भारतीय सैनिक पर निबंध | Bhartiya Sainik Essay in Hindi

भारतीय सैनिक पर निबंध | Bhartiya Sainik Essay in Hindi – essay on indian army in hindi – essay on indian soldier in hindi नमस्कार । जैसा कि हम सब जानते है विश्व के समस्त राष्ट्र अपने अपने देश की रक्षा करने के लिए सेना निर्माण करता है , हजारों लाखों सैनिकों की कड़ी से तैयार होती है एक सेना ।।

सैनिक बनना सौभाग्य और बड़े ही गर्व की बात होती है । वर्तमान में भारतीय सैनिक की वीरता और त्यागमय जीवन की श्रेष्ठता यह पूरा संसार मानता है। और भारतीय सैनिकों के लिए गौरव की बात तो यह है कि आज सारे विश्व में यदि किसी देश के सैनिकों को पूरी तरह समझा जाता है, तो वे भारत के सैनिक ही हैं।

संयुक्त राष्ट्र संघ की सेना के अंतर्गत कई बार भारतीय सेना की समीक्षा हो चुकी है। संयुक्त राष्ट्र संघ ने युधतर कोरिया, वियतनाम आदि कई स्थानों पर भारतीय सेना को शांति-व्यवस्था स्थापित करने और आम जनता की रक्षा के लिए पूर्ण विश्वास के साथ भारतीय सेना को भेजा।

भारतीय सेना ने किसी भी क्षेत्र में संयुक्त राष्ट्र संघ के विश्वास को ठेस नहीं पहुंचाई । सभी क्षेत्र में अपनी विश्वास को बनाए रखा ।
आपको ज्ञात होगा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारतीय सेना को अनेक अवसरों पर अपने देश की आन बान और शान को बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ा।

आपने सुना होगा सन् 1962 में चीन के साथ उत्तर-पूर्वी सीमा पर अचानक संघर्ष हो गया जिसमें भारतीय सेना को एकबारगी चाहे पीछे हटना पडा पर समय पर उचित शस्त्रों के नहीं होने पर भी भारतीय सेना ने अपना मस्तक नीचा नहीं होने दिया।
सन् 1965 में पाकिस्तान द्वारा अमरीकी टैंको से भारत पर अचानक हमला करने पर भारतीय सैनिकों ने खेमकरण के इलाके को अमेरिकी टैंकों का कब्रिस्तान बना दिया था। वे लाहौर और स्यालकोट तक शत्रु सेना को भगाकर आए थे।

1971 में बंग्लादेश बनवाना भारतीय सेना का ही एक अद्भुत ऐतिहासिक कारनामा है। इस प्रकार भारतीय सेना का प्रत्येक सैनिक अपने घर-परिवार से दूर रहते हुए, अपने सीमित साधनों के साथ अपने गौरव की रक्षा डटकर कर रहा है। जितनी सुविधाएँ उसे मिलनी चाहिए ,

उतनी सारी सुविधाएं उसे निश्चय ही उसे नहीं मिल पाती है इस कारण वह यदाकदा असंतुष्ट भी रहता है। लेकिन हर सम्भव वह अपने देश की रक्षा करने को आतुर रहता है और समय आने पर वह सैनिक अपने तिरंगे की आन बान शान को बचाने के लिए घर परिवार पत्नी , बच्चे मां – बाप सबको भूलकर सिर्फ अपने देश के लिए मर मिटता है जिसे हम सम्मान पूर्वक शहीद का दर्जा देते है ।
आजकल के नवयुवक सेना में अा रही निरन्तर कमियों और सुविधाओं में कमियों के कारण सेना को अपना कैरियर नहीं बनाना चाहते है ।।

इसके लिए भारत सरकार को चाहिए कि भारतीय सैनिक का उच्च मनोबल बना रहे इसके लिए अन्य मदों में से धन काटकर, भ्रष्टाचार को जड़ से मिटाकर सैनिकों की हर सम्भव सहायता करें और उनकी तमाम आवश्यकताआे को पूरा करने के लिए संकल्पित हो ।

सेना का हर सैनिक रहना प्रसन्न हर हाल चाहिए ,
अगर खुशियों भरा सबको हर त्योहार चाहिए ।।

इसी क्रम में भारतीय सेना के संदर्भ में शायरी पढ़ने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें
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देश भक्ति शायरी | Desh bhakti Shayari | Gulshan Kumar

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Gulshan Kumar gk

Shayri lover Article writer in Hindi

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