Rajasthan Rajya Ki Vidhan Sabha - राजस्थान राज्य विधानसभा का इतिहास कार्य एवं शक्तियां - Rajasthan Legislative Assembly in Hindi



 Rajasthan Rajya Ki Vidhan Sabha - राजस्थान राज्य विधानसभा का इतिहास कार्य एवं शक्तियां - Rajasthan Legislative Assembly in Hindi


राजस्थान राज्य विधानसभा का इतिहास कार्य एवं शक्तियां के बारे में विस्तार से नीचे समझाया गया है। यह पटवारी 2020 भर्ती परीक्षा के सिलेबस के आधार पर है। ऐसे में आप राजस्थान की किसी भी परीक्षा की तैयारी कर रहे हो फिर चाहे वह एलडीसी हो या पुलिस सभी में इससे जुड़े कुछ विशेष प्रश्न पूछे जाते है।


आइये जानते है राज्य की विधानसभा के बारे में विस्तार से -

 Rajasthan Rajya Ki Vidhan Sabha - राजस्थान राज्य विधानसभा का इतिहास कार्य एवं शक्तियां


राज्य विधानसभा कार्य एवं शक्तियां


- किसी भी राज्य की विधान सभा में न्यूनतम 60 एवं अधिकतम 500 सदस्य हो सकते है। 

- राजस्थान की विधान सभा में कुल 200 सदस्य हैं।

- विधानसभा सदस्य उनके क्षेत्र से प्रत्यक्ष चुनाव द्वारा निर्वाचित होते है।

- विधानसभा का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है।

- विधानसभा में एक वर्ष में कम से कम 2 बैठक होना अनिवार्य है। और इनके मध्य 6 माह से अधिक अंतर नहीं हो सकता।

- विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव सदस्य अपने में से किसी सदस्य के बहुमत के आधार पर करते हैं। बिल्कुल इसी तरह उपाध्यक्ष का ही चुनाव किया जाता है।

- विधानसभा द्वारा राज्यसूचि एवं समवर्ती सूचि में कानून बनाये जाते हैं।

- राष्ट्रपति एवं राज्यसभा सदस्यों के चुनाव में विधानसभा सदस्य भाग लेते है। इसलिए ये चुनाव अप्रत्यक्ष चुनाव है।


राज्य मंत्री परिषद् : राज्यों में मंत्री परिषद् का उल्लेख अनुच्छेद 163, 164, व 167 में है। मंत्री परिषद् का प्रमुख मुख्यामंत्री होता है।


मन्त्रितों के कुल तीन वर्ग है:

* केबिनेट मंत्री

* राज्य मंत्री

* उपमंत्री


केबिनेट मंत्री महत्वपूर्ण विभागों के प्रभारी होते हैं। केबिनेट स्तर के मंत्रियों के समूह को मंत्रिमंडल कहा जाता है। केबिनेट मंत्रियों के सहायता के लिए राज्य मंत्री नियुक्त किये जाते है। एवं राज्य मंत्रियों की सहायता के लिए उपमंत्री होते हैं। कई बार राज्य मंत्रियों को स्वतंत्र विभाग भी दिया जाता है।


मंत्री परिषद् का आकर संविधान के अनुसार कुल विधायकों की संख्या का 15% (91वां संविधान संसोधन) होता है। राजस्थान में अधिकतम मंत्रियों की संख्या 30 है जो 200 का 15% है।


मंत्रिमंडल सचिवालय का प्रशासनिक प्रमुख मुख्य सचिव तथा राजनीतिक प्रमुख मुख्यमंत्री होता है।


राजस्थान विधान सभा भारतीय राज्य राजस्थान में एकसदनीय विधानमंडल है। यह राज्य की राजधानी जयपुर में स्थित है। विधान सभा सदस्यों अर्थात विधायकों का चुनाव सीधे जनता करती है।


राजस्थान विधान सभा का इतिहास 


प्रथम राजस्थान विधान सभा (1952-1957) का उद्घाटन 31 मार्च 1952 को हुआ। इसमें 160 सदस्य थे। वर्तमान में राजस्थान विधानसभा के अंदर 200 सीटें हैं 15वी विधान सभा के अध्यक्ष सी.पी. जोशी है। 


15वी विधानसभा में कांग्रेस पार्टी ने युवा नेता प्रदेसाध्यक्ष सचिन पायलेट ओर अनुभवी नेता अशोक गहलोत के नेतृत्व में चुनाव जीता और अशोक गहलोत ने तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपत ली तथा युवा नेता सचिन पायलेट को उपमुख्यमंत्री का पद मिला ।


 199 सीटों के लिए हुई चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने 99+1(गठबंधन) सीटें जीत कर सरकार बनाई ।


राजस्थान राज्य के उच्च न्यालय के बारे में जानने के लिए यहाँ क्लिक करें -  उच्च न्यायालय

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