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भगवान शिव गले में मुंडमाला क्यों पहनते है ? - Shiv Mundamala Story in Hindi



 Bhagwan Shiv Gale me Mund Mala Kyo Pahante hai : भगवान शिव गले में मुंडमाला क्यों पहनते है ? - Shiv Mundamala Story in Hindi


भगवान महादेव की एक आदि योगी के रूप में रहते है। उनसे बड़ा योगी इस दुनिया में कोई और नहीं है। योग, ध्यान, साधना के साथ - साथ भोले नाथ अपना गृहस्ती जीवन भी जीते है। भगवान महादेव बहुत ही भोले है वे अपने भक्तो पर बहुत जल्द प्रसन्न भी हो जाते है और अपने भक्तो की सभी इच्छाओं को पूरा भी करते है। 



जिस तरह से भगवान भोलेनाथ की महिमा अपरमपार है उसी तरह से उनके रूप-स्वरुप की भी महिमा अपरमपार है। भगवान भोलेनाथ अपने साथ त्रिशूल, नाग, चन्द्रमा और मुंडमाला जैसी कई चीजों को रखते हैं।  


पुराणों के अनुसार भगवान भोलेनाथ जो कुछ भी अपने शरीर पर धारण करते हैं, उसके पीछे कोई न कोई रहस्य छुपा हुआ है। आइए जानते हैं उस रहस्य के बारे में जिसकी वजह से भगवान शिव धारण करते हैं मुंडमाला। 


भगवान भोलेनाथ के गले की मुंडमाला इस बात का प्रतीक है कि भगवान भोलेनाथ मृत्यु को भी अपने वश में किए हुए हैं। पुराणों के मुताबिक भगवान शिव के गले की यह मुंडमाला भगवान शिव और माता सती के प्रेम का प्रतीक भी है।  


ऐसी मान्यता हैं कि एक बार नारद मुनि के उकसाने पर माता सती ने भगवान भोलेनाथ से 108 शिरों वाली इस मुंडमाला के रहस्य के बारे में हठ करके पूछा था। भगवान भोलेनाथ के लाख मनाने पर भी जब माता सती नहीं मानी तब भोलेनाथ ने इसके रहस्य के बारे में माता सती को बताया था। 



भोलेनाथ ने माता सती से बताया कि मुंडमाला के ये सभी 108 सिर आपके ही हैं।  भोलेनाथ ने माता से कहा कि इससे पहले आप 107 बार जन्म लेकर अपना शरीर त्याग चुकी हैं और यह आपका 108वां जन्म है। 


अपने बार-बार शरीर त्याग करने के बारे में जब माता सती ने भोलेनाथ से पूछा कि ऐसा क्या कारण है? कि केवल मैं ही शरीर का त्याग करती हूं आप नहीं. माता सती के इस सवाल पर भोलेनाथ ने उन्हें बताया कि मुझे अमरकथा का ज्ञान है इसलिए मुझे बार-बार शरीर का त्याग नहीं करना पड़ता।  


इस पर माता सती ने भी भगवान भोलेनाथ से अमरकथा सुनने की इच्छा प्रकट की. ऐसा माना जाता है कि जब भोलेनाथ माता सती को अमरकथा सुना रहे थे तो माता सती कथा के बीच में ही सो गईं और उन्हें अमरत्व की प्राप्ति नहीं हो पाई। 


इसके बाद माता सती ने फिर से एक नया जन्म लिया और देवी पार्वती बनकर इस कथा को पूरा सुना। 


तो दोस्तों यह है भगवान महादेव का अपने गले में मुंडमाला धारण करने का रहस्य। अगर जानकारी पसंद आई है तो इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर जरूर करना।  भगवान महादेव की कृपा से आपके सभी कार्य जल्द पुरे होंगे। 


|| हर हर महादेव ||   


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