शिशुनाग वंश का इतिहास - Shishunaga Vansh Ka Itihas | History of Shishunag Vansh in Hindi | Shishunaga Dynasty | Magadh Samrajya



शिशुनाग वंश का इतिहास - Shishunaga Vansh Ka Itihas | History of Shishunag Vansh in Hindi | Shishunaga Dynasty | Magadh Samrajya



- हर्यक वंश के शासकदशक को मारकर उनका मंत्री "शिशुनाग" मगध की गद्दी पर आता है। इसके बाद मगध में शिशु नाग वंश की शुरुआत होती है। 


- शिशुनाग ने बहुत ही तेजी से अपने सम्राज्य को बढ़ाया। 


- शिशुनाग वंश की स्थापना शिशुनाग ने की जो वैशाली पर शासन करता था।


- शिशुनाग की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि उज्जैन के अवंती वंश का विनाश करना था।


- कालाशोक शिशुनाग का पुत्र था जिसने द्वितीय बौद्ध संगीति को संरक्षण दिया।


- कालाशोक को काकवर्णीय भी कहा जाता था। 


- शिशुनाग वंश के बाद "महापद्मन" गद्दी पर बैठता है। माना जाता है की शिशुनाग की पत्नी और महापद्मन के बीच प्रेम संबंध था और इसी का लाभ उठाकर महापद्मन ने शिशुनाग की हत्या कर दी और खुद गद्दी पर बैठ गया। 


- महापद्मन ने नंद वंश की नींव रखी। 


इन सभी के बाद अब हम "नंद वंश" के बारे में विस्तार से पढ़ेंगे - नंद वंश का इतिहास 


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