सावन के महीने में ही क्यों की जाती है भगवान शिव की पूजा, जानिए रहस्य - Why Shravan Month is Celebrated For Lord Shiva



भगवान शिव को सावन का महीना बहुत प्रिय है। शास्त्रों में बताया जाता है जो भी भक्त सच्चे मन से सावन के महीने में शिवजी की पूजा करता है, उसी सभी मनोकामना पूरी होती हैं और शुभ फल भी प्राप्त होते हैं। इस बार सावन में 4 सोमवार हैं और हर सोमवार पर अद्भुत योग बन रहा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सावन के महीने में ही भगवान शिव की पूजा क्यों होती है, आखिर भगवान शिव को यह महीना क्यों प्रिय है? आइए जानते हैं इसके पीछे के महान रहस्य के बारे में…



माता सती ने भगवान शिव को हर जन्म में पाने का प्रण किया था, उन्होंने अपने पिता राजा दक्ष के घर योगशक्ति से अपने शरीर का त्याग कर दिया था। इसके बाद उन्होंने हिमालय राज के घर पार्वती के रूप में जन्म लिया था। माता पार्वती ने सावन के महीने में भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी और उनसे विवाह किया। इसलिए भगवान शिव को सावन का महीना विशेष प्रिय है।



देवशयनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु सो जाते हैं पौराणिक मान्यता के अनुसार इस दिन से सभी देवी - देवता योग निंद्रा में चले जाते है। इस समय सिर्फ भगवान शिव और उनका परिवार ही धरती पर विचनर करता है। बाकी देवता ध्यान में चले जाते है। ऐसे में इन महीनों में शिव की पूजा का विशेष फल भी प्राप्त होता है। जब तक भगवान विष्णु विश्राम करते है तब तक कोई भी मांगलिक कार्य नहीं किया जाता है। 


चातुर्मास माह में भगवान विष्णु सो जाते हैं तब रूद्र पर सृष्टि का भार आ जाता है। भगवान रूद्र प्रसन्न भी बहुत जल्दी होते हैं और क्रोध भी उनको बहुत जल्दी आता है। इसलिए सावन के महीने में भगवान शिव के रुद्राभिषेक का विशेष महत्व बताया गया है। ताकि पूजा से वह प्रसन्न रहें और भक्तों पर अपना आशीर्वाद बनाए रखें। 


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