शुंग वंश का इतिहास - Shung Vansh Ka Itihas | History of Shung Dynasty in Hindi | Shunga Empire



शुंग वंश का इतिहास - Shung Vansh Ka Itihas | History of Shung Dynasty in Hindi | Shunga Empire



- मौर्य राजवंश के बाद प्राचीन भारत में राज करने वाला वंश शुंग राजवंश था। इसका समय काल 185 ई.पू. -75 ई.पू. माना जाता है। 


- मौर्य वंश की समाप्ति के पश्चात शुंग वंश अस्तित्व में आया।


- ये ब्राहाम्ण वर्ग के लोग थे।


- यह राजवंश 112 वर्षों तक रहा था।


- पुष्यमित्र शुंग इस राजवंश का प्रथम शासक था।


-  शुंग उज्जैन प्रदेश के थे, जहाँ इनके पूर्वज मौर्यों की सेवा में थे। शुंगवंशीय पुष्यमित्र अन्तिम मौर्य सम्राट बृहद्रथ का सेनापति था। उसने अपने स्वामी की हत्या करके सत्ता प्राप्त की थी।


- मौर्य राजवंश का अंतिम शासक अयोग्य था। भारतवर्ष की रक्षा के लिए सेनापति पुष्यमित्र शुंग ने बृहद्रथ की हत्या कर सम्राज्य की सीमाओं का और अधिक विस्तार किया। साथ ही अन्य बाहरी आक्रमणकारियों से प्रजा की रक्षा की थी। 


- पंतजलि ने पुष्यमित्रशुंग के लिए अश्वमेध यज्ञ करवाया था।


- पुष्यमित्र शुंग के बाद उसका पुत्र अग्निमित्र सिंहासन पर बैठा। अग्निमित्र कालिदास के विख्यात नाटक का मुख्य पात्र था।


- भागवत के शासनकाल में हेलिओडोरस उसके राजदरबार में आया था। यह अतंलिखित का राजदूत था। हेलिओडोरस एवं भागवत ने मिलकर बेसनगर स्तंभ का निमार्ण करवाया।


- देवभूती इस वंश का अंतिम शासक था एवं इनके बाद कण्व राजवंश अस्तित्व में आया।


इस वंश के शासकों की सूची इस प्रकार है -


+ पुष्यमित्र शुंग (185 - 149 BCE)


+ अग्निमित्र (149 - 141 BCE)


+ वसुज्येष्ठ (141 - 131 BCE)


+ वसुमित्र (131 - 124 BCE)


+ अन्ध्रक (124 - 122 BCE)


+ पुलिन्दक (122 - 119 BCE)


+ घोष शुंग


+ वज्रमित्र


+ भगभद्र


+ देवभूति (83 - 73 ई)


इसके बाद अब हम शुंग वंश के प्रथम शासक "पुष्यमित्र शुंग" के बारे में विस्तार से पढ़ेंगे - पुष्यमित्र शुंग का इतिहास



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