Ganesh Chaturthi 2021 : Date, Puja Vidhi, Timing, Muhurat - गणेश चतुर्थी कब? जानें घर पर गणपति स्थापना की पूजा विधि, पूजा, समय, शुभ मुहूर्त, महत्व



Ganesh Chaturthi 2021 : Date, Puja Vidhi, Timing, Muhurat - गणेश चतुर्थी कब? जानें घर पर गणपति स्थापना की पूजा विधि, पूजा, समय, शुभ मुहूर्त, महत्व  


जिस दिन भगवान श्री गणेश जी का जन्म हुआ था। उसी दिन यानी की भाद्रपद माह में शुक्ल पक्ष की चतुर्थी के दिन गणेश चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है। भगवान श्री गणेश को सबसे पहले पूजा जाता है। 


सभी शुभ कार्यो में भगवान श्री गणपति जी को "विघ्न हरण मंगल करण के रूप  याद किया जाता है। भगवान गणेश को बुद्धि, समृद्धि और सौभाग्य के देवता के रूप में भी पूजा जाता है। 


गणपति जी की दो पत्नियाँ रिद्धि - सिद्धि होने के कारण इन्हें समृद्धि और सौभाग्य एवं रिद्धि - सिद्धि के देव के रूप में भी पूजा जाता है। भगवान श्री गणेश के दो पुत्र है शुभ और लाभ इसलिए व्यापारी जन भी इन्हे अपने काम में सबसे पहले याद करते है। 


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गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi Importance)  


इस साल 10 सितंबर से शुरू हो रहा है। इस दिन भगवान गणेश विराजेंगे और 19 सितंबर यानी अनंत चतुर्दशी के दिन उन्हें विदा किया जाएगा। देश भर में कोरोना महामारी की जोर है इसलिए इस कोरोना काल इस बार यह त्यौहार थोड़े अलग ढंग से एवं सावधानी पूर्वक मनाया जायेगा। 


गणेश चतुर्थी भारत में महाराष्ट्र में बड़े धूम - धाम से मनाई जाती है। यहाँ सभी लोग अपनी इच्छा अनुसार 10 दिनों के लिए बप्पा को अपने घर लाते है एवं उनकी खूब सेवा और पूजा अर्चना करते है। 


यह 10 दिन यहाँ पर गणेश महोत्सव के रूप में जाने जाते है। इसके बाद बाप्पा को विदा किया जाता है और कहा जाता है की 'गणपति बप्पा मोरिया अगले बरस तू जल्दी आना' (Ganpati Bappa Morya Agle Baras Tu Jaldi Aana) इस कामना के साथ गणपति जी का विसर्जन किया जाता है। 


बप्पा को क्या क्या चढ़ाएं


चावल,सिंदूर, केसर, हल्दी, चन्दन,मौली औऱ लौंग जरुर चढ़ाएं, पूजा में दूर्वा का काफी महत्व है जिसे सामान्य भाषा में दूब कहा जाता है। कहा जाता है कि इसके बिना गणेश पूजा पूरी नहीं होती है। गणेश जी को दक्षिणा अर्पित कर उन्हें 21 लड्डूओं का भोग लगाएं। गणेश जी के पास पांच लड्डू रखकर बाकी बांट देने चाहिए। 


ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, भगवान गणेश की कृपा से सुख-शांति और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि गणेश चतुर्थी के दिन व्यक्ति को काले और नीले रंग के वस्त्र धारण नहीं करने चाहिए। इस दिन लाल या पीले रंग के वस्त्र पहनना शुभ होता है।


गणेश चतुर्थी 2021 पूजन का शुभ मुहूर्त


गणेश चतुर्थी पूजन का शुभ मुहर्त दोपहर 12:17 बजे शुरू होकर और रात 10 बजे तक रहेगा। 


गणेश चतुर्थी के दिन न करें चंद्रमा के दर्शन


मान्यता है कि गणेश चतुर्थी के दिन चंद्रमा के दर्शन नहीं करने चाहिए। अगर भूलवश चंद्रमा के दर्शन कर भी लें, तो जमीन से एक पत्थर का टुकड़ा उठाकर पीछे की ओर फेंक दें।


भगवान गणेश को लगाएं भोग


गणेश जी को पूजन करते समय दूब, घास, गन्ना और बूंदी के लड्डू अर्पित करने चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं और अपना आशीर्वाद प्रदान करते हैं। कहते हैं कि गणपति जी को तुलसी के पत्ते नहीं चढ़ाने चाहिए। मान्यता है कि तुलसी ने भगवान गणेश को लम्बोदर और गजमुख कहकर शादी का प्रस्ताव दिया था, इससे नाराज होकर गणपति ने उन्हें श्राप दे दिया था।


गणेश चतुर्थी पूजा विधि ( Ganesh chaturthi Puja Vidhi )


गणेश चतुर्थी के दिन प्रातरू काल स्नान-ध्यान करके गणपति के व्रत का संकल्प लें। इसके बाद दोपहर के समय गणपति की मूर्ति या फिर उनका चित्र लाल कपड़े के ऊपर रखें। फिर गंगाजल छिड़कने के बाद भगवान गणेश का आह्वान करें। भगवान गणेश को पुष्प, सिंदूर, जनेऊ और दूर्वा (घास) चढ़ाए।  इसके बाद गणपति को मोदक लड्डू चढ़ाएं, मंत्रोच्चार से उनका पूजन करें। गणेश जी की कथा पढ़ें या सुनें, गणेश चालीसा का पाठ करें और अंत में आरती करें। 


इस मंत्र का करें जाप


घर में अगर गणेश जी की स्थापना हो रही है तो इस बात का ध्यान रखे की बप्पा की आरती सुबह औऱ शाम दोनों पहर होनी चाहिए. गणेश जी की कथा और गणेश चालीसा का पाठ अवश्य करें और “ओम् गं गणपतये नमः” मंत्र की एक माला का जाप करना चाहिए



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