इंटरनेशनल टी ट्वेंटी में 2000 रन पूरे करने वाली भारतीय महिला क्रिकेटर – मिताली राज

इंटरनेशनल ट्वेंटी टवेंटी में 2000 रन पूरा करने वाली भारतीय महिला क्रिकेटर का संघर्ष

मिताली राज को सन 1999 में श्रीलंका के टूर के लिए चुना गया था ।
उनके पिताजी ने उन्हें श्री लंका भेजने के लिए बैंक से कर्ज लिया और मिताली राज के स्कूल वालों को जमा करवा दिया । बैंक से टूर के लिए कर्ज लेना उस समय बड़ा संघर्ष था ।। 1999 तक महिला क्रिकेटरों की कोई साख नहीं थी ।
मिताली राज संघर्ष करते हुए खुद को टूटने से बचाने के लिए और कुछ बनने के लिए आगे बढ़ी ।।

मिताली राज के अनुसार – हर हाल में उम्मीद का दिया जलना चाहिए । आज महिला बीसीसीआई के अधीन है , लेकिन उस समय जब महिला क्रिकेटर्स बोर्ड के अंडर नहीं थी , हम बुनियादी सुविधाओं से भी महरूम थे । एक भारतीय क्रिकेटर के रूप में मिताली ने रेल से अनारक्षित यात्राएं की है । मिताली राज ने उस समय भी कुछ अच्छा हासिल करने की उम्मीद नहीं छोड़ी थी ।।

मितालिराज अपने क्रिकेट शिविर में एक मात्र लडकी थी ।
कुछ लडके उन्हें कमतर ठहराने का मौका नहीं छोड़ते थे , ये इसलिए होता था क्योंकि लड़कों का मानना था कि लडकी क्रिकेट नहीं खेल सकती है ।

अब लडके मिताली राज से ऑटोग्राफ मांगते है , वे समझ चुके है कि लड़कियां भी मैदान पर है ।। क्रिकेट और खेल अकादमियों में अब बहुत सी लड़कियां है ।।

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Gulshan Kumar gk

Shayri lover Article writer in Hindi

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