शक वंश का इतिहास - Shaka Dynasty | Shak Vansh History in Hindi | Videshi Samrajya



शक वंश का इतिहास - Shaka Dynasty | Shak Vansh History in Hindi | Videshi Samrajya



- शक मध्य एशिया की खाना बदोश जनजाति थी। इन्होने हिंद –यवनी साम्राज्य को भारत के उत्तर –पश्चिम क्षेत्र से खदेड़ दिया था।


- शको ने भारत में बोलन दर्रे के माध्यम से प्रवेश किया।


- उन्होने प्रथम शताब्दी ई.पू. से चतुर्थ शताब्दी ईस्वी तक शासन किया।


- ये पांच शाखाओं में विभाजित थे और इन्होने स्वयं को भारत के विभिन्न भागों में स्थापित कर लिया था।


- प्रथम शाखा अफगानिस्तान में, द्वितीय शाखा पंजाब में, तृतीय शाखा मथुरा में स्थापित की गई।


- चतुर्थ शाखा ने उत्तरी भारत में अपनी पकड़ बनाये रखी जिसके कारण ये चतुर्थ शताब्दी ईसवी तक शासन करने में सफल रहे।


- पांचवी शाखा ने दक्कन (दक्षिण) के ऊपरी भाग में अपना प्रजापत्य स्थापित किया।


- सबसे महत्वपूर्ण शासक रूद्रदामन था जिसने उज्जैन में 150 ईसवी में शासन किया।


- शक राजाओं ने एक राजा के साथ युद्ध किया जिसे विक्रमादित्य कहा जाता था। इस युद्ध में विक्रमादित्य विजयी हुआ एवं शक राजाओं पर 57 ई.पू. की इस विजय के बाद का समय विक्रम संवत के नाम से जाना गया।


- रूद्रादमन –I ने जुनागढ़ में शुद्ध संस्कृत में लिखा सर्वप्रथम अभिलेख जारी किया। जुनागढ़ लेख से यह ज्ञात होता है कि सुदर्शन झील का जीर्णोद्वार का कार्य भी रूद्रदामन द्वारा किया गया था।


- अंतिम शक शासक रूद्रसिम्हा –II था जिसे 390 ईस्वी में गुप्त वंश के शासक चद्रंगुप्त ने परास्त किया।


इसके बाद अब हम "पार्थियन साम्राज्‍य" के बारे में विस्तार से पढ़ेंगे - पार्थियन साम्राज्‍य या पहलवी साम्राज्य का इतिहास


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