Rajya Manvadhikar Aayog - राज्य मानवाधिकार आयोग - State Human Rights Commission in Hindi



Rajya Manvadhikar Aayog - राज्य मानवाधिकार आयोग - State Human Rights Commission in Hindi


भारत में मानव सरक्षण के लिए 1993 में "राज्य मनवाधिकार आयोग" की स्थापना की गई थी। यह आयोग मानव के तमाम अधिकार एवं उन अधिकारों के उलंघन की जाँच करता है। इस आयोग में अध्यक्ष के साथ तीन सदस्य भी शामिल है जो उच्च न्यायालय से सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश होते है। इसमें 2006 में संशोधन किया गया था। 


* वर्तमान में आयोग के अध्‍यक्ष श्री प्रकाश टाटिया है। आयोग की प्रथम अध्यक्ष जस्टिस सुश्री कान्ता भटनागर थी।


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राज्य मानवाधिकार आयोग - State Human Rights Commission in Hindi

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (National Human Rights Commission-NHRC) की तरह ही " राज्य मानवाधिकार आयोग" (State Human Rights Commission-SHRC) भी है।  


सरल शब्दो में समझे : "भारत के प्रत्येक आम व्यक्ति के पास भी अपने कुछ अधिकार है। इन सभी बातो की जानकारी एवं अधिकारों की सुरक्षा मानवाधिकार आयोग करता है।"  


* "मानव अधिकार दिवस" प्रत्येक वर्ष 10 दिसंबर को दुनिया भर में मनाया जाता है।


राज्य मानवाधिकार के कार्य एवं उद्देश्य 


- यह आयोग पीड़ित की मदद के लिए भी है साथ ही साथ मानवाधिकार के उलंघन करने वालो के खिलाफ भी है। 


- राज्य सरकार के नियंत्रण की जेलों में कैदियों के लिए रहने की जगह, भोजन आदि सभी बातो पर भी कार्य करता है। 


-  मानव अधिकारों के क्षेत्र में अनुसंधान का जिम्मा लेना व उसे बढ़ावा देना।


- समाज के लोगों को जागरूक करना एवं मानव अधिकारों के बारे में विस्तार से समझना। 


मानवाधिकार आयोग के पास कौन - कौन से अधिकार है ?


- आयोग के पास सिविल अदालत के सभी अधिकार होते हैं और इसकी कार्यवाही में एक न्यायिक प्रतिष्ठा होती है।


- यह राज्य सरकार या किसी अन्य प्राधिकारी के अधीनस्थ से जानकारी या रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कह सकता हैं।


आयोग के पास तत्समय प्रभाव के लिए किसी भी व्यक्ति को किसी भी विशेषाधिकार के अधीन जो किसी भी कानून के तहत हो, पूछताछ करने का अधिकार है, सार्थक मसलों पर पूछताछ से संबन्धित मसलों पर जानकारी पेश करने का अधिकार है इसके होने के एक वर्ष के भीतर आयोग इस मामले पर गौर कर सकता है।


एक व्यक्ति के पास भी कई अधिकार होते है जैसे -  इसके दायरे में जीवन, आज़ादी, बराबरी और सम्मान का अधिकार आता है। इसके अलावा गरिमामय जीवन जीने का अधिकार, राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक अधिकार भी इसमें शामिल हैं। शिक्षा का अधिकार, मतदान का अधिकार यह सभी अधिकार भी हमें है। 


नोट - इन सभी अधिकारों के आलावा सविंधान में हमारे कुछ कर्तव्य भी बताए गए है। इसलिए अधिकारों से ऊपर उठकर हमे हमारे कर्तव्यों का भी पालन करना चाहिए। 


राजस्थान राज्य के "राज्य निर्वाचन आयोग" के बारे में जानने के लिए यहाँ क्लिक करें -  राज्य निर्वाचन आयोग


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