कुषाण वंश का इतिहास - Kusaan Dynasty | Kusaan Vansh History in Hindi | Videshi Samrajya



कुषाण वंश का इतिहास - Kusaan Dynasty | Kusaan Vansh History in Hindi | Videshi Samrajya


- कुषाण वंश का प्रथम शासक कडफीस या कुजुल कडफिसेस प्रथम था. अफगानिस्तान से भारत में सिन्धु नदी तक उसका साम्राज्य था. उसकी विजयों के बारे में पान-कू के ग्रंथ हाऊ-हान-शू तथा उसके सिक्कों से पता चलता है. उसने पार्थियनों को हराकर किपिन तथा काबुल क्षेत्र अपनी तरफ कर लिया। 


- भारत में आये हुए जितने भी विदेशी साम्राज्य थे कुषाण उनमें से सबसे शक्तिशाली थे।


- युकीज को पांच कुलों में बांटा गया था जिनमें से कुषाण एक थे।


- कोजोला कादफीस या कादफीसेस –I प्रथम युकी सम्राट था। उसने भारतीय देवी देवताओं की आकृतियुक्त कई सिक्के चलाए।


- उसके सिक्कों पर हाथ में त्रिशुल लिए हुए शिव एवं एक सांड की आकृति से यह प्रतीत होता है कि वह शिव का उपासक था।



- कुषाण वंश ने जारी किया था पहला सोने का सिक्का, इस पर अंकित थी शिव और नंदी की प्रतिमा 


- कुषाण वंश के संस्थापक कुजुल कडफिसेस का ही एक वंशज, कनिष्क बख्त्रिया से इस साम्राज्य पर सत्तारूढ हुआ, जिसकी गणना एशिया के महानतम शासकों में की जाती है, क्योंकि इसका साम्राज्य तरीम बेसिन में तुर्फन से लेकर गांगेय मैदान पाकिस्तान और समस्त उत्तर भारत में बिहार एवं उड़ीसा तक आते हैं। 


इसके बाद अब हम "कुषाण वंश के सबसे शक्तशाली शासक" के बारे में विस्तार से पढ़ेंगे - कनिष्क का इतिहास


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