 

- जल्द ही  कमल मंदिर को यूनेस्कों द्वारा विश्व धरोहर स्थल में शामिल कर लिया जाएगा। 

- इसे बहाई उपासना मंदिर भी कहा जाता है। बहाई उपासना  मंदिर चारों ओर से नौ बड़े जलाशयों से घिरा है, जो न सिर्फ भवन की सुंदरता को बढ़ता है बल्कि मंदिर के प्रार्थनागार को प्राकृतिक रूप से ठंडा रखने में भी महत्वपूर्ण योगदान करते है। बहाई उपासना मंदिर उन मंदिरों में से है जो गौरव शांति एवं उत्कृष्ट वातावरण को ज्योतिर्मय करता है।

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