Lokniti Kya hai aur Uske Siddhant - लोकनीति अथवा सार्वजनिक नीति क्या है ? प्रमुख सिद्धांत - Public Policy in Hindi



Lokniti Kya hai aur Uske Siddhant - लोकनीति अथवा सार्वजनिक नीति क्या है ? प्रमुख सिद्धांत - Public Policy in Hindi 


लोकनीति अथवा 'सार्वजनिक नीति' (Public Policy) वह नीति है जिसके अनुसार राज्य के प्रशासनिक कार्यपालक अपना कार्य करते हैं। लोक नीति लोक कल्याण के लिए है यानी की प्रजा की समस्याओं के निवारण के लिए यह नीति बनाई गई है। 


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लोकनीति अथवा सार्वजनिक नीति क्या है ? प्रमुख सिद्धांत - Public Policy in Hindi 

आधुनिक शासन व्यवस्था में लोक नीति का बहुत अधिक महत्व है। सरकार का एकमात्र उद्देश्य जनता की मांगों को पूरा करना और उन की समस्याओं का समाधान करना होता है। इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए सरकार जो निर्णय लेती है उसे लोक नीति कहते हैं।


सरकार का एक बहुत महत्वपूर्ण कार्य नीति निर्धारण है। लोक नीतियाँ सरकारी निकायों तथा सरकारी अधिकारियों द्वारा विकसित की जाती है। लेकिन गैर सरकारी लोगों तथा एजेंसियों का भी उन पर प्रभाव पड़ता है। लोक नीतियों का संबंध किसी विशेष प्रश्न पर निश्चित समय के भीतर की गई कार्यवाही से होता है।


लोकनीति की अवधारणा का प्रारंभ 1922 ई. में माना जाता है जब राजनीतिशास्त्र के प्रसिद्ध विचारक चार्ल्स मेरीयम ने सरकार की गतिविधियों को लोकनीति कहा । 1937 ई. अमरीका के प्रसिद्ध हार्वर्ड विश्वविद्यालय ने अपने लोकप्रशासन के स्नातक स्तरीय पाठ्यक्रम में लोकनीति विषय को शामिल किया गया। लेकिन भारत में औपचारिक रूप से 1894 में बनी राष्ट्रीय वन नीति पहली लोकनीति मानी जाती है। 


सावर्जनिक नीति सरकारों की गतिविधियों का योग है, चाहे सरकार स्वयं कार्य करती है या अभिकर्ता के माध्यम से कार्य करती है। सार्वजनिक नीति का नागरिकों के जीवन पर प्रभाव पड़ता है। सरकरें जो कुछ भी करना या नहीं करना पसंद करती हैं वहीं सावर्जनिक नीति है। राजनीति वैज्ञानिक डेविड ईस्टन ने सार्वजनिक नीति के ‘‘सम्पूर्ण समाज के लिए बड़ी मात्रा में धनराशि का अधिकाधिक विनोजन‘‘ के रूप में परिभाषित किया है। 


लोक नीति की परिभाषा 


थामस, आर. डाई (Thomas R. Dye) – “लोक नीति वह है जिसके अंतर्गत या तो सरकार कुछ करती है या कुछ नहीं करना चाहती हैं।


नीति निर्माण में सरकार के अंग


* कार्यपालिका

* न्यायपालिका

* विधायिका

* प्रशासन तंत्र


लोक नीति अथवा सार्वजनिक नीति के सिद्धांत 


1. लोक नीति नियमों पर आधारित होती है। लोक नीतियों को कानूनी स्वीकृति होती है इस लिए यह नागरिकों पर बाध्यकारी भी होती है।


2. लोक नीति वह है जो सरकार वास्तव में करती है, बजाय इसके कि सरकारें क्या करना चाहती हैं।


3. लोक नीतियों द्वारा सरकारी अभिकरण भी नीति निर्माण प्रक्रिया पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रभाव डाल सकते हैं या उसे प्रभावित कर सकते हैं।


4. लोक नीति का स्वरूप सकारात्मक और नकारात्मक हो सकता है। सकारात्मक रूप में किसी समस्या या विषय पर सरकारी कार्यवाही की जा सकती है और नकारात्मक रूप में उस विषय पर कोई कार्यवाही ना करना।


5. लोक नीति लक्ष्योन्मुख होती है। लोक नीति का निर्माण एवं कार्यान्वयन जनसामान्य के हित के लिए सरकार के उद्देश्य से होते हैं।


6. लोक नीति सरकार के सामूहिक कार्यों का परिणाम होता है। यह सामूहिक रूप से जनप्रतिनिधियों (मंत्रीगण और सांसद) एवं प्रशासनिक अधिकारियों के समन्वित प्रयास होता है।


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