Ayurvedic Doctor Kaise Bane (Doctor Kaise Bane) Ayurvedic Courses After 12th, BAMS Kaise Kare in Hindi || 12वीं के बाद आयुर्वेदिक डॉक्टर कैसे बनें ?



Doctor Kaise Bane, Ayurvedic Doctor Kaise Bane, Ayurvedic Courses After 12th, BAMS Kaise Kare in Hindi || 12वीं के बाद आयुर्वेदिक डॉक्टर कैसे बनें ?- 12वी करने के बाद अक्सर विद्यार्थियों को यह पता नहीं होता की आखिर अब आगे वह क्या करें। किस फिल्ड में अपना करियर चुने। ऐसे में आज हम आपके लिए एक ऐसा फिल्ड लेकर आए है जिसमें फिलहाल भारत में बहुत ज्यादा स्कोप है जी हां दोस्तों हम बात कर रहे है आयुर्वेद में डॉक्टरी की, आज भारत  धीरे - धीरे वापस अपनी संस्कृति और आयुर्वेद पद्धति की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में इस क्षेत्र में अब बहुत सी नौकरिया भी मिलने वाली है। (Available Courses after 12th Science)

अगर आपने 12th में विज्ञान का विषय चुना है और अब आपकी 12th कम्प्लीट हो गई है तो आप अब स्नातक स्तर पर बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक चिकित्सा एवं सर्जरी (बीएएमएस) B.A.M.S. कोर्स कर सकते हो। जिसके जरिए आप अपना क्लिनिक भी खोल सकते हो आप चाहो तो सरकारी अस्पताल में भी काम कर सकते हो। आइये जानते है विस्तार से "BAMS" के बारे में तो चलिए शुरू करते है। 
 Ayurvedic Courses After 12th, BAMS Kaise Kare in Hindi 

सबसे पहले हम जान लेते है की आखिर आयुर्वेद क्या है ?

आयुर्वेद भारत की एक प्राचीन चिकित्सा पद्धति है जिसके जरिए बड़े से बड़ा रोग भी कुछ ही दिनों में जड़ी - बूंटियों के द्वारा सही किया जाता है। आयुर्वेद शब्द आयु: + वेद  से मिलकर बना है जिसका शाब्दिक अर्थ है "जीवन से संबन्धित ज्ञान" यह भारतीय आयुर्विज्ञान है। आयुर्विज्ञान, विज्ञान की वह शाखा है जिसका सम्बन्ध मानव शरीर को निरोग रखने, रोग हो जाने पर रोग से मुक्त करने अथवा उसका शमन करने तथा आयु बढ़ाने से है।


आयुर्वेद में वात, पित्त, कफ के असंतुलन को रोग का कारण मानते हैं। इसी प्रकार सम्पूर्ण आयुर्वैदिक चिकित्सा के आठ अंग माने गए हैं (अष्टांग वैद्यक), ये आठ अंग ये हैं- कायचिकित्सा, शल्यतन्त्र, शालक्यतन्त्र, कौमारभृत्य, अगदतन्त्र, भूतविद्या, रसायनतन्त्र और वाजीकरण।

"धन्वन्तरि आयुर्वेद के देवता हैं। वे विष्णु के अवतार माने जाते हैं"
धन्वन्तरि आयुर्वेद के देवता

मनुष्य के लिए सिर्फ धन ही महत्वपूर्ण नहीं है बल्कि धन के साथ - साथ सेहत भी सही होनी बहुत जरुरी है नहीं तो उस धन का क्या फायदा ठीक इस बात को सही ढंग से समझाने के लिए भगवान विष्णु का अवतार धन्वंतरि के रूप में हुआ था। जिनके एक हाथ में धन का कलश तो दूसरे हाथ में शरीर को स्वस्थ रखने वाली औषधीया है। 

300-200 ई. पूर्व लगभग आयुर्वेद के आचार्य महर्षि चरक की गणना भारतीय औषधि विज्ञान के मूल प्रवर्तकों में होती है।चरक की शिक्षा तक्षशिला में हुई ।इनका रचा हुआ ग्रंथ 'चरक संहिता' आज भी वैद्यक का अद्वितीय ग्रंथ माना जाता है। ।उन्होंने आयुर्वेद के प्रमुख ग्रन्थों और उसके ज्ञान को इकट्ठा करके उसका संकलन किया । चरक एक महर्षि एवं आयुर्वेद विशारद के रूप में विख्यात हैं। वे कुषाण राज्य के राजवैद्य थे। इनके द्वारा रचित चरक संहिता एक प्रसिद्ध आयुर्वेद ग्रन्थ है। इसमें रोगनाशक एवं रोगनिरोधक दवाओं का उल्लेख है तथा सोना, चाँदी, लोहा, पारा आदि धातुओं के भस्म एवं उनके उपयोग का वर्णन मिलता है। आचार्य चरक ने आचार्य अग्निवेश के अग्निवेशतन्त्र में कुछ स्थान तथा अध्याय जोड्कर उसे नया रूप दिया जिसे आज चरक संहिता के नाम से जाना जाता है । 

अगर आप 12वी के बाद आयुर्वेदिक डॉक्टर बनना चाहते है तो आपको Bams Course करना होगा।


 आइये जानते है BAMS क्या है ?

आयुर्वेद World की सभी Therapy System में से एक है BAMS इस Therapy द्वारा ना सिर्फ बीमारी को ठीक किया जाता है बल्कि बीमारी को जड़ से खत्म भी कर दिया जाता है।

BAMS का पूरा नाम क्या है ?

बैचलर ऑफ आयुर्वेद मेडिसिन एंड सर्जरी Bachelor of Ayurvedic Medicine and Surgery (B.A.M.S.)

भारत में आयुर्वेद चिकित्सा की एक डिग्री है। यह 12वीं कक्षा के बाद साढ़े पाँच वर्ष की अवधि में पूरी की जाती है, जिसमें एक वर्ष का इंटर्नशिप भी सम्मिलित है। बीएएमएस का डिग्रीधारी व्यक्ति भारत में कहीं भी प्रैक्टिस कर सकता है।

संस्था - आयुर्वेदिक शिक्षा सेंट्रल काउंसिल ऑफ इंडियन मेडिसिन (सीसीआईएम)

आयुर्वेदिक कोर्स का नाम - B. A. M. S. ( Bachelor of Ayurvedic Medicine and Surgery ) 

कोर्स की अवधि - 5 वर्ष 6 महीने 

उपाधि - आयुर्वेदिक डॉक्टर 

नौकरी का स्थान - भारत में कही भी 

सैलरी - 1 लाख रूपये महीना (सरकारी अस्पताल में)

न्यूनतम योग्यता - विज्ञान विषय में 12वी के बाद 

कोर्स के लिए न्यूनतम आयु - 17 वर्ष

BAMS कोर्स की फीस -  5 लाख रूपये (5 वर्ष 6 महीने )

सभी रोगो का इलाज है आयुर्वेद में 

BAMS के द्वारा विद्यार्थी क्या सीखता है ?

शरीरक्रिया विज्ञान, 
चिकित्सा के सिद्धान्त,
रोगों से बचाव,
शरीररचना विज्ञान,
सामाजिक चिकित्सा,
फर्माकोलोजी,
विषविज्ञान,
फोरेंसिक चिकित्सा,
कान-नाक-गले की चिकित्सा,
आँख की चिकित्सा,
शल्यक्रिया के सिद्धान्त 

कुछ विशेषज्ञों का मत है कि भविष्य में BAMS और MBBS का एकीकरण किया जा सकता है।

भारत में BAMS संस्थान - 

भारत में आज विभिन्न राज्यों में कई ऐसे संस्थान हैं जो आयुर्वेद से जुड़े कोर्स कराते हैं-

आयुर्वेदिक एंड यूनानी तिबिया कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली,

राजकीय ऋषिकुल आयुर्वेद महाविद्यालय, हरिद्वार,

राजकीय गुरुकुल कांगड़ी आयुर्वेदिक महाविद्यालय, हरिद्वार,

अलीगढ़ आयुर्वेदिक व यूनानी चिकित्सा महाविद्यालय,

आयुर्वेद महाविद्यालय, वाराणसी,

श्री लाल बहादुरशास्त्री मेमोरियल राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय, इलाहाबाद,

राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय, तिरुअनंतपुरम,

राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय, कन्नूर

आप बहुत से Medical College से BAMS में Admission ले सकते है। Bams Course Duration 5 साल 6 महीने का होता है। Bams Course में आयुर्वेद के साथ ही आधुनिक दवाओं की शिक्षा भी शामिल होती है। भारतीय शिक्षा प्रणाली में Bams की Degree बहुत महत्वपूर्ण स्थान रखती है। इसमें छात्रों को Natural Herbs के द्वारा Treatment करना सिखाया जाता है।

BAMS Karne Ke Fayde - BAMS करने के फायदे क्या है ? Benefits of BAMS in Hindi

- यदि आप Bams Course करते है तो इससे आपको मुख्य तरह के फ़ायदे होंगे जो आपको आगे जानने को मिलेंगे। 

- Bams करके आयुर्वेदिक डॉक्टर बनने के बाद आपको बहुत ही शानदार Salary Provide की जाती है।

- आप चाहे तो अपना खुद का भी Ayurvedic Medical खोल सकते है।

- किसी आयुर्वेदिक Clinic में Junior Doctor के रूप में काम कर सकते है।

- यह क्षेत्र ऐसा होता है जिसमें Research का भी बहुत काम होता है इसलिए यह Course करके Research से भी जुड़ सकते है।

- अगर आप आयुर्वेदिक डॉक्टर बन जाते है तो इससे आपकी Life Style ही पूरी तरह से Change हो जाएगी और Society में भी एक अलग ही पहचान बन जाती है।

- ऐसे और भी फायदे है जो Bams करने के बाद आयुर्वेदिक डॉक्टर बनने पर होते है।

- यह तो थे Bams करने के फायदे जो आपको Bams Course करने के बाद मिलते है।

Bams के बाद क्या करें  Bams Scope in Hindi

इस Field में बहुत Scope है, तो क्या कर सकते है Bams Course के बाद जानते है आगे। 

Therapist

Product Manager

Medical Representative

Work in Nursing Home

Dispensaries

Research Institutes

On Duty Doctor

Work In Healthcare Community

Area Sales Manager

Sales Representative

Category Manager

Pharmacist

Lecturer

तो दोस्तों यह थी Bams Course से जुड़ी Complete Information अगर आपके मन में इस कोर्स को लेकर कोई  भी सवाल हो तो आप हमे नीचे कमेंट बॉक्स के माध्यम से पूछ सकते हो। 

No comments:

Post a Comment