Krishna Bhajan - कृष्ण भजन : इतना तो करना स्वामी, जब प्राण तन से निकले - Jab Pran Tan Se Nikle Lyrics in Hindi



Krishna Bhajan - कृष्ण भजन : इतना तो करना स्वामी, जब प्राण तन से निकले  - Jab Pran Tan Se Nikle Lyrics in Hindi - itna to karna swami jab praan tan se nikle


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Jab Pran Tan Se Nikle Lyrics in Hindi 


इतना तो करना स्वामी, जब प्राण तन से निकले !

गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से निकले !! 1 !!


श्री गंगाजी का तट हो, या यमुना जी का वट हो !

मेरा सांवरा निकट हो, जब प्राण तन से निकले !! 2 !!


श्री वृन्दावन का थल हो, मेरे मुख में तुलसी दल हो !

विष्णु - चरण का जल हो, जब प्राण तन से निकले !! 3 !!


वह सांवरा खड़ा हो, बंशी का स्वर भरा ही !

तिरछा चरण धरा ही, जब प्राण तन से निकले !! 4 !!


सिर सोहत मुकट हो, मुखड़े पर काली लट हो !

यही श्याम मेरे घट हो, जब प्राण तन से निकले !! 5 !!


जब प्राण कंठ आवे, कोई रोग ना सतावे !

यम दर्शन ना दिखावे, जब प्राण तन से निकले !! 6 !!



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