डेरियस प्रथम का इतिहास : दारा प्रथम - Darius 1 Ka Itihas - History of Darius the Great in Hindi | Deriyas 1 Ka Itihas



डेरियस प्रथम का इतिहास : दारा प्रथम - Darius 1 Ka Itihas - History of Darius the Great in Hindi | Deriyas 1 Ka Itihas




- भारत पर आक्रमण करने में पहली सफलता डेरियस - 1 को प्राप्त हुई थी 


- अख़ामनी वंश का वह शासक जिसके समय में ईरान अपने उत्कृष्ट की चरम सीमा पर पहुँच गया था। इतिहास में फ़ारस के अख़ामनी वंश को ही भारत पर चढ़ाई करने वाला पहला विदेशी वंश माना जाता है।


- ईरान के अख़ामनी वंश का तीसरा सबसे शक्तिशाली और इतिहास प्रसिद्ध राजा था। 


- दारुश का समय  522-486 ई.पू. माना जाता है। 


- कांबीसीस के बाद हिस्टास्पीस का लड़का 'डेरियस प्रथम' या 'दारा प्रथम' पर्शिया की गद्दी पर बैठा।


- डेरियस प्रथम के बहिस्तान अभिलेख (लगभग ई. पू. 519) में गंधार के लोगों को भी उसकी प्रजा बताया गया है।


- हेरोडोटस के अनुसार गंधार उसके साम्राज्य का सातवाँ प्रान्त और भारत अर्थात् सिन्धु घाटी बीसवाँ प्रान्त था। 


- डेरियस प्रथम को अपने भारतीय साम्राज्य से काफ़ी राजस्व प्राप्त होता था। 


- बहुत से फ़ारसी शब्द भारत में प्रचलित हो गए। फ़ारस के विचारों ने कुछ अंश तक भारतीयों विचारों को भी प्रभावित किया।


अख़ामनी वंश का इतिहास जानने के लिए यहाँ क्लिक करें - अख़ामनी वंश का इतिहास  


भारत में ईरानी आक्रमण के प्रभाव 


- ईरानी आक्रमण के बाद समुन्द्र मार्ग की खोज हुई थी। 


- भारत के विदेशो में व्यापार के मार्ग खुले। 


- अभिलेख उत्क्रीर्ण करने के कला का विकास हुआ था। 


- मौर्य काल में दंड के रूप में सर मुँड़वाने की प्रथा, स्त्रियों की नियुक्ति अंगरक्षक के रूप में और मंत्रियों के अक्ष में हर समय अग्नि जलती रहने की प्रथा ये सभी ईरानियों से ग्रहण की गई है।  


इन सभी के बाद अब हम "सिकंदर" के बारे में विस्तार से पढ़ेंगे - सिकंदर का इतिहास



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