Kahani Peepal Wali Chudail Story in Hindi - कहानी : पीपल की चुड़ैल | Jungle Ki Chudail Hindi Horror Story for kids | Baccho ki Hindi Kahaniya | Moral Stories



Kahani Peepal Wali Chudail Story in Hindi कहानी : जंगल में पीपल की चुड़ैल | Jungle Ki Chudail Hindi Horror Story for kids | Baccho ki Hindi Kahaniya | Moral Stories - हिंदी कहानी


एक बार दो दोस्त शाम के वक्त एक घने जंगल से गुजर रहे थे। दूर - दूर तक उस जंगल में चारों तरफ अँधेरा ही अँधेरा था। उन दोनों का नाम सुमित और रवि था। सुमित भूत प्रेतों के बारे में बहुत कुछ जानता था इसलिए उस जंगल को पार करते वक्त सुमित को डर भी बहुत लग रहा था। लेकिन रवि एक बहादुर बच्चा था पर फिर भी रात के अंधरे के कारण वो भी जंगल के जंगली जानवरो से डर जाता था। इसलिए दोनों दोस्त जल्दी - जल्दी जंगल पार कर रहे थे ताकि वो दोनों समय पर घर पहुँच जाए। 


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 Kahani Peepal Wali Chudail Story in Hindi 

उन्होंने गांव के लोगो से यह सुन रखा था की जंगल में ज्यादा रात को सफर नहीं करते क्योकि जंगल में एक पीपल का पेड़ है उस पेड़ पर एक चुड़ैल रहती है। जो अभी तक काफी गांव वालो को नुकसान पहुँचा चुकी थी साथ ही वह उनके पालतु पशुओं को भी खा जाया करती थी। ऐसे में दोनों दोस्त अब डरे हुए थे और तेज - तेज कदमों से जंगल को पार कर रहे थे। 


Jungle Ki Chudail Hindi Horror Story for kids


तभी अचानक उनके पीछे एक बूढ़ी अम्माँ आती है जिसके बार खुले थे और सफेद थे। ऐसे में सुमित तो डर के मारे चिला उठता है और बचाओ - बचाओ बोलता है। लेकिन उसका दोस्त रवि उसे बोलता है कोई बात नहीं यह तो केवल बूढ़ी औरत है। वह जैसे - तैसे सुमित को चुप करवाता है लेकिन दोनों ही बहुत डरे हुए है की आखिर इतनी रात को ये बूढी अम्माँ यहाँ क्या कर रही है। 


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रवि थोड़ी ताकत जुटा कर उस औरत से पूछता है की आखिर तुम कौन हो और इतनी रात को यहाँ क्या कर रही हो ? क्या जंगल में तुम्हारा कोई घर है ? रवि पूछता है। 


तभी वो बूढ़ी औरत जवाब देती है हाँ यहाँ पास में ही मेरा घर है क्या तुम चलोगे वहाँ में तुम्हे बहुत सारी मिठाईया खिलाऊंगी और खिलोने भी दूंगी। रवि हाँ बोल देता है हाँ चलो चले, लेकिन सुमित को उसके पापा - मम्मी की कही बात याद होती है की हमें रास्ते में किसी से भी कोई बात नहीं करनी चाहिए और न ही उनके द्वारा दी हुई कोई चीज खानी चाइए चाहे हमे कितनी भी भूख लगी हो। हमे घर आकर ही भोजन करना चाहिए। इसलिए सुमित चलने के लिए मना कर देता है की में नहीं जाऊगा। मेरे माता - पिता मेरा इंतजार कर रहे है मुझे घर जाना है। लेकिन रवि नहीं मानता और वो सुमित से कहता है। 


ठीक है तुम्हे घर जाना है तो जाओ में तो इनके साथ जाउगा और इनके घर बने स्वादिष्ट पकवान खाऊंगा। सुमित उसको बहुत समझता है लेकिन रवि उसकी एक भी नहीं सुनता और बूढ़ी अम्मा के साथ चला जाता है। इधर सुमित जल्दी - जल्दी घर पहुंच कर अपने माता - पिता को यह सभी बात बता देता है। 


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 Baccho ki Hindi Kahaniya 


कुछ देर बाद सभी गांव वाले जंगल में रवि की तलाश के लिए निकल जाते है। थोड़ी दूर जाने पर पता चलता है की रवि को पीपल की चुड़ैल ने पकड़ रखा है और वो उसे खाने वाली है। ऐसे में सुमित अपने दोस्त को बचाने के लिए पीपल की चुड़ैल पर हमला कर देता है और अपने दोस्त को उसके चंगुल से बचा लेता है। पीपल की चुड़ैल इतने सारे गांव वालो को एक साथ देख कर वहाँ से भाग जाती है। 


इसके बाद सभी लोग अपने - अपने घर चले जाते है और रवि अपने दोस्त सुमित को धन्यवाद बोलता है और कहता है अब में ऐसा दुबारा कभी नहीं करुँगा। 


Moral Stories in Hindi


शिक्षा - तो बच्चों बताओं हमें इस कहानी से क्या शिक्षा मिलती है ? जवाब - हमे कभी भी किसी अनजान व्यक्ति से कुछ नहीं लेना चाहिए और न ही उसके साथ जाना चाहिए और न ही उससे कुछ खाने की चीज लेनी चाहिए। हमें हमेशा अपने माता - पिता की बात माननी चाहिए और उनका आदर करना चाहिए।  


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