जैन धर्म और बौद्ध धर्म में अंतर - Jain Dharm or Bodh Dharm me Antar | Difference Between Jainism and Buddhism in Hindi



जैन धर्म और बौद्ध धर्म में अंतर - Jain Dharm or Bodh Dharm me Antar | Difference Between Jainism and Buddhism in Hindi



जैनधर्म


- मोक्ष प्राप्ति के चरम पथ पर ज़ोर दिया गया।


- तपस्पी जीवन पर बहुत अधिक बल दिया गया एवं इसे बहुत कठोर माध्यम से पालन करने पर बल दिया गया ।


- दिगम्बर वस्त्र नहीं पहनते थे।


- जैन धर्म केवल श्रमणों का धर्म माना जाता है।  


- जैन धर्म का उद्देश्य अहिंसा, आत्मा को शुद्ध करना और खुद पे विजय प्राप्त करना है। 


- जैन धर्म 24 तीर्थंकर और महावीर की शिक्षाओं पर आधारित है। 


भगवान महावीर स्वामी के अनमोल विचार -


-"हर एक जीवित प्राणी के प्रति दया रखो, घृणा से विनाश होता है"


-"स्वम से लड़ो बाहरी दुश्मन से क्या लड़ना, वह जो स्वम पर विजय प्राप्त कर लेगा उसे आनंद की प्राप्ति होगी"


-"आपकी आत्मा से परे कोई भी शत्रु नहीं है, असली शत्रु आपके भीतर रहते है, वो शत्रु काम, क्रोध, घमंड, लालच और नफरत है"


जैन धर्म को अधिक जानने के लिए यहाँ क्लिक करें - जैन धर्म का इतिहास 


बौद्ध धर्म


- मोक्ष प्राप्ति़ के मध्यम मार्ग पर बल दिया गया।


- आरामदायक एवं विलसितापूर्ण जीवन या कठोर तपस्वी जीवन में से किसी एक को चुनने पर बल दिया गया।


- बुद्ध ने नग्न प्रथा को त्याग देने पर बल दिया।


- बौद्ध धर्म किसी के द्वारा भी धारण किया जा सकता है। 


- बौद्ध धर्म का उद्देश्य परम् ज्ञान को पाना है। 


- बौद्ध धर्म गौतम बुद्ध की शिक्षाओ पर आधारित धर्म है। 


भगवान गौतम बुद्ध के अनमोल विचार -


- " हजारों खोखले शब्दो से अच्छा वह एक शब्द जो शांति लाए"


- "अतीत पर ध्यान मत दो, भविष्य के बारे में मत सोचो, अपने मन को वर्तमान समय पर केंद्रित करों"


-"अपने मोक्ष के लिए खुद ही प्रयत्न करें दुसरो पर निर्भर न रहें"


बौद्ध धर्म को अधिक जानने के लिए यहाँ क्लिक करें - बौद्ध धर्म का इतिहास


इन सभी के बाद अब हम "मगध सम्राज्य" के बारे में विस्तार से पढ़ेंगे - मगध सम्राज्य का इतिहास 



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