सिंधु घाटी सभ्यता का अंत और आर्य समाज का भारत आगमन | Indus Valley Civilization

Sindhu Ghati Sabhyata in Hindi – Indus Valley Civilization – सिंधु घाटी सभ्यता का अंत और आर्य समाज का भारत आगमन और हिन्दू धर्म का नामकरण ।

आप सभी का madhushala.info में बहुत बहुत स्वागत है , आज मै आपको भारत में सनातन धर्म का इतिहास और कैसे हिन्दू नाम सनातन धर्म का पड़ा यह बताने की कोशिश करूंगा अगर आर्टिकल पसंद आए तो कृपया लाइक , कमेंट जरुर करें धन्यवाद ।।

जैसा कि हमने पढ़ा होगा या कहीं सुना होगा कि हमारे देश भारत का इतिहास बेहद प्राचीन यानि हज़ारों साल पुराना माना गया है ।

> भारत में स्थित सिंधु नदी के आस पास की खुदाई जिसे सिन्धु घाटी सभ्यता कहा जाता है और , जिसका आरंभ काल लगभग 3300 ईसापूर्व माना गया है ।

> सिंधु सभ्यता प्राचीन मिस्र की सभ्यता और सुमेर सभ्यता के साथ विश्व की प्राचीनतम सभ्यता में से एक हैं।

> सिंधु सभ्यता की लिपि अब तक किसी भी इतिहासकार साहित्यकार या विद्वानों से नहीं पढ़ी जा सकी ।

> सिंधु घाटी सभ्यता वर्तमान पाकिस्तान और उससे सिंधु नदी से सटे भारतीय क्षेत्रों में फैली हुई सभ्यता थी ।

> 19 वी शताब्दी के पाश्चात्य विद्वानों के अनुसार आर्य समाज का एक हिस्सा भारतीय सीमा पर तकरीबन 2000 ईसा पूर्व के आसपास पहुंचा ।

> आर्य समाज का यह हिस्सा सबसे पहले पंजाब में बस गया

> पंजाब में बसने के बाद आर्य समाज ने ऋग्वेद की रचना की ।

> ऋग्वेद की रचना के दौरान आर्यों द्वारा उत्तर तथा मध्य भारत में एक विकसित सभ्यता का निर्माण किया गया ।

> चूंकि वैदिक साहित्य रचना के दौरान इस सभ्यता का निर्माण हुआ तो इसे वैदिक सभ्यता भी कहते हैं।

> पौराणिक भारत के इतिहास में वैदिक सभ्यता सबसे प्रारंभिक सभ्यता है जिसका संबंध आर्यों के आगमन से है।

> हम आपको बता दे की आर्यों की भाषा संस्कृत थी और धर्म “वैदिक धर्म” या “सनातन धर्म” के नाम से प्रसिद्ध था ।

> बाद में विदेशी आक्रांताओं द्वारा इस वैदिक धर्म या सनातन धर्म का नाम हिन्दू पड़ा।

इस प्रकार से ज्ञात होता है कि हिन्दू आरी समाज की संतान है और धर्म पहले वैदिक धर्म और सनातन धर्म से जाना जाता था और बाद में धर्म का नाम हिन्दू धर्म नाम पड़ा .

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Gulshan Kumar gk

Shayri lover Article writer in Hindi

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