Bird Flu Virus Kya hai - बर्ड फ्लू वायरस क्या है लक्षण, इलाज | Bird Flu Virus Symptoms



बर्ड फ्लू पक्षियों में फैलने वाली एक जानलेवा और खतनाक महामारी है। यह एक एक विषाणुजनित रोग है। यह विषाणु मुर्गी एवं अन्य चिड़ियों पर आश्रय पाता है। फ्लू का कारण एवियन इन्फ्लूएंजा( H5N1) है। 



इंसानों में बर्ड फ्लू का पहला मामला 1997 में हॉन्ग कॉन्ग में आया था। उस समय इसके प्रकोप की वजह पोल्ट्री फार्म में संक्रमित मुर्गियों को बताया गया था।  1997 में बर्ड फ्लू से संक्रमित लगभग 60 फीसदी लोगों की मौत हो गई थी।  ये बीमारी संक्रमित पक्षी के मल, नाक के स्राव, मुंह की लार या आंखों से निकलने वाली पानी के संपर्क में आने से होती है। 


यह वायरस पक्षियों से घरेलू मुर्गियों एवं पालतू जानवरो में भी फेल सकता है। साथ ही अंडो और मुर्गियों के सेवन से यह वायरस इंसानो तक भी आसानी से पहुंच सकता है। इस वायरस के कारण पुरे तलाब के जीव एक साथ संक्रमित हो जाते है जिसके कारण मछलियों एवं अन्य जीवों में भी इसके लक्षण देखे जाते है। 



हाल ही में राजस्थान, मध्य्प्रदेश केरल एवं हिमाचल सहित काफी जगहों पर इस वायरस के लक्षण पक्षियों में देखे गए है जिसके कारण हरियाणा में करीब 5 लाख मुर्गियों की मौत हो चुकी है और केरल में करीब 70 हजार बतखो को मारने का फैसला वहाँ की प्रशासन ने लिए है क्योकि उन सभी में बर्ड फ्लू के लक्षण है। 


कई राज्यों में मुर्गियों एवं अंडो पर भी बेन लगा दिया गया है। ताकि यह वायरस मनुष्यों में न फैले। 



बर्ड फ्लू इंसानों में तभी फैलता है जब वो किसी संक्रमित पक्षी के संपर्क में आए हों. ये करीबी संपर्क कई मामलों में अलग-अलग हो सकता है. कुछ लोगों में ये संक्रमित पक्षियों की साफ-सफाई से फैल सकता है. कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन में ये पक्षियों के बाजार से फैला था। 


बर्ड फ्लू के लक्षण


बर्ड फ्लू होने पर आपको कफ, डायरिया, बुखार, सांस से जुड़ी दिक्कत, सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द, गले में खराश, नाक बहना और बेचैनी जैसी समस्या हो सकती है. अगर आपको लगता है कि आप बर्ड फ्लू की चपेट में आ गए हैं तो किसी और के संपर्क में आने से पहले डॉक्टर को दिखाएं। 


क्या है इलाज 


अलग-अलग तरह के बर्ड फ्लू का अलग-अलग तरीकों से इलाज किया जाता है लेकिन ज्यादातर मामलों में एंटीवायरल दवाओं से इसका इलाज किया जाता है। लक्षण दिखने के 48 घंटों के भीतर इसकी दवाएं लेनी जरूरी होती हैं। बर्ड फ्लू से संक्रमित व्यक्ति के अलावा, उसके संपर्क में आए घर के अन्य सदस्यों को भी ये दवाएं ली जाने की सलाह दी जाती है, भले ही उन लोगों में बीमारी के लक्षण ना हों। 


दिसंबर 2020 में जापान, साउथ  कोरिया, वियतनाम और चार यूरोपीय देशों में बर्ड फ्लू के मामले आने शुरू हुए थे और अब ये भारत के कई हिस्सों में फैल चुका है। 



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