Rajasthan Paryatan Vibhag - राजस्थान के महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल - Most Visited Tourist Places in Rajasthan



Rajasthan Paryatan Vibhag - राजस्थान के महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल - Most Visited Tourist Places in Rajasthan 


Most Visited Tourist Places in Rajasthan

Major tourist places in Rajasthan


राजस्थान में पर्यटन उद्योग के रूप में तेजी से विकसित हुआ है। यह देश का दूसरा सबसे बड़ा विदेशी मुद्रा अर्जित करने वाला उद्योग बन चूका है। राजस्थान के आर्थिक विकास में पर्यटन के महत्व को बढ़ावा देने हेतु पर्यटन विकास के लिए अनेक कदम उठाए गए है। राजस्थान में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकारी और गैरसरकारी तौर पर विशेष कदम उठाए गए है। 


वर्तमान में भारत में आने वाला हर तीसरा पर्यटक राजस्थान में आता है। राजस्थान सभी को लुभा रहा है। राजस्थान में बहुत से ऐतिहासिक दुर्ग है जो सभी को अपनी और आकर्षित करते है। 

 

राजस्थान के अलवर क्षेत्र का "भानगढ़ का किला" तो पूरी दुनियाँ की मोस्ट हॉन्टेड लिस्ट में शामिल है। जयपुर का हवा महल के बारे में तो कहना ही क्या ? उद्यपुर की झीलें सभी का दिल जीत लेती है। इधर बीकानेर के पकवान और यहाँ का किला भी सभी को अपनी और आकर्षित कर लेता है। जैसलमेर, जोधपुर, अजमेर सभी एक से बढ़कर एक सैलानियों के लिए घूमने लायक जगह है। इधर राजस्थान का माउंट आबू तो कश्मीर कहलाता है। सर्दियों में यहाँ का तापमान माइनस में चला जाता है। 


राजस्थान वीरों और राजाओं की धरती है। यहाँ पर बहुत से लोक दवाओं को भी माना जाता है। मीरा बाई भी इसी भूमि से है और पृथ्वीराज चौहान एवं महाराणा प्रताप जैसे वीर जिन्होंने मुगलों की हालत खराब कर दी वह सब भी इस देव भूमि से ही है। इस भूमि का गुणगान जितना करे उतना कम है। 


विदेश से आए सैलानी एवं भारत से आए सैलानी यहाँ की संस्कृति में इस कदर डूब जाते है मानों न जाने कितने सालो से वे यही रह रहे हो। 


राजस्थान पर्यटन विकास लि. (RTDC) - इसकी स्थापना 1 अप्रेल, 1979 ई. को की गई थी। इसकी स्थापना का प्रमुख उदेश्य राजस्थान में पर्यटन को बढ़ावा देना है। पर्यटकों को आवास, भोजन, यातायात आदि सुविधाएं उपलब्ध कराना है। 


- राजस्थान में पर्यटन विकास हेतु पर्यटन सर्किटों में विभाजित किया गया है, जो निम्न प्रकार से है -


1. शेखावाटी सर्किट - सीकर, झुंझुनू, चूरू 

2. मरु त्रिकोण - बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर 

3. मेरवाड़ा सर्किट - अजमेर, पुष्कर, मेड़ता, नागौर 

4. अलवर सर्किट - अलवर, सिलीसेढ़, सरिस्का 

5. भरतपुर सर्किट - भरतपुर, डींग, धौलपुर 

6. मेवाड़ सर्किट - उद्यपुर, कुम्भलगढ़, नाथद्वार, चितौड़गढ़, जयसमंद, डूंगरपुर 

7. ढूढाड़ सर्किट - जयपुर, आमेर, समोद, रामगढ़, दौसा, आभानेरी 

8. माउंट - आबू, रणकपुर, जालौर 

9. रणथम्भौर - टोंक 

10. हाड़ौती सर्किट - कोटा, बूंदी, झालावाड़ 


यूनेस्को विश्व धरोहर में शामिल - 


- जंतर मंतर जयपुर

- केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान

- राजस्थान के पहाड़ी किले (चित्तौड़गढ़, कुंभलगढ़, रणथंबोर, अंबर, जैसलमेर)

- कुंभलगढ़ दुर्ग को 2013 में यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया था, इस दुर्ग की दीवार 38 किलोमीटर लंबी है इसे चीन की दीवार के बाद विश्व की दूसरी सबसे लंबी दीवार माना जाता है


महत्वपूर्ण बिंदु - 


- राजस्थान पर्यटन विभाग का लोगो है "पधारो म्हारे देश"। 


- राजस्थान पर्यटन विकास लि. की स्थापना "1 अप्रेल 1979" में हुई थी।  


- राजस्थान में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सबसे पहले "मोहम्मद यूनुस समिति" ने सिफारिस की थी। 


- "अजीत भवन जोधपुर" राजस्थान का पहला हेरिटेज होटल है। 


- सबसे ज्यादा विदेशी पर्यटक राजस्थान में "जयपुर" में आते है। 


- राजस्थान में मरू त्रिकोण पर्यटक परिपथ में सम्मिलित जिले "जोधपुर, जैसलमेर, बीकानेर" है। 


- भारत भर में विश्व पर्यटन दिवस 27 सितंबर को मनाया जाता है। 

 

- राजस्थान को पर्यटन विभाग ने 10 पर्यटन सर्किट में बांटा है। 


-  पर्यटक को घर से दूर घर जैसी अनुभूति कराने हेतु राजस्थान पर्यटन विभाग के द्वारा पेइंग गेस्ट योजना प्रारंभ की गई है.


-  राजस्थान में कोटा जिले का दशहरा मेला काफी प्रसिद्ध है। 


- राजस्थान में सर्वाधिक पर्यटक ऐतिहासिक स्थलों को देखने आते हैं। 


- राजस्थान के पुष्कर में स्थित ब्रह्मा जी का मंदिर पुरे विश्व भर में प्रसिद्ध है। यह मंदिर 14वी शताब्दी में बनाया गया था। 


-  सलेमाबाद में निंबार्क संप्रदाय की प्रधान पीठ है। 


- अरुण राज ने "आनासागर झील" का निर्माण करवाया था। 


- राजस्थान के जैसलमेर में युद्ध संग्रहालय की स्थापना अगस्त 2015 में की गई थी। 


- गोल्डन ट्रायंगल "पर्यटन" से संबंधित है। 


- राजस्थान में "मक्का" नाम से अजमेर प्रसिद्ध है। 


- तारागढ़ में शेरशाह सूरी के नाम पर बना शेरे ए चश्मा है। 


- राजस्थान के अलवर की मूसी महारानी की छतरी का निर्माण विनय सिंह ने करवाया था। 


-  नेकनाम बाबा की दरगाह  "बारो" जिले में स्थित है। 


- लोधी मीनार "बयाना" में है। 


- राजस्थान के जयपुर में "गुड़िया संग्रहालय" स्थित है। 


- जैसलमेर का सोनार किला "ढाई" शाकों के लिए जाना जाता है। 


- "सुकड़ी" नदी के किनारे "नागभट्ट प्रथम" द्वारा निर्मित जालौर दुर्ग स्थित है। 


- राजस्थान में देसी पर्यटक सबसे ज्यादा अजमेर आते है। 


 -  राजस्थान में डेजर्ट फेस्टिवल जैसलमेर में मनाया जाता है। 


- राजस्थान में होटल प्रबंधन संस्थान जयपुर-  जोधपुर जिलों में संचालित है। 


-  पर्यटन की नवीन आयामों में "सरकारी पर्यटन" शामिल नहीं है। 


- सम के टीलों पर ऊंट की सवारी का आनंद लेने हेतु पर्यटक राजस्थान के जैसलमेर में आते है। 


-  राजस्थान सरकार ने पर्यटन को "फरवरी 1982" को  उद्योग घोषित किया था। 


-  स्वर्णिम त्रिकोण में "दिल्ली- आगरा- जयपुर" शामिल है। 


-  राज्य में राजसी ठाठ बाट सहित विशेष सुविधाओं से युक्त "पैलेस ऑन व्हील्स" नामक शाही रेलगाड़ी का शुभारंभ "1982 में" किया गया था। 


- राजस्थान में सर्वाधिक विदेशी पर्यटकों का आगमन "अक्टूबर से जनवरी" महीनों में होता है। 


 - भीलवाड़ा जिले में गंगाबाई की छतरी स्थित है। 


- टोडा में पीपा जी की गुफा स्थित है। 


-  जोधपुर में राजस्थान का ताजमहल कहलाने वाला जसवंत थड़ा स्थित है। 


-  राजस्थान की खूबियों का बखान कर पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए "राजस्थान कॉलेज" योजना चलाई गई है। 


-  बीकानेर में स्थित अनूप महल जो अपनी स्वर्णिम मीनाकारी एवं सत्यापन के लिए जाना जाता है। 


-  सीकर जिले का "खाटू श्याम जी" तीर्थ स्थल का स्वाद जहां स्थित मंदिर में भगवान श्री कृष्ण की पूजा शीश के रूप में की जाती है। 

No comments:

Post a Comment