शिवरात्रि और महाशिवरात्रि में क्या अंतर है - महाशिव रात्रि क्यों मनाई जाती है ? | Shivratri Kyu Manayi Jati Hai | महाशिवरात्रि का महत्व, कथा, पूजा, व्रत : Maha Shivaratri 2021



Maha Shivaratri 2021 : दोस्तों सबसे पहले तो हम आपको बता दे की इस साल 2021 में महाशिवरात्रि 11 मार्च 2021 को है। इस दिन गुरुवार है। 




हिन्दू धर्म में बहुत त्यौहार मनाये जाते है जैसे - होली, दीपावली, रक्षाबंधन, भाई दूज आदि ऐसे बहुत त्यौहार मनाये जाते है लेकिन किसी के भी आगे महा शब्द का प्रयोग नहीं किया जाता है। भगवान शिव को समर्पित शिव रात्रि ही एक ऐसा त्यौहार है जिसके आगे महा शब्द लगाया जाता है। क्योकि इस त्यौहार का हमारे जीवन में एक विशेष महत्व भी है।  

 

दोस्तों सबसे पहले हम जान लेते है शिवरात्रि क्या होती है ?


शास्त्रों में सोमवार और प्रदोष का दिन भगवान शिव की पूजा के लिए उत्तम माना जाता है। हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को शिवरात्रि मनाई जाती है। इसे प्रदोष भी कहा जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, जब प्रदोष श्रावण महीने में आता है तो बड़ी शिवरात्रि मनाई जाती है। श्रावण महीने की चतुर्दशी तिथि को पड़ने वाली शिवरात्रि को धूमधाम से मनाया जाता है।


अब जानते है महाशिवरात्रि का क्या अर्थ है ?


महाशिवरात्रि, को सर्वाधिक महत्वपूर्ण माना जाता है, जो फरवरी-मार्च माह में आती है। इस रात, ग्रह का उत्तरी गोलार्द्ध इस प्रकार अवस्थित होता है कि मनुष्य के भीतर ऊर्जा प्राकृतिक रूप से ऊपर की और जाती है। यह एक ऐसा दिन है, जब प्रकृति मनुष्य को उसके आध्यात्मिक शिखर तक जाने में मदद करती है। 


इस समय का उपयोग करने के लिए, इस परंपरा में, हम एक उत्सव मनाते हैं, जो पूरी रात चलता है। पूरी रात मनाए जाने वाले इस उत्सव में इस बात का विशेष ध्यान रखा जाता है कि ऊर्जाओं के प्राकृतिक प्रवाह को उमड़ने का पूरा अवसर मिले – आप अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखते हुए – निरंतर जागते रहे। 


महाशिवरात्रि आध्यात्मिक पथ पर चलने वाले साधकों के लिए बहुत महत्व रखती है। यह उनके लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है जो पारिवारिक परिस्थितियों में हैं और संसार की महत्वाकांक्षाओं में मग्न हैं।


एक कथा के अनुसार माना जाता है कि सृष्टि का प्रारंभ इसी दिन से हुआ है। पौराणिक कथाओं के अनुसार इस दिन सृष्टि का आरम्भ अग्निलिंग (जो महादेव का विशालकाय स्वरूप है) के उदय से हुआ है। इसी दिन भगवान शिव का विवाह देवी पार्वती के साथ हुआ था। साल में होने वाली 12 शिवरात्रियों में से महाशिवरात्रि को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है  भारत सहित पूरी दुनिया में महाशिवरात्रि का पावन पर्व बहुत ही उत्साह के साथ मनाया जाता है। 


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!! धन्यवाद !!



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