हर्यक वंश का इतिहास - Haryak Vansh Ka Itihas | Haryanka Dynasty | History of Haryak Vansh in Hindi | मगध साम्राज्य



हर्यक वंश का इतिहास - Haryak Vansh Ka Itihas | Haryanka Dynasty | History of Haryak Vansh in Hindi | मगध साम्राज्य



- मगध साम्राज्य पर शासन करने वाला पहला वंश हर्यक वंश था।


- इस वंश का संस्थापक बिम्बिसार था। इसकी राजधानी गिरीव्रज या राजगीर थी।


- बिम्बिसार ने मगध राज्य के पूर्व में स्थित अंग पर कब्जा वैवाहिक कर लिया एवं अपनी शक्ति को बढ़ाने के लिए वैवाहिक गठबंधन प्रारंभ कर दिए।


- बिम्बिसार के तीन पत्नियां थी। उसकी पहली पत्नी कौशल के राजा की बेटी एवं राजा प्रसेनजीत की बहन थी। उनकी दुसरी पत्नी चेल्लना वैशाली की लिच्छवी वंश की राजकुमारी थी जिसने अजात शत्रु को जन्म दिया। इसकी तीसरी पत्नी पंजाब के माद्रा कुल के मुखिया की पुत्री थी।


- अजातशत्रु बिम्बिसार का पुत्र था एवं उसने पाटलिपुत्र को अपनी नई राजधानी बनाया।


- उसने कौशल के राजा के साथ एक युद्ध किया एवं युद्ध में उसे पराजित करते हुए उसे आत्मसमर्पण कराते हुए उसकी पुत्री से विवाह का प्रस्ताव दिया।


- उसने लिच्छवी को 16 वर्षों के युद्ध में पराजित किया।


- महावंश के अनुसार अजातशत्रु ने अपनी राजधानी के निकट धातु चैत्य निमार्ण करवाया ।


- प्रथम बौद्ध संगीति अजातशत्रु के संरक्षण में हुई।


- अजातशत्रु के बाद उदायी ने पाटलीपुत्र का शासन संभाला।


इन सभी के बाद अब हम "शिशुनाग वंश" के बारे में विस्तार से पढ़ेंगे - शिशुनाग वंश का इतिहास



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