Amit Shah Ki Jivani, Biography of Amit Shah in Hindi, Amit Shah Jivan Parichay, Minister of Home Affairs || अमित शाह की जीवनी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह



 (Minister of Home Affairs Amit Shah Biography In Hindi) आज हम आपको Amit Shah Ki Jivani के बारे में बताएंगे। Amit Shah Hindi अभी हाल की खबर के अनुसार अमित शाह 2/8/2020 को कोरोना पोजटिव पाए गए है। Amit Shah Jivan Parichay आज ही के दिन अमिताभ बच्चन कोरोना से सही होकर घर को लोटे है और इधर ( Amit Shah Coronavirus Positiv ) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रविवार को कोरोना पॉजिटिव पाए गए। जो वाकई में बहुत ही चिंता जनक है। भारत के सभी देशवासी यही चाहते है की अब जल्द से जल्द केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कोरोना ( Covid 19)  से सही हो कर वापस आए। 

(महान राजनेता अमित शाह की जीवनी Biography of Amit Shah in Hindi, amit shah ki jivani)

पूरा नाम - अमित अनिलचन्द्र शाह

जन्म स्थान - मुंबई, महाराष्ट्र,भारत

जन्म तारीख - 22 अक्टूबर, साल 1964

पेशा - भारतीय राजनेता

पद - भारतीय जनता पार्टी के वर्तमान अध्यक्ष, पूर्व विधायक, राज्यसभा के सांसद

माता का नाम - कुसुमबा

पिता का नाम - अनिल चन्द्र शाह

पत्नी का नाम - सोनल शाह

कुल बच्चे - एक बेटा

लंबाई - 5’6

वजन - 81 किलो

आखों का रंग - काला

बालों का रंग - सफेद

धर्म - हिंदू

कुल संपत्ति - 34 करोड़ के करीब (2014 तक)

अमित शाह का बच्चपन शुरूआती जीवन एवं शिक्षा 
अमित शाह का जन्म 22 अक्टूबर 1964 को महाराष्ट्र के मुंबई में एक व्यापारी के घर हुआ था। वे गुजरात के एक धनाढ़्य परिवार से सम्बन्धित हैं। अमित शाह का परिवार गुजरात के मेहसाना गांव में रहता था। अमित शाह ने अपनी शुरूआती पढ़ाई मेहसाना (गुजरात) के एक गांव में ही की थी। बाद में इन्होने सी.यू शाह साइंस कॉलेज से विज्ञान के विषय में डिग्री प्राप्त की थी, ये कॉलेज अहमदाबाद में स्थित है। अहमदाबाद में इन्होने बॉयोकेमिस्ट्री की पढ़ाई पूरी की थी अमित शाह की शरू से ही विज्ञान के प्रति काफी आकर्षण रहा है इस लिए इन्होने अपनी पढ़ाई भी साइंस विषय में पूरी की थी। 

कम उम्र में ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े 
अमित शाह के पिता एक व्यापारी थे इसी कारण पढ़ाई पूरी होने के बाद अमित शाह भी अपने पिता की मदद के लिए उनके बिज़नेस में हाथ बटाने लगे। फिर धीरे - धीरे शाह की रूचि समाजिक कार्यो के प्रति भी बढ़ती गई और वे बहुत कम उम्र में ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ गए थे।

अमित शाह और नरेंद्र मोदी की यादगार पहली मुलाकात और दोनों में एक सच्ची दोस्ती 
अमित शाह जब अपने कॉलेज की पढ़ाई कर रहे थे उन दिनों साल 1982 में उनकी मुलाक़ात नरेंद्र मोदी से हुयी थी। 1983 में वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े और इस तरह उनका छात्र जीवन में राजनीतिक रुझान बना। इस समय भारत के दो महान राजनेता एक दूसरे से मिले थे। 

महान राजनेता अमित शाह के पिता का नाम अनिल चन्द्र शाह है। अमित शाह की इनकी माता का नाम कुसुमबा है। अमित शाह की पत्नी का नाम सोनल शाह है। जिनसे उन्हें एक पुत्र की प्राप्ति हुई, जिनका नाम जय है। 

अमित शाह ने अपने कॉलेज के दिनों में ही राजनीति में आने का फैसला ले लिया था और साल 1983 में ये अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़ गए थे. वहीं आरएसएस से जुड़ने के बाद साल 1986 में ये बीजेपी पार्टी में शामिल हो गए और इन्होंने पार्टी के लिए प्रचार का कार्य करना शुरू कर दिया. इनको साल 1997 में पार्टी की ओर से विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए टिकट दिया गया था. जिसके बाद इन्होंने गुजरात की सरखेज विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और इन्हें इस चुनाव में जीत मिली. फिर इन्होंने इसी सीट से लगातार तीन बारी और चुनाव लड़ अपनी जीत दर्ज करवाई। 


शाह 1987 में भाजपा में शामिल हुए। 1987 में उन्हें भारतीय जनता युवा मोर्चा का सदस्य बनाया गया। शाह को पहला बड़ा राजनीतिक मौका मिला 1991 में, जब आडवाणी के लिए गांधीनगर संसदीय क्षेत्र में उन्होंने चुनाव प्रचार का जिम्मा संभाला। दूसरा मौका 1996 में मिला, जब अटल बिहारी वाजपेयी ने गुजरात से चुनाव लड़ना तय किया। इस चुनाव में भी उन्होंने चुनाव प्रचार का जिम्मा संभाला। 

पेशे से स्टॉक ब्रोकर अमित शाह ने 1997 में गुजरात की सरखेज विधानसभा सीट से उप चुनाव जीतकर अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की। 1999 में वे अहमदाबाद डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव बैंक (एडीसीबी) के प्रेसिडेंट चुने गए। 2009 में वे गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष बने। 2014 में नरेंद्र मोदी के अध्यक्ष पद छोड़ने के बाद वे गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष बने। 2003 से 2010 तक उन्होने गुजरात सरकार की कैबिनेट में गृहमंत्रालय का जिम्मा संभाला।

अमित शाह से जुड़ी अन्य जरूरी बातें 
शाह को मिलती है जेड प्लस सुरक्षा (Amit Shah Gets Z+ Category Security) – अमित शाह का नाम उन राजनेताओं में आता हैं जिन्हें सरकार द्वार जेड प्लस सुरक्षा दी जाती है. शाह के साथ हर वक्त 25 कमांडो रहते हैं जो कि उनकी सुरक्षा करते हैं.

साल 1982 में मिले थे मोदी से – अमित शाह और मोदी एक ही पार्टी के लिए कार्य करते हैं और ये दोनों एक दूसरे के काफी अच्छे दोस्त भी हैं. कहा जाता है कि साल 1982 में इन दोनों की पहली मुलाकात हुई थी, ये दोनों अहमदाबाद में आरएसएस के आयोजित हुए एक कार्यक्रम में आए थे. वहीं उस समय हुई इनकी ये छोटी से मुलाकात जल्द ही दोस्ती में बदल गई थी.

स्टॉक ब्रोकर के तौर पर भी किया है कार्य – शाह आज भले ही राजनीति में एक जाना मान चेहरे बन गए हों, लेकिन उन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में बतौर एक स्टॉक ब्रोकर भी कार्य किया था. इतना ही नहीं कहा जाता है कि शाह ने एक सहकारी बैंक में भी कुछ समय तक अपनी सेवाएं दी थी.
2020 में कोरोना से जंग 
अभी हाल ही में उन्होंने अपने ट्विटर हेंडल पर खुद ट्वीट कर यह जानकारी दी है की उन्हें कोरोना हो गया है और जो भी पिछले 10 दिनों में मेरे सम्पर्क में आए है कोरोना टेस्ट करवा ले। ऐसे में भारत के सभी लोग यही कामना करते है की आप जल्द से जल्द वापस पहले की तरह सही हो कर घर लोट आए। 

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