प्रेम की भक्ति : राम भजन हिन्दी लिरिक्रस

राम नाम की लूट है लूट सके तो लूट

अंत काल पछतायेगा जब प्राण जाएंगे छूट

मेरे प्रेम की भक्ति राम को भजले भजले राम की ज्योति

मेरे प्रेम की भक्ति मेरे प्रेम की भक्ति मेरे प्रेम की भक्ति मेरे प्रेम की भक्ति

प्रेम की भक्ति : राम भजन हिन्दी लिरिक्रस ( Ram Bhajan Hindi Lyrics )

राम के नाम को रटने से भवसागर पार उत्तर जावे

हरि का नाम सुनने से तेरे मन का भाव सुधर जाए

जग में नाम भवसागर से तर जावे

मेरे प्रेम की भक्ति मेरे प्रेम की भक्ति

पाप कर्म जो करता है पापों का भागी होता है , जपे नहीं वह रात भर आपको वृथा जग को खोता है

मेरे प्रेम की भक्ति मेरे प्रेम की भक्ति मेरे राम की भक्ति

मेरे राम की भक्ति धोखा देकर इंद्र ने गौतम के घर में आया रे

श्राप दिया तब गौतम जी ने तन को दाग लगाया रे

हुई शीला की डारी रे जब राम ने पेड़ लगाया रे जब राम ने पेड़ लगाया रे

मेरे राम की भक्ति मेरे प्रेम की भक्ति मेरे राम की भक्ति मेरे प्रेम की भक्ति

बनवास हुआ जब रामचंद्र शबरी के घर में आए रे शबरी के घर में आए रे

प्रेम मगन हो शबरी ने तब जूठे बेर खिलाए रे तब जूठे बेर खिलाए

ऋषि कृपा से भीलनी ने बैकुंठ धाम को पाया रे

मेरे राम की भक्ति मेरे प्रेम की भक्ति मेरे राम की भक्ति मेरे प्रेम की भक्ति

दुनिया रचने वाले तेरी अजब निराली माया है समझ ना आए माया तेरी, भेद कोई नहीं पाया है

मैं प्रभु तुझे मन से अपने मन में बसाऊं राम नाम मेरा पूरा जीवन यू ही लगाउ

मेरे प्रभु श्री राम की भक्ति मेरे प्रेम की भक्ति मेरे राम की भक्ति मेरे प्रेम की भक्ति

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